September 19, 2021

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प्रयागराज:डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की स्मृतियों को समर्पित होगा विधि विश्वविद्यालय, रखी गई आधार शिला; CM योगी आदित्यनाथ

राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का किया शुभारंभ

 

प्रयागराज |उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के दौरे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने झलवा में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज की आधारशिला रखी। इसके बाद ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी एक कदम बढ़ा दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज का नामकरण भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नाम पर करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय विधि शिक्षा का केंद्र बनेगा। आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने 297 करोड़ की लागत से प्रयागराज में बनाए जाने वाले इस राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी।

सामान्यता लोग न्यायपालिका से मदद लेने से हिचकिताते हैं। सभी को न्याय मिले। सभी को समझ में आने वाली भाषा में निर्णय हो। महिलाओं और दबे कुचले लोगों को न्याय मिले। सभी नागरिकों का मूलभूत अधिका है कि न्याय उनकी पकड़ में हो। जनसाधारण में न्यायपालिका के प्रति उत्साह बढ़ाना चाहिए। लंबित मामलों का निस्तारण किया। जजों की संख्या बढ़ाई जाए। पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराया जाए। राज्य सरकार के सहयोग से हाईकोर्ट आगे बढ़ेगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका अधिक है। विधि विश्वविद्यालय के लिए प्रयागराज ही सर्वोत्तम स्थान चुना गया। जमीन उपलब्ध कराने के लिए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और उनकी टीम के प्रति आभार जताया।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में विश्वस्तरीय विधि व्यवस्था हमारे राष्ट्र और समाज में एक है। कक्षा 12 के बाद ही विधि में छात्र हिस्सा लेते हैं। स्कूल स्तर से ही कानून के क्षेत्र में कैरियर बनाते हैं। विधि शिक्षण के सभी संस्थानों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दी जाए। व्यवस्था के निर्मित हो जाने के बाद सुधार की प्रक्रिया जटिल हो जाती है। यहां श्रेष्ठतम व्यवस्था की जाएगी। छात्राओं और शिक्षिकाओं पर जोर दिया जाना चाहिए। विश्व की श्रेष्ठतम पद्धतियों का अनुसरण इस विश्वविद्यालय में किया जाना चाहिए। आज ही के दिन 128 वर्ष पहले शिकागो में स्वामी विवेकानंद ने भारत के गौरवशाली परंपरा का गुणगान किया था। स्वामी जी ने हर प्रकार के उत्पीड़न का विरोध किया था। उन्होने सहिष्णुता का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचाया था। 11 सितंबर को जो कीर्तिमान स्वामी जी ने स्थापित किया था उसका अनुसरण युवा करेंगे।

 

प्रयागराज के झलवा में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य भी शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। प्रयागराज में इलाहाबाद हाई कोर्ट होने के कारण लम्बे समय से राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की भी प्रतीक्षा थी। प्रयागराज ने देश को मदन मोहन मालवीय, मोतीलाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू व कैलाश नाथ काटजू जैसे अधिवक्ता दिए हैं। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके आधारशिला रखे जाने के कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि विधि विश्वविद्यालय का नाम देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद के नाम पर रखने का सुझाव दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका संगमनगरी से आत्मीय नाता था। अपने जीवनकाल में वह हर कुंभ में आए। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसका नामकरण भी कर दिया।

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