February 27, 2021

Such Ke Sath

सच के साथ – समाचार

पश्चिम बंगाल:मोदी-ममता के बीच था महज पांच फीट का फासला : बात तो दूर, नजरें भी नहीं मिलाईं

हाइलाइट्स:

  • विक्टोरिया मेमोरियल में शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर कार्यक्रम हो रहा था
  • पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तमाम लोग मौजूद थे, कार्यक्रम में लगे ‘जय श्री राम’ के नारे
  • अधिकारियों ने बताया कि ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने वाले लोग पीछे की ओर खड़े थे और आमंत्रित नही थे

नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे और प्रोटोकॉल के तहत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके साथ मौजूद थीं। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान करीब पांच फीट का ही फासला था। परंतु राजनीतिक विचारधारा की दूरी और संवाद की कमी कैमरे के सामने आखिरकार झलक ही गई। दरअसल, पीएम मोदी नेताजी की जयंती पर कोलकाता नेशनल लाइब्रेरी (राष्ट्रीय पुस्तकालय) पहुंचे हुए थे। यहां उनके साथ प्रदेश के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee) शनिवार को कोलकाता के विक्टोरियल मेमोरियल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उनके सम्मान में आयोजित समारोह में बिफर पड़ीं. ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee) का संबोधन शुरू होते ही किसी ने जय श्री राम का नारा लगाया तो उसके बाद मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी. ममता ने कहा, मुझे यहां बुलाने के बाद मेरा अपमान मत कीजिए, यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है. अगर आप किसी को सरकारी कार्यक्रम में न्योता देते हैं तो उसकी बेइज्जती नहीं करनी चाहिए.

लाइब्रेरी में इस दौरान राज्य के अधिकारी भी मौजूद थे। लाइब्रेरी में प्रवेश से लेकर बाहर आने तक प्रधानमंत्री मोदी और ममता बनर्जी के बीच कोई संवाद होता दिखाई नहीं दिया।

प्रधानमंत्री मोदी वहां मौजूद अधिकारी से लाइब्रेरी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी जानकारी लेते हुए दिखाई दिए। परंतु ममता बनर्जी से उन्होंने कोई बात नहीं की। यहां तक कि दोनों ही नेता एक-दूसरे से बहुत ज्यादा दूरी नहीं खड़े थे, इसके बावजूद भी उनके बीच कोई संवाद नहीं हुआ। एक-दूसरे से नजरें भी नहीं मिलाईं।

इस दौरान दोनों ही नेता एक-दूसरे से विपरीत दिशा में देखते हुए नजर आए। यह बात जरूर है कि लाइब्रेरी से बाहर आने से पहले ममता बनर्जी और राज्यपाल धनखड़ के बीच किसी बात पर संवाद होता हुआ दिखाई पड़ा। परंतु पीएम मोदी से कोई बात नहीं हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी।
खास बात यह भी है कि आने वाले कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के बंगाल दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। बता दें कि बीते कुछ महीनों में बंगाल में सियासी उठापटक और बयानबाजी तेज हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी।
इससे पहले शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती के मौके पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आठ किलोमीटर लंबी रैली निकाली। बनर्जी ने श्याम बाजार से रैली की शुरुआत करते हुए देश की चार राजधानी होने की मांग उठाई। ममता ने कहा, ‘मेरा मानना है कि भारत में चार रोटेटिंग राजधानियां होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने आगे कहा-अंग्रेजों ने पूरे देश पर कोलकाता से शासन किया था। हमारे देश में केवल एक ही राजधानी क्यों होनी चाहिए।
मेहमानों ने पलटकर देखा, फिर भी नारे लगाते रहे
कार्यक्रम में ऊषा उथुप और पैपॉन जैसे सिंगर्स की शानदार प्रस्तुति के बाद सीएम ममता बनर्जी का संबोधन था। जैसे ही वह उठीं विक्टोरिया मेमोरियल में पीछे की ओर खड़े युवाओं ने जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान आगे बैठे मेहमानों ने पीछे मुड़कर उन युवाओं की तरफ देखा भी लेकिन वे इससे बेफिक्र होकर तेज आवाज में नारे लगाते रहे।
ईस्टर्न लॉन में खड़ी भीड़ ने लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे
कार्यक्रम का मैनेजमेंट देखने वाले अधिकारियों का कहना है कि नारे लगाने वाले अधिकतर युवा पीछे की ओर खड़े थे और उन्हें विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में आमंत्रित नहीं किया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि ‘जय श्री राम’ की गूंज विक्टोरिया मेमोरियल के ईस्टर्न लॉन में मौजूद भीड़ की तरफ से आ रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.