September 27, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

प्यार का मतलब;


एक दिन आदमी को  उसकी पत्नी ने, जिसके बहोत लम्बे बाल थे उसने उसके लिए एक कंघा खरीदने के लिए कहा ताकि वो अपने बालो की अच्छे से देखभाल कर सके.

उस आदमी ने अपनी बीवी से माफ़ी मांगी और कंघी लेने से मना कर दिया. उसने समझाया की उसके पास अभी उसकी टूटी हुई घडी का पट्टा लगवाने के भी पैसे नहीं है. लेकिन फिर भी उसकी पत्नी जिद पर अड़ी रही.

गुस्से में वह इंसान काम पर जाने के लिए निकाल गया और जाते-जाते अचानक रास्ते में उसकी नजर एक घडी की दुकान पर पड़ी, उसने सोचा की वह उस दुकान पर अपनी घडी बेच देगा और उसकी पत्नी के लिए कंघा लेकर जायेंगा.

शाम में वो अपने हाथों में कंघी लेकर अपने घर आया, पत्नी को कंघी देने ही लगा
लेकिन अचानक अपने पत्नी को देखकर वह आश्चर्यचकित हो गया, क्यूकी उसने अपनी पत्नी को शोर्ट-हेयर (कम बालो) में देख लिया था.

उसने अपने बालो को बेचकर अपने पति की घडी के लिए नया पट्टा ख़रीदा था.

एक दूसरेअअ के प्रति गहरा प्यार देखते हुए अचानक दोनों के आखो से आसू निकलने लगे, ये आसू उनकी ख्वाइश पूरी होने के वजह से नहीं बल्कि उनके एक-दूजे के लिए प्यार को देखकर थे.

सीख :

प्यार करना मतलब कुछ नहीं है, प्यार करने लायक बनना थोडा बहोत अच्छा है लेकिन प्यार करने और साथ में करने लायक बनना, ये सब कुछ है. प्यार को कभी किसी का दिया हुआ अनुदान समझकर स्वीकार ना करे.

बल्कि जिस से भी हम प्यार करते है, उस से बिना किसी शर्त के, बिना किसी लालच के बिना किसी द्वेषभावना के हमेशा दिल से प्यार करते रहना चाहिये. क्यूकी जब हम किसी को दिल से प्यार करते है तब हम सामने वाले के दिल में हमेशा के लिए बस जाते है. की जब दो लोगो के बिच प्यार होता है तब वह किसी दौलत का भूका नहीं होता, वह भूका होता है तो सिर्फ स्नेहभाव का. जिस से भी हम प्यार करते है उनसे हमेशा हमें प्यार से पेश आना चाहिये. एक दुसरे के लिए समय निकलते रहना चाहिये. तभी हम हमारे रिश्ते को सफलता से आगे बढ़ा पाएंगे.

प्यार से बोला गया आपका एक शब्द दो दिलो के बीच हो रहे बड़े से बड़े मनमुटाव को भी खत्म कर सकता है. प्रेमभाव से रहना कभी-कभी हमारे लिए भी फायदेमंद साबित होता है. क्यू की कई बार जो काम हजारो रुपये नहीं कर पाते वही प्यार से बोले गये हमारे दो शब्द काम आते है.


कबीर दास जी ने कहा है कि-

ऐक शब्द सुख खानि है, ऐक शब्द दुख रासि
ऐक शब्द बंधन कटै, ऐक शब्द गल फांसि।
एक शब्द सुख की खान है और एक ही शब्द दुखों का कारण बन जाता है। एक ही शब्द
जीवन के समस्त बंधनों से मुक्त कर देता है और वही एक शब्द गले की फाॅंस बन जाता है।

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