June 29, 2022

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‘तेजस’ के आगे पाक-चीन का ‘थंडर’ हो गया ‘ठंडा’

भारतीय वायुसेना में शुक्रवार को पूरी तरह हिंदुस्तान में बनकर तैयार हुआ पहला हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस’ को सेना में शा‍मिल कर लिया गया। एक सीटर ‘तेजस’ 1350 किमी रफ्तार से गरजने वाला यह विमान दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है। तेजस की गर्जना ऐसी है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन के संयुक्त उत्पादन थंडरबर्ड को भी दुम दबानी पड़ी है।
‘तेजस’ को लेकर जहां पाकिस्तान और चीन के सरकारी मीडिया में सरगर्मी है, वहीं यह कहा जा रहा है कि वर्ष 2018 में होने वाले बहरीन इंटरनेशनल एयरशो से पाकिस्तान ने अपने विमान को हटा लिया है। चीन के मिग-21 को सुधारकर बनाए गए पाकिस्तान के थंडरबर्ड को कामरा एयर कॉम्प्लेक्स में विकसित किया गया है। बहरीन एयरशो से पाक के थंडरबर्ड के हटने के बारे में कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी वायुसेना को डर है कि एयर शो के दौरान न केवल दोनों विमानों को आसपास ही प्रदर्शित किया जाना था, वरन थंडरबर्ड की भारतीय तेजस से तुलना की जाएगी।

विदित हो कि एयर शो में ‘तेजस’ भारतीय रक्षा और अनुसंधान संस्थान (डीआरडीओ) के संरक्षण में प्रदर्शित किया जा रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों को एक ही एक्जीबीशन पैड ‘नंबर 15’ पर रखा जाना था। चूंकि दोनों ही एक सीटर लड़ाकू विमान है और दोनों की उड़ान की प्रदर्शन क्षमता को लेकर तुलना होना भी स्वाभाविक है। पहले ही इस बात को लेकर आशंकाएं जाहिर की जा रही थीं कि एयरशो के दौरान शायद ही चीन-पाकिस्तान के ‘थंडरबर्ड’ को प्रदर्शित किया जाए, लेकिन अब ऐसा लगता है कि पाकिस्तान इसे बहरीन एयर शो के दौरान प्रदर्शित भी नहीं करेगा।

एक पुराने लड़ाकू विमान को प्रदर्शित करने के साथ पाकिस्तान के लिए यह मुश्किल होता कि पाकिस्तानी वायुसेना इसकी प्रशंसा में कसीदे पढ़ती और इसकी बराबरी तेजस करने की हिम्मत जुटा पाती। उल्लेखनीय है कि ‘तेजस’ चौथी पीढ़ी का विमान है जो कि थंडर के ऊपर से टाइट-जी टर्न्स लेने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, थंडरबर्ड की तुलना में इसकी गति परिवर्तशीलता और चुपके से हमला करने के गुणों अत्यधिक श्रेष्ठ है। वास्तव में, इन दोनों प्रकार के विमानों की तुलना में पीढ़ियों के अंतर को आसानी से देखा जा सकता है।

अपनी श्रेष्ठता की पोल खुलने की बजाय पाकिस्तान ने पांच लाख डॉलर से हासिल किए प्रदर्शनी के स्पेस की बयाना राशि को गंवाना ही बेहतर समझा है। विशेषज्ञ अगर दोनों विमानों को देखते तो तेजस के मुकाबले ‘थंडरबर्ड’ को आलोचना और नकारात्मक प्रचार ही मिलता। इसलिए पाकिस्तान ने ‘तेजस’ की अपने ‘थंडरबर्ड’ से मुकाबले के पहले ही हथियार डाल दिए हैं।

बहरीन के शो में रखे जाने वाले तेजस के पांचवें से लेकर सातवें नमूनों में से दो जलसेना के हैं। जब तेजस विकसित हो रहा था तो जलसेना ने घरेलू नेवलाइज्ड वर्जन को अपना समर्थन दिया और इसकी क्षमता में विश्वास बनाए रखा जबकि इस मामले में भारतीय वायुसेना पीछे रही।

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