January 16, 2021

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किसान आंदोलन: हरियाणा में सरकार बचाने में लगी BJP? अमित शाह के बाद अब दुष्यंत चौटाला करेंगे पीएम मोदी से मुलाकात

नई दिल्ली|केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में पिछले छह सप्ताह से जारी किसान आंदोलन के बीच हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुधवार को मुलाकात करेंगे, जिसमें प्रदर्शन संबंधी मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। मंगलवार को चौटाला गृहमंत्री अमित शाह से मिले थे।

चौटाला हरियाणा में बीजेपी सरकार में गठबंधन साझेदार जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जेजेपी के कुछ विधायक प्रदर्शनकारी किसानों के दबाव में हैं। जेजेपी ने एक बयान में कहा कि चौटाला बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।

‘सरकार को कोई खतरा नहीं’
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और चौटाला ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद खट्टर और चौटाला ने कहा था कि बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है और यह सरकार पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने बैठक में राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में बातचीत की।

अमित शाह से मुलाकात के बाद बोले थे खट्टर

मंगलवार को अमित शाह से मुलाकात के बाद अमित शाह ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक स्थिति ठीक है। विपक्ष और मीडिया की अटकलें निराधार हैं। खट्टर ने कहा कि हमारी सरकार (बीजेपी-जेजेपी गठबंधन) मजबूती से चल रही है और अपना पांच साल का कार्यकाल भी पूरा करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के नए कानूनों के अमल पर रोक लगाने व चार सदस्यीय समिति गठित करने के बावजूद आंदोलनरत किसानों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। इससे जननायक जनता पार्टी पर दबाव बढ़ रहा है। जजपा किसानों से जुड़ी पार्टी है और उसके कुछ विधायक आंदोलन के समर्थन में हैं। आंदोलन के और लंबा खिंचने पर जजपा विधायकों को पार्टी का नुकसान होता दिख रहा है। दुष्यंत चौटाला विधायकों के लगातार संपर्क में हैं।

पीएम के साथ बैठक में उपमुख्यमंत्री सारी बातों पर चर्चा करेंगे। किसान आंदोलन से उत्पन्न राजनीतिक हलचल के बीच हो रही यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। इससे पहले जजपा विधायक दल ने मंगलवार को ताजा हालात पर मंथन किया था। नई दिल्ली में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के आवास पर हुई बैठक में अधिकतर जजपा विधायकों ने नए कृषि कानून सिरे से नकार दिए। नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम तो बैठक में ही नहीं पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार जजपा के कुछ विधायक बैठक में मुखर रहे। उन्होंने सीधे कहा कि नए कानूनों से गठबंधन सरकार को नुकसान हो रहा है। इन्हें केंद्र सरकार आंख बंद कर निरस्त कर दे। किसान आंदोलन से राजनीतिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान नए कानूनों पर कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। उनके गुस्से को सीएम व मंत्रियों के कार्यक्रम में साफ देखा जा चुका है। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम स्थल के पास बने हेलीपैड को भी वे उखाड़ चुके हैं। सरकार वर्तमान में उपजे हालात को समझे और आंदोलन को जल्द खत्म कराए।

जेजेपी विधायकों ने दी थी चेतावनी
इससे पहले जेजेपी के विधायकों के एक ग्रुप ने कहा कि अगर केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है तो प्रदेश में गठबंधन सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। जेजेपी प्रमुख और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के कुछ घंटे पहले विधायकों ने यह दावा किया। जेजेपी विधायक जोगी राम सिहाग ने कहा कि केंद्र को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए क्योंकि हरियाणा, पंजाब और देश के किसान इन कानूनों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत जी से आग्रह करेंगे कि हमारी भावनाओं से अमित शाह जी को अवगत करा दें।

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