July 7, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

एक विचार!

जिस खुदा के दर पर हमेशा भीड़ होती हैं
खुदा के दरवाजे पर बैठे उस गरीब से पूछो
कि लोगों की भीड़ के बीच मे भी कितना अकेला हैं ।
चाँद जो पूरी पृथ्वी पर अपनी चांदनी बिखेरता हैं
आसमान मे छुपे उस चाँद से पूछो
जो हजारों तारो के बीच मे होते हुए भी कितना अकेला हैं।
माँ बाप जो सारी उमर अपने परिवार की देख भाल करते हैं
उन माँ बाप से पूछो जो बुढ़ापे में अपने बच्चों के सहारे के बिना कितने अकेले हैं।
बच्चे जो घर मे खुशियां लाते है
जिनके कारण घर मे रोनक रहती हैं
उन अनाथ बच्चों से पूछो जो अपनो के प्यार के बिना कितने अकेले हैं।
अमीर जिसके पास सब कुछ होने के बाबजूद भी
जब वह अपनी खुशियाँ नहीं खरीद पाता
उस व्यक्ति से पूछो जिसके पास सब कुछ होते हुए भी
वह अपनी खुशियो के बिना कितना अकेला हैं।



गीता पढो, बाईबिल पढो, कुरान पढो…
जब वक़्त मिले मजहब से तो गौर से इन्सान पढो…!!



सुंदरता से बढ़कर चरित्र है,
प्रेम से बढ़कर त्याग है,
दौलत से बढ़कर मानवता है,
परंतु सुंदर रिश्ते से बढ़कर दुनियाँ में कुछ भी नहीं!

वो इंसान के विनाशक हथियार बना कर मशहूर हो गए,
मैं जीने के लिए अनाज पैदा करके भी अकिंचन बना रहा।

He became famous by making man’s destructive weapon,
I also remained crippled by producing cereals to live.

प्रेरक प्रसंग;

बुजी शमा भी जल सकती है  ..
 तूफानों से कश्ती भी निकल सकती है  …

हो के मायूस यूँ ना अपने इरादे बदल
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है  …

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हौंसले के तरकश में ,
कोशिश का वो तीर ज़िंदा रख ,

हार जा चाहे ज़िन्दगी में सब कुछ ,
मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख
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नसीब जिनके ऊँचे और मस्त होते है ,
इम्तिहान भी उनके जबरदस्त होते है। …

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सीढियाँ उन्हें मुबारक हो
जिन्हे सिर्फ छत तक जाना है ,

मेरी मंज़िल तो आसमान है
रास्ता मुझे खुद बनाना है  ..
______
5
संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,

जिस-जिस पर ये जग हँसा है,
उसीने इतिहास रचा है…

6
मत सोच की तेरा सपना क्यों पूरा नहीं होता
हिम्मत वालों का इरादा कभी अधूरा नहीं होता

जिस इंसान के करम अच्छे होते है
उसके जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता

7
परिंदों को मंज़िल मिलेगी यक़ीनन
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं

वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर
जमाने में ज़िनके हुनर बोलते हैं.

8-

नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है ,
सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते है ,

कश्तियाँ बदलने की जरूरत नहीं ,
दिशा को बदलो तो किनारे ख़ुद ब खुद बदल जाते है .

9

निगाहों में मंजिल थी ,
गिरे और गिरकर संभलते रहे ,

हवाओं ने बहुत कोशिश की ,
मगर चिराग आँधियों में जलते रहे ।

10.

आज तेरे लिए वक्त का इशारा है,
देखता ये जहां सारा है,
फिर भी तुझे रास्तों की तलाश है,
आज फिर तुझे मंज़िलो ने पुकारा है।

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