November 26, 2020

Such Ke Sath

सच के साथ – समाचार

हाथरस के सियासी मजमे पर जमकर चली लाठी, पंचायत में हुई ये बड़ी मांग

हाथरस पर आज सबसे बड़ी पंचायत हुई. जिस पंचायत को सवर्णों की पंचायत कहा जा रहा था, उसे सर्वधर्म सर्व समाज पंचायत का नाम देकर ये संदेश देने की कोशिश की गई कि ये पंचायत जाति के नाम पर आयोजित नहीं की गई थी.

नई दिल्ली : हाथरस मामला लगातार यूपी की सियासी सरगर्मी को लगातार बढ़ा रहा है. एसआईटी जांच के बीच आज भी हाथरस में राजनेता पीड़ित परिवार के घावों पर सियासी मरहम लगाने पहुंचे. दरअसल आज पीड़ित परिवार से मिलने समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल हाथरस पहुंचा था जिसमें धर्मेंद यादव भी शामिल थे. वहीं इसी दौरान राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की. 
 
सहानुभूति जताने में भीड़ का क्या काम ?
कोरोना काल की चुनौतियों के बीच सवाल ये है कि समाजवादी पार्टी और आरएलडी के नेता पीड़ित परिवार का दर्द बांटने के लिए निकले थे या फिर सियासत चमकाने, क्योंकि मंशा अगर दर्द बांटने की थी तो फिर इस लाव-लश्कर की जरूरत क्या थी? यानी बिना मास्क के प्रदर्शन के नाम पर समर्थकों की भीड़ जुटाकर सरकार पर दबाव बनाने से हाथरस की बेटी को इंसाफ मिल जाएगा.

SIT ने दर्ज कराया पिता का बयान
उधर SIT की टीम एक बार फिर पीड़ित परिवार के घर पहुंची और पीड़िता के पिता का बयान दर्ज किया. वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी आज पीड़ित परिवार के घर पहुंची. हाथरस के नए एसपी विनीत जायसवाल ने जहां वारदात हुई थी उस जगह का मुआयना करते हुए मामला समझा. गौरतलब है कि सरकार ने लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन एसपी विक्रांत वीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था.

सभी के नार्को टेस्ट की मांग 
रिपोर्टिंग के दौरान पंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि CBI जांच से निष्पक्ष फैसला होगा. लोगों का कहना था कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी सामने आए इसके लिए सभी पक्षों का नार्को टेस्ट होना चाहिए.

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...
Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Powered By : Webinfomax IT Solutions .
EXCLUSIVE