May 20, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

इस्कॉन

हम हिंदुओं की सबसे बड़ी कमजोरी है कि हम खुद अपने धर्म को विश्व में फैलता या बढ़ता देख जलन से भर जाते हैं, कुछ लोग सोशल मीडिया पर इस्कॉन के बारे में लिख रहे हैं कि यह गलत है ईसाईयों के द्वारा संचालित होता है इत्यादि इत्यादि।हलाकि मैं इस्कॉन से जुड़ा हुआ नहीं हूं लेकिन इस्कॉन के बारे में बहुत कुछ जानता हूं इस्कान की स्थापना अमेरिका में स्वामी प्रभुपाद ने की थी जो एक भारतीय थे।उन्होंने हरे रामा हरे कृष्णा का मंत्र दिया और देखते ही देखते लाखों ईसाई उनके शिष्य बन गए।उन्होंने पूरे विश्व में इस्कान मंदिरों की स्थापना की।आज सऊदी अरब को छोड़कर समूचे विश्व मे कृष्ण और राम मंदिर है और इस्कॉन मंदिर में भगवान श्री राम जानकी लक्ष्मण और साथ में राधा और कृष्ण की मूर्ति स्थापित होती है।

अमेरिका रूस जैसे देश तो छोड़ दीजिए बुलगारिया लेबनान वियतनाम लातविया लिथुआनिया यूक्रेन जैसे तमाम छोटे छोटे देश भी हैं जहां आज इस्कॉन की मंदिर है।अमेरिका के हवाई में पांच इस्कॉन मंदिर है।सुदूर दक्षिण अमेरिका के देश जैसे ब्राजील में 12 इस्कॉन मंदिर है।अर्जेंटीना में चार इस्कॉन मंदिर है। पेरू में तीन इस्कॉन मंदिर है यहां तक कि पाकिस्तान के कराची और लाहौर में भी इस्कॉन मंदिर है।इस्कॉन संस्था पूरे विश्व में हिंदुत्व को फैलाने में सबसे बड़ा रोल अदा किया है।स्वामी विवेकानंद के बाद विदेश की धरती पर यदि हिंदुत्व का परचम लहराया है तो वह इस्कान के द्वारा ही हुआ है।आज जो हम गर्व से बोलते हैं कि अमेरिका में तुलसी ग्रेवार्ड जो हवाई से सांसद हैं जो हिंदू हैं।जिन्होंने संस्कृत में भागवत गीता के नाम पर सांसद की शपथ ली थी। तो हम यह भूल जाते हैं कि तुलसी गबार्ड के दादाजी इस्कॉन से ही प्रेरणा लेकर हिंदू बने थे।

इस्कॉन संस्था के द्वारा ईसाइयों को हिंदू बनाने जाने पर अमेरिका में कई ईसाई सांसदों ने संसद में यह मुद्दा उठाया है यहां तक की रूस में भी इस्कॉन पर प्रतिबंध की काफी कोशिश की गई रूस के चर्च ने इस्कॉन को रूस में प्रतिबंधित करने की बहुत मांग की तमाम धरने और प्रदर्शन भी किए गए क्योंकि चर्च को आज ओशो उर्फ आचार्य रजनीश के बाद इस्कॉन से सबसे ज्यादा खतरा महसूस होता है जो ईसाइयों को हिंदुत्व के लिए मोड़ रहे हैं।समझ में नहीं आता कि जो लोग बोल रहे हैं कि इस्कॉन भारत से पैसा विदेशों की ओर ले जा रहे हैं तो क्या इस्कान वाले किसी से जबरदस्ती थप्पड़ मार कर पैसा ले रहे हैं और आज यह जो पूरे दुनिया में इस काम के द्वारा 3000 से ज्यादा हिंदू मंदिर बनाए गए हैं क्या यह मुफ्त में बन सकते है ?

 

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इस्कॉन से जुड़े सेवक भागवत गीता का प्रचार करते हैं और हरे रामा हरे कृष्णा का जाप करते हैं तो इससे तो हमें खुश होना चाहिए कि एक विदेशी एक जन्मजात ईसाई हमारे धर्म ग्रंथ भागवत गीता बेच रहा है और हमारे आराध्य भगवान राम और कृष्ण का नाम ले रहा है।इस्कॉन के बनाए हुए मंदिर सफेद मार्बल से बनते हैं और काफी भव्य होते हैं ।। जरा विचार करिए आप सुदूर विदेश की धरती पर हैं और आप को मंदिर में से टन टन घण्टी की आवाज सुनाई दे रही है। गीता के श्लोक सुनाई दे रहे हैं ।वहाँ बैठा एक एक विदेशी हरे राम हरे कृष्णा कह रहा है तो क्या आपके दिल में खुशी नहीं होगी ?

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