October 3, 2022

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कभी ‘महाराज’ के साथ सेल्फी लेने को थे बेताब, अब ढहा दिया सिंधिया परिवार का किला

लोकसभा चुनाव 2019 में देश की 542 सीटों में लगभग सभी सीटों के नतीजे आ चुके हैं। भाजपा ने देशभर में सुनामी लाते हुए प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं मध्यप्रदेश में सरकार होने के बाद भी कांग्रेस को बुरी तरह शिकस्त का सामना करना पड़ा है। मध्यप्रदेश में भाजपा ने 29 लोकसभा सीटों में से 28 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस के हिस्से में एक सीट आई है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से एक लाख से ज्यादा वोटों से हार गए। उनको हराने वाले भाजपा के कृष्ण पाल यादव कभी कांग्रेस के ही नेता थे। उनको ज्योतिरादित्य सिंधिया की जीत के राजदार भी कहा जाता था। पिछले उपचुनाव में अपनी अनदेखी के बाद वो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे।

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एक समय ऐसा था जब कृष्ण पाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ सेल्फी लेने के लिए लाइन में रहते थे। ये बात सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया ने कृष्ण पाल को भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने पर कही थी। 45 साल के कृष्ण पाल यादव पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं। उनके पिता अशोकनगर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे हैं।

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केपी ज्योतिरादित्य सिंधिया के नजदीकी रहे हैं। सिंधिया की चुनाव की तैयारियों को वह अच्छी तरह देखते थे। बताया जाता है कि मुंगावली विधानसभा के उपचुनाव में कृष्ण पाल विधानसभा टिकट के मुख्य उम्मीदवार थे। लेकिन ऐन वक्त पर उनका टिकट काट दिया गया। जिसके बाद नाराज केपी भाजपा में शामिल हो गए।

 

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने जब भाजपा ने केपी यादव को उतारा तो यह कहा गया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया 23 मई को आसानी से जीत हासिल कर लेंगे। केपी को कमजोर प्रत्याशी के रुप में देखा जा रहा था। लेकिन कृष्ण पाल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के पसीने छुड़ा दिए।

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जब कृष्ण पाल सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था तो ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी सिंधिया ने एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी जिसमें उन्होंने कहा कि जो कभी महाराज के साथ सेल्फी लेने की लाइन में रहते थे, उन्हें भाजपा ने अपना प्रत्याशी चुना है।

 

बता दें कि गुना में सिंधिया परिवार का कब्जा रहा है। इस सीट से ज्योतिरादित्य की दादी विजयाराजे सिंधिया 6 बार, ज्योतिरादित्य के पिता माधवराव सिंधिया 4 बार और ज्योतिरादित्य ने 4 बार चुनाव जीता है।

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