October 3, 2022

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देवरिया सिपाही खुदकुशी प्रकरण : दो पुलिसकर्मियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस

देवरिया: गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव की रहने वाली जुलेखा खातून (25) पुत्री मुमताज जिले के बनकटा थाने में आरक्षी के पद पर तैनात थी। बुधवार की शाम सदर कोतवाली परिसर स्थित सरकारी आवास में फंदे से लटकता हुआ उसका शव बरामद हुआ था। मामले की जानकारी मिलते ही उसके पिता मुमताज, मां हदीसुन, चाचा मो. मुर्तजा व पुलिस महकमे में ही कांस्टेबल के पद पर इलाहाबाद में तैनात बहन जमीला व मिर्जापुर में तैनात आसमां बुधवार की देर रात देवरिया पहुंचे। पिता मुमताज ने पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर में अपनी बेटी जुलेखा को कोतवाली में तैनात सिपाही वीरेंद्र कनौजिया और कुछ माह पूर्व तक कोतवाली में तैनात रही महिला कांस्टेबल प्रीति यादव पर उत्पीड़न और दोनों पर जुलेखा को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया। गुरुवार रात एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने प्रीति यादव और वीरेंद्र कनौजिया के विरुद्ध धारा 306 के तहत केस दर्ज किया है। वीरेंद्र कनौजिया वर्तमान में सदर कोतवाली में तैनात है, जबकि प्रीति यादव पुलिस लाइन में तैनात है। सदर कोतवाल अरुण कुमार मौर्य ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर दो पुलिसकर्मियों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

पहले हत्या का आरोप लगाया

इससे पहले गुरुवार को दिन में परिजनों ने आरोप लगाया कि कांस्टेबल का गला रस्सी से कस कर हत्या की गई है। उसके चेहरे व गले पर जख्म के निशान हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिला कांस्टेबल के चाचा मो. मुर्तजा ने भी यही आरोप लगाया।कांस्टेबल के सरकारी आवास से बाहर निकलने के बाद बहन जमीला ने बताया कि पुलिस ने फाटक तोड़ने की बात झूठ बोली है। फाटक तोड़ा नहीं गया है। वहीं जहां दुप्पट्टा से लटकते समय मृतका का पैर बेड से सटा हुआ था। एएसपी शिष्यपाल व सीओ निष्ठा उपाध्याय ने परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर उनकी पूरी बातें सुनीं।

 

गले की हड्डी टूटने से हुई मौत

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गले की हड्डी टूटने से सिपाही की मौत हुई। काफी देर तक लटकने के कारण गर्दन लंबी हो गई थी। दो डांक्टरों के पैनल ने महिला कांस्टेबल के शव का पोस्टमार्टम किया।

 

छुट्टी के बाद घर गई थी महिला कांस्टेबल

परिजनों के अनुसार 22 सितंबर को छुट्टी लेने के बाद महिला कांस्टेबल गाजीपुर अपने घर गई थी। वहां से वह 24 सितंबर को वापस आई थी। परिजनों ने यह बात पुलिस अधिकारियों को बताया। परिजनों के अनुसार वह अपना ट्रांसफर कराने की बात कह कर आई थी। उसकी शादी भी मिर्जापुर में एक पुलिसकर्मी के साथ तय हो गई थी। 14 अक्टूबर को छेंका होना था। विदित हो कि महिला कांस्टेबल ने बनकटा थाने से एक सप्ताह की छुट्टी ली थी।

 

बहन रूबीना को लेकर पहुंची गगहा पुलिस

जुलेखा की मौत की सूचना देवरिया पुलिस ने गोरखपुर जिले के गगहा के थानेदार को दिया। जिससे वे यहां पर तैनात जुलेखा की बहन रूबीना को इसकी जानकारी दे सकें। थानेदार ने इसके बाद पुलिस की गाड़ी से रूबीना को बिना कुछ बताए देवरिया भेजा। उसे देर रात यहां पर पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई।

 

बदहवास हो गई मां

जुलेखा के परिजनों को कासिमाबाद थाने के जरिए सूचना दी गई। बेटी की मौत की खबर मिलते ही पिता मुमताज, उनके भाई मो. मुर्तजा, अफरोज, शमीम अहमद, बदरे आलम, अफरोज, फिरोज के साथ मां हदीसुन और भाई महताब गाड़ी से देवरिया के लिए रवाना हो गए। रात करीब एक बजे के लगभग वे लोग कोतवाली पहुंचे। बेटी का शव देख मां हदीसुन बदहवास हो गई। उनकी दशा खराब होते देख भोर में ही महताब मां को लेकर गाजीपुर वापस चला गया।

 

बहन ने पुलिस से मांगा मोबाइल और रिकार्डिंग

जुलेखा की बड़ी बहन जमीला इलाहाबाद में पुलिस विभाग में तैनात है। उसकी ड्यूटी एयरपोर्ट की सुरक्षा में है। गुरुवार को पहुंचने के बाद उसने अपनी बहन का मोबाइल अधिकारियों से मांगा। इसके साथ ही उसने उसकी मोबाइल में मौजूद सभी ऑडियो रिकार्डिंग की भी मांग की है।

 

पोस्टमार्टम की हुई रिकॉर्डिंग

पूरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया की पुलिस ने वीडियोग्राफी कराया। जिससे जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके। पुलिस परिजनों के आरोप प्रत्यारोप से बचने के लिए विशेष ध्यान दे रही है। पूरे पोस्टमार्टम की दो दो कैमरों से रिकार्डिंग कराई गई है।

 

एसपी ने दिया शव को कंधा

कांस्टेबल का शव पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन पहुंचा, जहां पुलिस कर्मियों ने कांस्टेबल को सलामी दी। एसपी और एएसपी ने शव को कंधा दिया। साथी पुलिस कर्मी की मौत से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की आंखे भर आईं। पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी। एएसपी शिष्यपाल, क्षेत्राधिकारी भाटपार रानी सीताराम, क्षेत्राधिकारी नगर निष्ठा उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी सलेमपुर वरुण मिश्र, प्रतिसार निरीक्षक प्रकाशचंद्र पांडे ने शोक सलामी दी। इसके बाद शव परिजनों संग कांस्टेबल के पैतृक गांव भेज दिया गया।

सदमे में हैं साथी पुलिसकर्मी

बनकटा थाना में तैनात आरक्षी जुलेखा खातून की मौत के बाद से उसके साथी पुलिसकर्मी सदमे में है। पुलिसकर्मी साथी महिला कांस्टेबल के सुसाइड को लेकर काफी चिंतित है। गुरुवार को बनकटा थाने के ज्यादे सिपाही अपनी साथी की मौत को लेकर मर्माहत रहे। हर कोई उसकी मौत की वजह को लेकर आपस में चर्चा करता दिखा।

 

परिजनों की तहरीर पर दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों ने जो भी आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

शिष्यपाल, एएसपी, देवरिया

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