February 26, 2021

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दीप सिद्धू को NIA का समन, जानें कौन है ये पंजाबी ऐक्‍टर जो कर रहा किसान आंदोलन का समर्थन

हाइलाइट्स:

  • NIA ने किसान आंदोलन से जुड़े कई लोगों को भेजा है समन, पंजाबी ऐक्‍टर भी शामिल
  • दीप सिंह सिद्धू हैं पंजाबी फिल्‍म इंडस्‍ट्री का बड़ा नाम, 17 जनवरी को होना है पेश
  • सिद्धू पर सिख फॉर जस्टिस मामले से जुड़ी जानकारियां रखने का शक: NIA
  • दीप सिंह सिद्धू ने कहा, किसान आंदोलन से जुड़ा हूं इसलिए परेशान कर रही सरकार

नई दिल्ली| बीजेपी सांसद और बॉलीवुड एक्टर सनी देओल (Sunny Deol) ने 2019 में पंजाब में गुरदासपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. उस समय एक्टर दीप सिद्धू उनके सहयोगी हुआ करते थे. लेकिन सनी देओल ने पिछले साल दिसंबर में दीप सिद्धू (Deep Sidhu) के किसान आंदोलन में शामिल होने के बाद उससे दूरी बना ली थी. किसान रैल के दौरान लाल किले पर प्रदर्शनकारियों द्वारा धार्मिक झंडा फहराए जाने की घटना के दौरान दीप सिद्धू वहां मौजूद रहे, और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के इस कृत्य का यह कहकर बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया और केवल एक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ‘निशान साहिब’ को लगाया था. ‘निशान साहिब’ सिख धर्म का प्रतीक है और इस झंडे को सभी गुरुद्वारा परिसरों में लगाया जाता है.

वहीं सनी देओल (Sunny Deol) ने दीप सिद्धू को लेकर एक बार फिर कहा है कि उनसे उनका कोई लेना देना नहीं है. सनी देओल ने ट्वीट किया है और लिखा है, ‘आज लाल किले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी, 6 दिसंबर को, ट्विटर के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है. जय हिन्द.’

बता दें कि पीटीआई-भाषा के मुताबिक, सिद्धू ने फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दावा किया कि वह कोई योजनाबद्ध कदम नहीं था और उन्हें कोई साम्प्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए जैसा कट्टरपंथियों द्वारा किया जा रहा है. सिद्धू ने कहा, ‘नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने ‘निशान साहिब’ और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया.’

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। इनमें पंजाबी ऐक्‍टर दीप सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल है। इन सभी को 17 और 18 जनवरी को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है। एक लेटर में पुलिस इंस्‍पेक्‍टर धीरज कुमार ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि आप (दीप सिद्धू) इस मामले से जुड़े तथ्‍य और परिस्थितियों से वाकिफ हैं, जिसकी मैं जांच कर रहा हूं। आप मेरे सामने 17 जनवरी को NIA के लोधी रोड, नई दिल्‍ली वाले ऑफिस में पेश हों ताकि मामले से जुड़े कुछ सवालों के जवाब लिए जा सकें।”

कौन हैं दीप सिंह सिद्धू?
दीप सिंह सिद्धू पंजाबी फिल्‍मों के अभिनेता और मॉडल हैं। एसबीएस पंजाबी के अनुसार, वह ‘किंगफिशर मॉडल हंट’ के विजेता रहे हैं और ‘मिस्‍टर इंडिया’ कॉन्‍टेस्‍ट में ‘मिस्‍टर पर्सनैलिटी’ भी रह चुके हैं। एलएलबी की डिग्री रखने वाले दीप सिद्धू कुछ समय तक वकालत भी कर चुके हैं। बालाजी टेलीफिल्‍म्‍स में लीगल हेड के रूप में काम करते हुए सिद्धू ने ऐक्टिंग की शुरुआत की। पंजाबी फिल्‍म ‘रमता जोगी’ से उनका करियर शुरू हुआ। वह ‘जोरा 10 नंबरिया’ जैसी ब्‍लॉकबस्‍टर फिल्‍म में काम कर चुके हैं। इसके अलावा कई मशहूर पंजाबी फिल्‍मों में भी दीप नजर आ चुके हैं। वह पंजाबी फिल्‍म इंडस्‍ट्री का जाना-पहचाना चेहरा हैं।

 

किसान आंदोलन से जुड़े रहे हैं सिद्धू
सिद्धू ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्‍मीदवार सनी देओल के लिए प्रचार किया था। सिद्धू दिल्‍ली की सीमाओं पर जारी किसानों के आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। NIA का समन मिलने पर सिद्धू ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से कहा, “इसमें हैरान होने जैसा कुछ नहीं है। सरकार यह सब इसलिए कर रही है ताकि प्रदर्शनकारियों को धमका सके। मुझे इन नोटिसेज से फर्क नहीं पड़ता। मेरा कभी SFJ से कोई संपर्क नहीं रहा है। ऐसी कोई वजह नहीं है कि मैं उनके टच में रहूं। मैं नहीं जानता कि वो कौन हैं। ऐसे नोटिस किसानों के लिए हमारी लड़ाई का हिस्‍सा हैं।’

किसान नेताओं को भी भेजा गया नोटिस
सिद्धू के अलावा, लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी (एलबीआईडब्ल्यूएस) के अध्यक्ष और किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा के अलावा सुरेंद्र सिंह, पलविंदर सिंह, प्रदीप सिंह, नोबेलजीत सिंह और करनैल सिंह को भी 17 और 18 जनवरी को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है। एनआईए की ओर से मामले में दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी और अन्य देशों में जमीनी स्तर पर अभियान तेज करने और प्रचार के लिए भारी मात्रा में फंड भी इकट्ठा किया जा रहा है। इस साजिश में शामिल एसएफजे और अन्य खालिस्तानी समर्थक तत्व लगातार सोशल मीडिया अभियान और अन्य माध्यमों से भारत में अलगाववाद के बीज बोना चाहते हैं। यह भी कहा गया है कि ये समूह आतंकवादी कार्रवाई करने के लिए युवाओं को उग्र और कट्टरपंथी बना रहे हैं और उनकी भर्ती भी कर रहे हैं।

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