June 26, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

ग़ुस्सा करके स्वयं को बीमार न बनाएँ, क्योंकि क्रोध स्वयं में एक व्याधि है!

क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। मनुष्य के अन्त:करण में उठने वाली उग्रवृत्ति इतनी घातक है कि उसके जागने से व्यक्ति का रूप बड़ा कुरूप हो जाता है। जरा सोचिये तो सही फोटोग्राफर भी आपका फोटो लेगा तो क्या कहेगा? वह आपसे कहेगा ‘प्लीज़ कीप स्माइलिंग’ या कृपया मुस्कराईये। आपसे बार-बार बोलता है वह फोटोग्राफर। वह क्यों ऐसा कहता है? क्योंकि वह जानता है कि जितना आप मुस्कुराएँगे, आपका चेहरा उतना ही अच्छा लगेगा। दूसरी तरफ़ अगर आपके चेहरे पर गुस्सा है तो? अरे भाई! आपकी फ़ोटो अच्छी नहीं आएगी। लेकिन जैसे ही आप मुस्कुराएँगे और वह आपकी फोटो खींच देगा, वह भी मुस्करा पड़ेगा और आप भी खिल उठेंगे।

फ़ोटोग्राफ़र जानता है कि आपके माथे पर शीतलता आते ही आपका चेहरा फ़ोटो खींचने लायक हो जाएगा। जैसे ही आप मुस्कुराएँगे, वैसे ही अपने स्वरूप में आ जाएँगे। मुस्कराना वास्तव में प्रकृति है और उदासी में अथवा क्रोध में रहना विकृति। मुस्कराते समय समय आपका चेहरा सबसे सुन्दर होता है। उस समय आप ज्यादा अच्छे दिखते हैं, स्वयं को भी और अन्यों को भी। उधर जब आपके अन्दर क्रोध आता है, तब आप कितने भयंकर लगते हैं! आप अपने एलबम में अपने फ़ोटो सुरक्षित रखते हैं, लेकिन क्रोधित चेहरे वाला फोटो आप रखना नहीं चाहते। कभी आइने में देखना, जब आपको क्रोध आता है तब आप कैसे लगते हैं? बड़ा विचित्र प्रभाव होता है क्रोध का चेहरे पर। क्रोध के समय जो रसायन शरीर में प्रवेश करते हैं, उनसे एक तरह का विष आपके शरीर में फैलता है।

मेडिकल साइंस समझाती है कि अगर आप क्रोध करेंगे, तो आप अपनी आयु को कम करेंगे। अगर आपको शुगर है तो बहुत गुस्सा करने से शुगर बढ़ जाएगी। ब्लडप्रेशर हाई रहता है तो और हाई हो जायेगा। लो हो गया तो और ज्यादा निराशा आयेगी, घबराहट होगी, आप खीज उठेंगे। और ज़्यादा क्रोध आएगा, तो आपकी खीज और बढ़ जाएगी। अगर डाक्टरों से पूछा जाये कि ये अल्सर वगैरह जो मनुष्य को हो जाता है, उसका कारण क्या है? डॉक्टर बहुत सारे कारण बताते हैं, उनमें एक प्रमुख कारण वह कहते हैं कि जो आदमी ज्यादा चिंता करता है, ज्यादा तनाव में रहता है तथा ज्यादा गुस्सा करता है, उस आदमी के शरीर में इसकी सम्भावना ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे आदमी को दुनिया भर के रोग आकर लग जाते हैं। इसलिए क्रोध जैसी व्याधियों से दूर रहिए।

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