June 25, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के रहने वाले अरविंद कुमार वर्मा बने बक्सर के जिलाधिकारी

बिहार: बक्सर के नए जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा 2012 बैच के आइएएस अधिकारी हैं। बक्सर में जिलाधिकारी के रूप में उनकी यह पहली पोस्टिंग है। उन्हें उप विकास आयुक्त मुजफ्फरपुर से बक्सर जिलाधिकारी के रूप में प्रोन्नति दी गई है। इससे पूर्व वह आइआरएस कंप्लीट कर एक साल तक मुंबई में असिस्टेंट कमिश्नर भी रह चुके हैं। नए डीएम इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं और आइआइटी कानपुर से मेकेनिकल में बी-टेक की डिग्री भी हासिल की है।

 

मूल रूप से उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर के रहने वाले नए जिलाधिकारी ने अपने आइएएस जीवन की शुरूआत दानापुर से की। दानापुर में उनकी पहली पोस्टिंग अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में हुई।

 

एसडीओ के रूप में एक साल की सेवा देने के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर का डीडीसी बनाया गया। वहां पिछले दो साल से कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त को वे बक्सर आ सकते हैं। वैसे मुजफ्फरपुर में बाढ़ की भयावहता को देखते हुए अगर वहां के जिलाधिकारी ने उन्हें छुट्टी नहीं दी तो एक-दो दिन और विलंब हो सकता है। स्व. आरके गुप्ता के पुत्र अरविंद वर्मा ने 2012 में आइएएस की मेरिट लिस्ट में अपना स्थान बनाया।

 

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व उन्होंने 2009 में भी उन्होंने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा पास की और उन्हें भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुना गया। उसके बाद उन्हें मुम्बई में असिस्टेंट कमिश्नर बनाया गया था। हालांकि, उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा में आना था और उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी।

 

इस तरह वर्ष 2012 में उन्होंने आअएएस कंप्लीट की और आज उन्हें बक्सर के जिलाधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। नव पदस्थापित जिलाधिकारी की पत्नी डॉक्टर हैं। हालांकि, उन्होंने सरकारी सेवा में योगदान नहीं किया है। बताते चलें कि मुजफ्फरपुर के डीडीसी से बक्सर के डीएम बने अरविंद वर्मा की पहचान सख्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में है। वह समय पर काम को तरजीह देते हैं और लापरवाही किसी की बर्दाश्त नहीं करते।

images(19)images(18)

ये भी पढ़ें ⬇️

बड़े साहब के हस्ताक्षर के लिए भटकते पिता को देख बेटी ने खाई थी कसम, बनी IAS

दसवीं में थर्ड डिवीजन, बारहवीं में फेल लेकिन निराश होने के बजाय IPS बने मनोज कुमार शर्मा

शासन और प्रशासन

प्रेरणाश्रोत : गरीबी के बावजूद भी ये लोग बने IAS

मिलिए देश के सबसे युवा IAS अधिकारियों से, जिनके परिवार ने उनके सपनों के लिए छोड़ दिया एक वक्त का खाना

जनता का सेवक मालिक बना बैठा है!!!

भारत में सबसे ज्यादा शोषण प्राइवेट नौकरी वालों का;

नेत्रहीनता की वजह से रेलवे ने नहीं दी नौकरी तो दूसरे प्रयास में IAS टॉपर बनकर दिया करारा जवाब

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.