January 19, 2021

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सच के साथ – समाचार

नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल: PM मोदी बोले- लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है राजनीतिक वंशवाद

नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती का यह दिन हम सभी को प्रेरणा देता है। यह इस बार इसलिए भी विशेष हो गया है क्योंकि इस बार की युवा संसद, संसद के सेंट्रल हॉल में हो रही है। इस हॉल में हमारी आजादी के निर्णय लिए गए।

उन्होंने सरकार की नीतियों में युवाओं को तवज्जो का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि देश में लागू की गई नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का फोकस बेहतर इंडीविजुअल के निर्माण पर है। यह पॉलिसी युवाओं के कौशल, समझ और फैसले को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

‘युवाओं के भाषण ट्वीट करूंगा’

उन्होंने कहा कि मन में कल्पना कीजिए, जिस जगह पर देश के वे महापुरुष बैठे थे, उस जगह आप बैठे हैं। देश से आपको कितनी अपेक्षाएं हैं। मैं समझता हूं कि आज यहां बैठे युवा साथियों को यह अहसास हो रहा होगा। यहां जब मैं आपको सुन रहा था, तब विचार आया कि आपके भाषण अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करूंगा, ताकि देश को पता चले कि संसद के इस परिसर में हमारा भावी भारत कैसे आकार ले रहा है। मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात होगी।

मोदी ने कहा कि आप देखते होंगे कि भारत का शायद ही ऐसा कोई गांव हो, शहर हो, व्यक्ति हो जो खुद को स्वामी विवेकानंद से जुड़ा महसूस न करता हूं। स्वामी जी ने देश को उसके सामर्थ्य को राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि जो आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, वे कहीं न कहीं स्वामी जी से प्रेरित थे। उनकी गिरफ्तारी के समय स्वामी जी का साहित्य उनके पास जरूर मिलता था।

‘विवेकानंद का चिंतन हमारी भावनाओं में’

PM ने कहा कि समय गुजरता गया, देश आजाद हो गया, लेकिन हम आज भी देखते हैं कि स्वामी जी हमारे बीच ही होते हैं। हर पल प्रेरणा देते हैं। उनका चिंतन हमारी भावना में नजर आता है। राष्ट्र को लेकर उन्होंने जो कहा, जन सेवा से जग सेवा का भाव हमारे मन मंदिर में हैं।

मेरा विश्वास है कि आप युवा साथी भी कहीं विवेकानंद की तस्वीर देखते होंगे, तो आपका मन श्रद्धा के भाव से झुकता होगा। स्वामी ने एक और उपहार दिया है। व्यक्तियों के निर्माण का, संस्थाओं के निर्माण का। हम अध्ययन करेंगे तो पाएंगे कि स्वामी विवेकानंद ने ऐसी संस्थाओं को आगे बढ़ाया जो व्यक्तियों के निर्माण आज भी कर रही हैं।

व्यक्तियों से संस्थाओं का निर्माण और संस्थाओं से व्यक्तियों का निर्माण का यह क्रम लगातार चल रहा है। इंडीविजुअल से इंस्टीट्यूशनल और इंस्टीट्यूशनल से फिर इंडीविजुअल। आज आप इंटरप्रेन्योरशिप के बारे में खूब सुनते हैं। यहां भी यही चक्र चलता है।

‘युवाओं के लिए ईको सिस्टम बनाया जा रहा है’

मोदी ने सरकार की योजनाओं के बारे में बताया कि युवा अपनी प्रतिभा के अनुसार खुद को विकसित कर सकें, ऐसा ईको सिस्टम बनाया जा रहा है। इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है। स्वामीजी का फोकस उस बात पर भी था और वह यह कि वे शारीरिक के साथ मानसिक ताकत पर भी बल देते थे। आज फिट इंडिया मूवमेंट हो, योग हो और स्पोर्ट्स से जुड़े इवेंट। ये युवा साथियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत कर रहे हैं।

पर्सनालिटी डेवलपमेंट का उनका मंत्र था, बिलीव युअर सेल्फ, यानी खुद पर भरोसा करो। वे कहते थे पुराने धर्मों के अनुसार नास्तिक वह है जो ईश्वर में भरोसा नहीं करता, लेकिन नया धर्म कहता है कि नास्तिक वह है जो खुद पर भरोसा नहीं करता।

‘देश को आत्मनिर्भर बनाना युवाओं की जिम्मेदारी’

आज हम जितना स्वामी विवेकानंद जी के बारे में जानते हैं, उसमें बहुत बड़ा योगदान स्वामी शारदानंदजी का है। शारदानंदजी ने कहा था कि युवा ही वह नींव हैं जिस पर राष्ट्र का निर्माण होता है। देश पर आत्मनिर्भर बनाने का काम आप युवाओं को ही करना है। आप में से कुछ सोच सकते हैं कि अभी तो हमारी इतनी उम्र नहीं है।

साथियों जब लक्ष्य स्पष्ट हो तो उम्र मायने नहीं रखती। जानते हैं शहीद खुदीराम बोस फांसी पर चढ़े तब उनकी उम्र 17-18 साल थी। भगत सिंह फांसी पर चढ़े तब उनकी उम्र कितनी थी? सिर्फ 24 साल। उन्होंने सोच लिया था कि उन्हें देश की आजादी के लिए ही जीना है। देश के लिए ही मरना है।

हम उस काल खंड में जन्मे। मैं भी आजादी के बाद वाले काल खंड में जन्मा। हमें देश की स्वतंत्रता के लिए मरने का मौका नहीं मिला, लेकिन हमें आजाद भारत को आगे बढ़ाने का मौका मिला है। हमें यह मौका गंवाना नहीं है।

तीन विनर्स ने PM के सामने अपनी बात रखी

स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल के चुने गए 84 कैंडिडेट्स इस कार्यक्रम में शामिल हैं। पहले तीन विनर्स उत्तर प्रदेश की मुदिता मिश्रा, महाराष्ट्र की अयति मिश्रा और सिक्किम के अविनम को प्रधानमंत्री के सामने बोलने का मौका मिला। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी मौजूद हैं।

यूथ पार्लियामेंट का आइडिया मन की बात से आया था

नेशनल यूथ पार्लियामेंट फेस्टिवल का मकसद 18 से 25 साल के नौजवानों को अपनी बात कहने के लिए मंच देना है। इसका आइडिया 31 दिसंबर, 2017 को प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम मन की बात से आया था। इसके बाद पहला फेस्टिवल 12 जनवरी से 27 फरवरी, 2019 तक न्यू वॉयस ऑफ द न्यू इंडिया और फाइंड सॉल्यूशंस एंड कंट्रिब्यूट टू पॉलिसी थीम पर किया गया था। इसमें कुल 88 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था।

11 जनवरी को सेंट्रल हॉल में फाइनल हुआ

दूसरा फेस्टिवल बीते 23 दिसंबर से वर्चुअल मोड पर शुरू किया गया। पहले फेज में देश भर के 2 लाख 34 हजार युवा शामिल हुए। दूसरे फेस्टिवल का फाइनल 11 जनवरी को संसद के सेंट्रल हॉल में हुआ। इसमें 19 नेशनल लेवल के विनर्स को नेशनल जूरी के सामने बोलने का मौका मिला। जूरी में राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली, लोकसभा सांसद परवेश साहिब सिंह और पत्रकार प्रफुल्ल केतकर शामिल थे।

 

PM मोदी बोले- कुछ लोग परिवार की राजनीति को तरजीह देते हैं

राष्ट्रीय युवा संसद फेस्टिवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी भी ऐसे लोग हैं, जिनका विचार, जिनका आचार, जिनका लक्ष्य, सबकुछ अपने परिवार की राजनीति और राजनीति में अपने परिवार को बचाने का है. ये राजनीतिक वंशवाद लोकतंत्र में तानाशाही के साथ ही अक्षमता को भी बढ़ावा देता है. राजनीतिक वंशवाद, Nation First के बजाय सिर्फ मैं और मेरा परिवार, इसी भावना को मज़बूत करता है. ये भारत में राजनीतिक और सामाजिक करप्शन का भी एक बहुत बड़ा कारण है.

11:46 AM (3 मिनट पहले)

राजनीतिक वंशवाद को जड़ से उखाड़ना है: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है. Honesty और Performance आज की राजनीति की पहली अनिवार्य शर्त होती जा रही है. भ्रष्टाचार जिनकी legacy थी, उनका भ्रष्टाचार ही आज उन पर बोझ बन गया है. वो लाख कोशिशों के बाद भी इससे उभर नहीं पा रहे हैं. कुछ बदलाव बाकी हैं, और ये बदलाव देश के युवाओं को ही करने हैं. राजनीतिक वंशवाद, देश के सामने ऐसी ही चुनौती है जिसे जड़ से उखाड़ना है. अब केवल सरनेम के सहारे चुनाव जीतने वालों के दिन लदने लगे हैं, लेकिन राजनीति में वंशवाद का ये रोग पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.

11:40 AM (9 मिनट पहले)

नास्तिक वो है जो खुद में भरोसा नहीं करता: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी कहते थे, पुराने धर्मों के मुताबिक नास्तिक वो है जो ईश्वर में भरोसा नहीं करता, लेकिन नया धर्म कहता है, नास्तिक वो है जो खुद में भरोसा नहीं करता. पहले देश में ये धारणा बन गई थी कि अगर कोई युवक राजनीति की तरफ रुख करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है, क्योंकि राजनीति का मतलब ही बन गया था- झगड़ा, फसाद, लूट-खसोट, भ्रष्टाचार! लोग कहते थे कि सब कुछ बदल सकता है लेकिन सियासत नहीं बदल सकती.

11:36 AM (14 मिनट पहले)

युवा शक्ति पर विश्वास करते थे स्वामी विवेकानंद: PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये स्वामी विवेकानंद जी ही थे, जिन्होंने उस दौर में कहा था कि निडर, बेबाक, साफ दिल वाले, साहसी और आकांक्षी युवा ही वो नींव है जिस पर राष्ट्र के भविष्य का निर्माण होता है. वो युवाओं पर, युवा शक्ति पर इतना विश्वास करते थे.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने का मौका गंवाना नहीं है. देश की अगली 25-30 साल की यात्रा बहुत अहम है. युवा पीढ़ी को इस सदी को भारत की सदी बनाना है. हर फैसले में देशहित देखना चाहिए. युवाओं को आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए आगे आना चाहिए.

11:28 AM (21 मिनट पहले)

राष्ट्रीय युवा संसद फेस्टिवल को संबोधित कर रहे हैं PM मोदी

राष्ट्रीय युवा संसद फेस्टिवल को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समय गुजरता गया, देश आजाद हो गया, लेकिन हम आज भी देखते हैं, स्वामी जी का प्रभाव अब भी उतना ही है. अध्यात्म को लेकर उन्होंने जो कहा, राष्ट्रवाद-राष्ट्रनिर्माण को लेकर उन्होंने जो कहा, जनसेवा-जगसेवा को लेकर उनके विचार आज हमारे मन-मंदिर में उतनी ही तीव्रता से प्रवाहित होते हैं. स्वामी विवेकानंद ने एक और अनमोल उपहार दिया है. ये उपहार है, व्यक्तियों के निर्माण का, संस्थाओं के निर्माण का. इसकी चर्चा बहुत कम ही हो पाती है.

10:39 AM (एक घंटा पहले)

राष्ट्रीय युवा संसद समारोह शुरू

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