November 26, 2020

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सरकारी इंजीनियर का कारनामा, 50 बच्चों का किया यौन शोषण, घर से 8 मोबाइल, सेक्स टॉय, पोर्न सामग्री और 800000 कैश मिले

उत्तर प्रदेश के एक सरकारी जुनियर इंजीनियर का कारनामा इन दिनों चर्चा में है. 50 से अधिक बच्चों के यौन शोषण के आरोपी इस इंजीनियर को अब सस्पेंड कर दिया गया है.

बांदा|बच्चों के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार हुए निलंबित जेई रामभवन के अधिवक्ता की दलील पर गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होगी। इससे पहले बुधवार को आरोपी की कोर्ट में पेश हुई जहां सीबीआई ने आरोपी की पांच दिन की रिमांड मांगी। फिलहाल आरोपी जेई मंडल कारागार में कैद है। उधर सीबीआई आरोपी इंजिनियर के घर से मिले आठ मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान को खंगाल रही है। उसके पास से 66 पॉर्न वीडियो और 600 फोटो बरामद हुई हैं। 

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सिंह पर चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर जिलों में 5 से 16 साल की आयु के करीब 50 बच्चों के साथ कुकृत्य करने का आरोप है. उसे बांदा से गिरफ्तार किया गया और जल्द एक सक्षम अदालत में पेश किया जा सकता है. अधिकारियों के अनुसार सीबीआई को तलाशी के दौरान आठ मोबाइल फोन, करीब आठ लाख रुपये नकदी, सेक्स टॉय, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. उन्होंने बताया कि आरोप है कि सिंह पिछले 10 साल से इस काम को अंजाम दे रहा था. समझा जाता है कि उसने जांचकर्ताओं को बताया कि वह बच्चों को इस बारे में मुंह बंद रखने के लिए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देता था. 


5 से 16 साल की उम्र वाले बच्चों को बनाया था निशाना
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी इंजिनियर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के 5 से 16 साल की उम्र वाले बच्चों को ही अपना निशाना बनाता था। वह अब तक 50 बच्चों को अपना निशाना बना चुका था। बच्चों का यौन शोषण करने के दौरान वह मोबाइल से वीडियो क्लिप और फोटो बनाता था। बाद में इसे इंटरनेट के जरिए डार्क वेब पर बेचता था।

गरीब बच्चों को मोबाइल का लालच देकर फंसाता था
सीबीआई की पड़ताल में यह सामने आया है कि रामभवन ज्यादातर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले, फुटपाथ पर सामान बेचने वाले और ठेके पर काम करने वाले बच्चों को फंसाकर यौन शोषण करता था। वह उन बच्चों को निशाना बनाता था, जिन्हें आसानी से कुछ पैसे, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, खाने-पीने का सामान या अन्य कोई सामान का लालच देकर बुलाया जा सकता था।

सीबीआई 10 बच्चों से करेगी संपर्क
ऐसे बच्चे आसानी से उसका शिकार बन जाते थे। उसने अपने घर पर काम करने वाले बच्चों को भी नहीं बख्शा। मूलरूप से बांदा निवासी जेई रामभवन की पोस्टिंग आसपास के जिलों में ही रही। अब सीबीआई टीम पीड़ितों का पता लगाने और उनके बयान दर्ज करने और रामभवन के खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्र कर केस को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

सीबीआई ने अब तक 10 बच्चों की पहचान कर ली है जिन्हें जेई ने यौन शोषण के जाल में फंसाया था। अब सीबीआई पीड़ित बच्चों और परिवारीजन से भी संपर्क कर जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

मोबाइल और लैपटॉप से मिले 66 वीडियो, 600 फोटो

उधर जेई के मोबाइल और लैपटॉप से अब तक की छानबीन में 66 चाइल्ड पॉर्न वीडियो और 600 फोटो मिले हैं। इससे पता चलता है कि आरोपी बुरी तरह से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के धंधे में शामिल था।

किराये के मकान को बनाया था अड्डा
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि जेई रामभवन ने कर्वी नगर के शोभा सिंह का पुरवा (एसडीएम कॉलोनी) में किराये के मकान को अपना अड्डा बना रखा था। जेई के पास से आठ लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद हुई है। हालांकि संगीन मामले में जेई के खिलाफ कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। लेकिन कुछ बच्चे दबी जुबां से जेई की करतूत से पर्दा उठा रहे हैं।

मोबाइल वीडियो गेम खेलने के बहाने बुलाता था
बच्चों ने बताया कि जेई अंकल मोबाइल में वीडियो गेम खिलाने के लिए घर पर बुलाते थे। उनके पास तमाम मोबाइल हैं, जिनमें एक-एक बच्चे को अलग-अलग समय घर पर बुलाकर घंटों मोबाइल पर गेम खिलाते थे।

ऐसे सीबीआई के चंगुल में आया आरोपी इंजिनियर
सीबीआई दिल्ली की विशेष ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूस ऐंड एक्स्प्लॉइटेशन (ओसीएसएई) प्रिवेंशन/इंवेस्टिगेशन यूनिट की मॉनिटरिंग में आरोपी जेई रामभवन की करतूत सामने आई। सीबीआई टीम ने डेढ़ महीने की गहन छानबीन के बाद 16 दिन तक गिरफ्तारी का जाल बुना था। रामभवन के तार दिल्ली और सोनभद्र तक जुड़े थे, इसके बाद उस पर शिकंजा कसा गया।

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