September 27, 2022

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पेशाब करने पर 12 फीसदी जीएसटी, रेलवे स्टेशन और होटल पर बिना रेट पढ़े टॉयलेट जाना पड़ सकता है महंगा

इंदौर 02 सितंबर |स्वच्छता पर खर्च करने के बाद अब सरकार ने इससे भी कमाई की सोची है और यही वजह रही होगी कि आगरा स्टेशन के लाउंज में वॉश रूम यानी सुविधाघर उपयोग करने का शुल्क GST जोड़कर लिया है। ऐसे में ज़रूरी है कि स्टेशन आदि पर वॉश रूम का उपयोग करने से पहले उसका शुल्क पूछ लिया जाए। इससे पहले साल 2018 में तमिलनाडु के इरोड जिले में भी ऐसा मामला सुना गया है।

 

हिंदुस्तान की ख़बर के मुताबिक आगरा रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा हुआ है और वहां पेशाब करने के लिए वॉश रूम उपयोग करने वाले लोगों से प्रति व्यक्ति तय सौ रू की जगह 112 रु लिए गए। ये 12 रु दरअसल देश के केंद्रीय कर यानी GST के थे।

रिपोर्ट के मुताबिक दो ब्रिटिश नागरिक आगरा घूमने दिल्ली से गतिमान एक्सप्रेस ट्रेन से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर टूरिस्ट गाइड आईसी श्रीवास्तव ने उन्हें रिसीव किया। ट्रेन से उतरने के कुछ देर बाद दोनों सैलानियों ने पेशाब करने के लिए वॉशरूम जाने की इच्छा जताई।

टूरिस्ट गाइड आईसी श्रीवास्तव उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर एक पर मौजूद एक्जिक्यूटिव लाउंज ले गए। पांच मिनट के बाद जब दोनों सैलानी वॉशरूम से बाहर आए तो बताया गया कि उन्हें प्रति व्यक्ति 100 रुपये प्लस 12 रुपये जीएसटी यानी कुल 112 रुपये देने होंगे। लाउंज में बैठे कर्मचारी ने जब दो आदमी के 224 रुपये मांगे तो गाइड ने इसपर आपत्ति जताई। इसके बाद इन लोगों ने विरोध किया। बहस के बाद भी जब वो कर्मचारी नहीं माना तो श्रीवास्तव ने 224 रुपये का भुगतान अपनी ओर से किया।

अपने इस अनुभव के बारे में बात करते हुए आईसी श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे के इस तरह के नियमों से आगरा स्टेशन पर उतरने वाले सैलानियों के मन में आगरा के प्रति गलत छवि बनती है।

उन्होंने पर्यटन विभाग से भी इसकी शिकायत भी की है। मामले पर IRCTC के स्थानीय प्रतिनिधि ब्रजेश कुमार ने कहा कि एग्जिक्यूटिव लाउंज में दो घंटे बिताने का चार्ज प्रति व्यक्ति 200 रुपये है। उन्होंने कहा कि सैलानियों ने वहां कुछ समय बिताया होगा इसलिए उन्हें चार्ज देना पड़ा।

 

होटल में टॉयलेट करने के बाद इस शख्स को मिली ऐसी चीज कि रह गया सन्न

बेंगलुरू के रेस्टोरेंट का है मामला

दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत कुछ माह पहले बेंगलुरु के रेस्टोरेंट्स में लोगों को वॉशरूम की सुविधा देने के अनिवार्य कर दिया गया था। इसके लिए रेस्टोरेंट्स की ओर से नाममात्र शुल्क लेने की बात कही गई थी। लेकिन एक रेस्टोरेंट ने वॉशरूम के इस्तेमाल के बदले बाकायदा बिल बना दिया। इतना ही नहीं, इस रेस्टोरेंट ने इस बिल में जीएसटी और पार्सल चार्ज भी जोड़ दिया। रेस्टोरेंट की ओर से एक शख्स से वसूला गया यह बिल सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

पेशाब करने के बदले थमाया 11 रुपए का बिल

दरअसल बीती 26 जनवरी को बेंगलुरु के एक शख्स ने एक रेस्टोरेंट में पेशाब करने के लिए वॉशरूम का इस्तेमाल किया। पेशाब करने की एवज में रेस्टोरेंट ने इस शख्स को 11 रुपए का बिल थमा दिया। 11 रुपए के इस बिल में 10 रुपए पेशाब करने के लिए, 50 पैसे पार्सल चार्ज और 50 पैसे जीएसटी के रूप में शामिल थे। रेस्टोरेंट ने जिस शख्स को यह बिल दिया है, उसने इस बिल की फोटो सोशल मीडिया में शेयर कर दिया है।

स्वच्छ भारत अभियान को झटका

एक ओर देश में सार्वजनिक शौचालयों की कमी बड़ी समस्या है, दूसरी ओर रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर वॉशरूम के इस्तेमाल पर जीएसटी देना पड़ा रहा है। इसे पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को झटका माना जा रहा है। वॉशरूम के इस्तेमाल के बदले 11 रुपए का भुगतान करने वाले शख्स ने बिल का फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि यदि इस प्रकार से जरूरी सेवाओं पर भी जीएसटी जोड़ा जाने लगा तो देश के लोग बर्बाद हो जाएंगे। इस शख्स की ओर से शेयर किए गए बिल में पार्सल चार्ज, सीजीएसटी और एसजीएसटी के रूप में ली गई राशि साफतौर पर देखी जा सकती है।

 

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