January 18, 2021

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सच के साथ – समाचार

किसानों की तबाही का जश्न मना रही भाजपा सरकार;अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार के समय बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह की कहावत चरितार्थ हो रही है। धान खरीद में धांधली से तंग आकर एक और किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया।

लखनऊ |समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार किसानों की तबाही का जश्न मना रही है। भाजपा सरकार ने छह वर्षों में किसानों को फूटी कौड़ी का लाभ नहीं पहुंचाया। उसकी न तो आय दुगनी हुई, न ही लागत का ड्योढ़ा मूल्य मिला। एमएसपी देना तो दूर की बात भाजपा सरकार ने किसानों के पास जो जमा पूंजी है, उसे भी लूटने का इंतजाम कर लिया है। किसानों के सिर पर खेती जमीन-जायदाद जाने का खतरा भी मंडरा रहा है। अखिलेश ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि राज्य की भाजपा सरकार का घमंड तो अब हद से ऊपर हो गया है। राज्य में कहीं कोई सुनवाई नहीं है। धान की लूट सरेआम हो रही है। धान खरीदी में धांधली से तंग होकर एक और किसान आत्महत्या का प्रयास प्रशासन के निर्मम रवैये को साबित करता है।

भाजपा सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील होकर घोर उपेक्षा का व्यवहार कर रही है। मंहगाई की मार ने अलग से किसान की कमर तोड़ दी है। इतने पर भी दावा कि भाजपा किसानों की हितैषी है। भाजपा का यह झूठ सीधे अन्नदाता का अपमान है। किसान अपना भविष्य बचाने को जान दे रहा है। भाजपा काले कृषि कानून थोपना चाहती है। जनता भी अब किसानों की मांगों के समर्थन में खड़ी हो गई है।

भाजपा सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील होकर जिस प्रकार उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है, वो सीधे-सीधे अन्नदाता का अपमान है। अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि ‘भाजपा सरकार किसानों के प्रति असंवेदनशील होकर जिस प्रकार उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है, वो सीधे-सीधे अन्नदाता का अपमान है। घोर निंदनीय। अब तो देश की जनता भी किसानों के साथ खड़ी होकर पूछ रही है। दुनिया में उठता हुआ धुआं दिखता है जिन्हें। घर की आग का मंजर, क्यों न दिखता उन्हें।’

किसान क्रांति के समर्थन में समाजवादी पार्टी बराबर प्रदर्शन-धरना के कार्यक्रम कर रही है। किसान यात्रा, किसान घेरा के माध्यम से किसानों से संपर्क कर उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई और समाजवादी सरकार के कामों की जानकारी भी साझा की गई। भाजपा सरकार ने इन शांतिपूर्ण कार्यक्रमों को भी दमन से डराने धमकाने की कोशिश की। भाजपा भूले नहीं कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन के नतीजे अच्छे नहीं होते हैं। अब किसान और नौजवान मिलकर शोषण और दमनकारी भाजपा को करारा जवाब देने को तैयार है।

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