January 17, 2021

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अमेरिका में अब सत्‍ता हस्‍तांतरण का सघंर्ष: बाइडन ने ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप,जानिए

नई दिल्ली|अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने डोनाल्‍ड ट्रंप पर आरोप लगाया है कि वह राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों की जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा है कि निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा कुछ प्रमुखों सुरक्षा विभागों के हस्तांतरण में बाधा खड़ी की जा रही है। ट्रंप का यह कदम सत्‍ता हस्‍तांतरण की दिशा में उनके असहयोगात्‍मक रवैये को दर्शाता है। खास बात यह है कि बाइडन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन ने सत्‍ता हस्‍तांतरण को मंजूदी दे दी है। बता दें अमेरिका राष्‍ट्रपति चुनाव में डोनाल्‍ड ट्रंप चुनाव हार चुके हैं। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन 20 जनवरी को सत्‍ता ग्रहण करेंगे।

सत्‍ता हस्‍तांतरण को लेकर क्‍या है अमेरिकी परंपरा

दरअसल, अमेरिका में परंपरा यह है कि राष्‍ट्रपति चुनाव के बाद पराजित राष्‍ट्रपति नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति के सत्‍ता हस्‍तांतरण में सहयोग करता है ताकि नए राष्‍ट्रपति को कार्यभार ग्रहण करने के बाद शासन के संचालन में दिक्‍कत न हो। इस क्रम में निर्वतमान राष्‍ट्रपति व्‍हाइट हाउस की सभी अहम जानकारियों को न‍वनिर्वाचित राष्‍ट्रपति की टीम के साथ साझा करता है। यही वजह है कि अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव के तीन महीने बाद नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति विधि विधान से सत्‍ता ग्रहण करता है, ताकि वह सभी अहम विषय उसके संज्ञान में हो। इस अंतराल में नविनिर्वाचित राष्‍ट्रपति की टीम को सभी मसलों की जानकारी साझा की जाती है, लेकिन बाइडन ने राष्‍ट्रपति ट्रंप पर आरोप लगाया है कि वह सुरक्षा से जुड़े मसलों की जानकारी साझा नहीं कर रहे है। यह एक तरह से उस परंपरा का उल्‍लंघन है, जिसका अब तक सभी राष्‍ट्रपति निर्वाह करते आए हैं और यह एक जरूरी विधान है। एक परंपरा है।

चीन से निपटने की रणनीति पर दिया ध्‍यान

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने अगले चार वर्षों के लिए अमेरिका-चीन संबंधों के लिए अपना फार्मूला तय करते हुए सोमवार को कहा कि वाशिंगटन को बीजिंग का सामना करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के गठबंधन का निर्माण करना जरूरी है। उन्‍होंने कह कि हम चीन के साथ अपने व्यापार दुर्व्यवहार, प्रौद्योगिकी, मानवाधिकारों और अन्य मोर्चों के लिए चीन की सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जब हम समान विचारधारा वाले सहयोगियों और साझा हित और हमारे साझा मूल्यों के गठजोड़ का निर्माण करेंगे तो हमारी स्थिति और मजबूत होगी।

चीन की चुनौतियों से निपटने के लिए यह जानकारी जरूरी

बाइडन ने कहा कि अगले चार वर्षों तक अमेरिका व चीन के संबंधों के निर्धारण के लिए यह जानकारी काफी उपयोगी होगी। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रपति ट्रंप की ओर से हमारी टीम और नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति कमला हैरिस को राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके चलते हमारी टीम को विदेश नीति और राष्‍ट्रीय सुरक्षा को सेट करने में एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि देश के कूटनीतिक मोर्चे पर नई टीम को रणनीति बनाने के लिए यह जानकारी काफी अहम है।

फिलीपींस के राष्ट्रपति Duterte की अमेरिका को धमकी, कहा – ‘Vaccine नहीं मिली, तो रद्द हो जाएगा सैन्य समझौता

कोरोना वैक्सीन को लेकर अब धमकियों का खेल भी शुरू हो गया है. फिलीपींस (Philippines) के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते (Rodrigo Duterte) ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा है कि यदि US द्वारा वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई गई, तो दोनों देशों के बीच सैन्य समझौता रद्द कर दिया जाएगा. दुतेर्ते ने कहा कि अगर कोरोना से जंग में अमेरिका हमें जल्द वैक्सीन मुहैया नहीं कराता, तो हम ‘विजिटिंग फोर्सेस एग्रीमेंट’ (Visiting Forces Agreement) को रद्द करने की दिशा में आगे बढ़ने को मजबूर हो जाएंगे.

US की तरफ से अब तक नहीं आई कोई प्रतिक्रिया

फिलीपींस (Philippines) के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते (Rodrigo Duterte) ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि अमेरिका के साथ सैन्‍य समझौता रद्द होने की कगार पर है. यदि यूएस ने 20 मिलियन वैक्सीन जल्द उपलब्ध नहीं कराई, तो अमेरिकी सेना को फिलीपींस छोड़ना होगा. दुतेर्ते ने शनिवार को एक बैठक के दौरान कहा कि ‘नो वैक्सीन, नो स्टे’. यानी अगर अमेरिका वैक्सीन नहीं देता, तो उसकी सेना को फिलीपींस में ठहरने की अनुमति नहीं मिलेगी.  राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के इस बयान पर अमेरिका की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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