June 27, 2022

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किसान ने एक रुपये किलो में बेचा लहसुन, फिर ढोल वाला बुलाकर नाचा; जानिए क्यों …

कृषि मंडी में लहसुन के अच्छे भाव नहीं मिल रहे हैं। जिससे किसान को काफी नुकसान हो रहा है। जावरा मंडी में एक किसान से लहसुन 1 रुपए 16 पैसे किलो में खरीदा गया। जिससे किसान फूट-फूटकर रोने लगा। इसके बाद अपना गम भुलाने के लिए उसने ढोल बुलाकर बजवाए और जमकर नाचा। नीचे पढिये पूरा मामला….

 

न्यूज डेस्क 13 अप्रैल |मध्य प्रदेश के जावरा कृषि मंडी (Javra Agricultural Market) में मंगलवार को किसान की लहसुन 116 रुपए प्रति क्विंटल बिकी। किसान ने 4 क्विंटल 560 किलो लहसुन बेचा जिसके उसे 528 रुपये मिले हैं। किसान का नाम शंभूलाल (Shambhulal) बताया जा रहा है।

शंभूलाल ने अपने मन की पीढ़ा उजागर करने का उसने अनूठा तरीका अपनाया। किसान ने कृषि मंडी (farmers markets) से गुजर रहे ढोल वादक को बुलाया और ढोल बजवाकर रोते हुए लहसुन के ऊपर खड़े होकर खूब नाचा। किसान के नाचने का वहां मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। ढोलवादक फकीरचंद्र ने बताया कि मैं आरती के बाद मंडी से गुजर रहा था तभी उस किसान ने मुझे रोककर ढोल बजवाया।

 

बुवाई के वक्त बिक रहा था 70 से 100 रुपए किलो (Lahsun rate in delhi)

किसान रबी सीजन में लहसुन की बुवाई की तैयारी कर रहे थे, तब लहसुन के दाम 70 से 100 रुपए किलो पहुंच गए थे। किसानों ने अच्छे दामों की उम्मीद में इस बार लहसुन की जबर्दस्त बुवाई की थी। अब फसल आते ही दाम औंधे मुंह गिर गए हैं।

मंडियों में औसत भाव 25 से 35 रुपए किलो चल रहे हैं। पिछले साल कोटा संभाग में 95 हजार हैक्टेयर में बुवाई हुई थी, जबकि इस साल 1.15 लाख हैक्टेयर में बोया गया था। हाड़ौती में इससे अधिक लहसुन की बुवाई 50 हजार हैक्टेयर झालावाड़ जिले में हुई है।

 

लहसुन से जुड़ा है काला अध्याय

वर्ष 2017 में लहसुन की फसल के दाम नहीं मिलने पर हाड़ौती में एक दर्जन किसानों की सदमे से मौत हो गई थी। इसके बाद किसानों की आत्महत्या का मामला देशभर में गूंजा था। मौजूदा भावों में लहसुन बेचना किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

 

इस कारण किसान सदमे में है। 2017 की स्थिति नहीं आए, इसलिए सरकार को बाजार हस्तक्षेप योजना में सम्पूर्ण लहसुन खरीद की जल्द घोषणा करनी चाहिए। ताकि किसानों को सम्बल मिल सके।

 

अमर उजाला के मुताबिक 3 रूपए किलो लहसुन बिका है जबकि रशीद मे आप सभी देख रहे है 1.16 रूपए प्रति किलो ही बिका है ।

गर्मी बन रही बैरन

किसान खेतों से लहसुन (Lahsun)  निकाल कर वहीं सूखा रहे हैं, लेकिन इस बार जल्दी भीषण गर्मी का दौर शुरू होने के कारण खराब होने का डर सता रहा है। उद्यान विशेषज्ञों का कहना है कि लहसुन के भण्डारण के लिए 30 से 35 डिग्री तापमान अनुकूल है।

 

इसके बाद तापमान बढऩे पर लहसुनु खराब होने लग जाता है। हाड़ौती में अभी तापमान 40 डिग्री को पार कर गया है। ऐसे किसानों के समक्ष भण्डारण करना बड़ी चुनौती बन गया है। घरों में कूलर-पंखें लगाकर रखना पड़ेगा। इसके लिए बंदोबस्त शुरू कर दिया है।

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