June 24, 2022

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प्राइवेट ट्रेन तेजस का किराया फ्लाइट से तीन गुना महंगा, इससे ज्यादा डाइनेमिक चार्जेस

त्योहारों के दिनों में देशभर में यात्री बढ़ने का असर,सभी टिकट बुक हो चुकी हैं, इस ट्रेन में वेटिंग नहीं होती
यात्रियों कोडायनमिक चार्जेस के रूप में चेयरकार पर 2015, एग्जक्यूटिव चेयरकार पर 2120 रुपएअतिरिक्त देना पड़ा

 

 

फेस्टिव सीजन खासकर दीवाली और छठ के दौरान ट्रेन से लेकर फ्लाइट्स तक सभी का किराया कई गुना बढ़ गया है। पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस का किराया फ्लाइट के अभी के किराए की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक रहा। जबकि सामान्य दिनों के फ्लाइट के किराए की बात करें तो यह तीन गुना अधिक रहा। तेजस की सभी टिकट बुक हो चुकी हैं, इस ट्रेन में वेटिंग नहीं होती। वहीं, फ्लाइट का किराया सामान्य दिनाें की तुलना में करीब 8 गुना तक बढ़ गया है।

 

 

फेस्टिव सीजन में सबसे अधिक यात्री दिल्ली से पूर्व की ओर जाने वाले हैं। यही वजह रही कि इस ओर जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों में रिजर्वेशन शुरू (120 दिन पहले) होते ही फुल हो चुके हैं। मांग बढ़ने के साथ राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में डायनमिक चार्ज लागू होने के बावजूद अधिक किराया देकर लोगों ने रिजर्वेशन करा रखा है। हालत यह हो गई कि प्रीमियम ट्रेनों में डायनमिक चार्जेस के बाद भी रिजर्वेेशन रेग्रेट हो चुके हैं।

 
रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेशदत्त बाजपेई ने बताया कि इस फेस्टिव सीजन में कई रूटों में यात्री संख्या दोगुनी तक हो जाती है।रेलवे पैसेंजरों काे राहत देने के लिए स्पेशल ट्रेनेें चला रहा है। पूरे नेटवर्क में औसत 25 फीसदी पैसेंजर बढ़ते हैं। वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी डायल के प्रवक्ता सौरभ ने बताया कि सामान्य दिनों में दिल्ली एयरपोर्ट के तीनों टर्मिनल में कुल मिलाकर 40 हजार पैसेंजर सफर करते हैं। वहीं फेस्टिव सीजन में पैसेंजर की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाती है।

 
राजधानी दिल्ली से सबसे महंगे किराए वाले वाले रूट पटना, वाराणसी, कोलकाता, लखनऊ, रांची, जम्मू, भोपाल, अमृतसर आदि हैं। मुंबई से अहमदाबाद और पटना जाने वालों की संख्या अधिक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बताया कि दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई दोनों ट्रैक सबसे व्यस्त हैंं। 2021 दिसंबर तक दोनों रूटाें पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तैयार हो जाएगा और मौजूदा ट्रैक से माल गाड़ियां हटा दी जाएंगी। ट्रैक खाली होने के बाद दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई रूट पर मांग के अनुसार ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। यानी इन दोनों रूटों पर वेटिंग खत्म हो सकती है। मौजूदा समय में सबसे ज्यादा मारामारी इन्हीं रूटों पर है।

 

तेजस में किराए से ज्यादा डायनमिक चार्जेस
तेजस ट्रेन में किराए से ज्यादा डायनमिक चार्जेस हैं। चेयरकार का साधारण किराया 1280 है, जबकि टिकट 3295 रुपए की बिकी है, यानी 2015 रुपए डायनमिक चार्जेस के लिए गए हैं। वहीं, एग्जक्यूटिव चेयरकार का सामान्य किराया 2450 रुपएहै जबकिदिवाली से पहले 4570 रुपए की टिकट बिकी है, डायनमिक चार्जेस के रूप में 2120 रुपए लिए गए हैं।

 

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रेलवे डायनामिक किराया क्या है?

रेलवे डायनामिक किराया प्रणाली वह प्रणाली है जिनमें किराया मांग के मुताबिक तय होता है। इसके तहत 10 प्रतिशत सीटों की बुकिंग हो जाने के साथ ही किराया 10 प्रतिशत बढ़ जाता है जैसे-जैसे सीटें कम होती जाती हैं वैसे-वैसे किराया बढता जाता है। हालांकि, यह वृद्धि तय दायरे में ही की जाती है। यह किराया सुविधा ट्रेन, राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों में लागू होता है।

 

तत्काल किराया
जनरल किराया
डायनामिक किराया
प्रीमियम तत्काल किराया
सुविधा ट्रेन का किराया
तेजस ट्रेन का किराया
इंडियन रेलवे का किराया चार्ट
लोकल किराया चार्ट

 

अगर आपके पास रेलवे का कंफर्म टिकट नहीं है और एमरजेंसी में यात्रा करनी है तो जेब कटवाने के लिए तैयार रहें। असल में डायनैमिक‍ फेयर के नाम पर रेलवे अब हर सीजन में यात्रियों की जेब काटकर मुनाफा कमाने में लग गई है। जरूरत पर सुविधा, स्पेशल, प्रीमियम ट्रेनों में आपको बर्थ तो मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए आपको नॉर्मल से 4 गुना तक ज्यादा किराया देना होगा। पहले ऐसा फेस्टिव सीजन में होता था, लेकिन अब हर सीजन की यही कहानी है।

 

आमदनी बढ़ाने के लिए है यह कंसेप्ट -नॉर्दर्न रेलवे के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि डायनैमिक फेयर का कंसेप्ट रेलवे की आमदनी को बढ़ाने के लिए लाया गया है।

 

-उनका कहना है कि कुछ रेलवे रूट ऐसे हैं, जिन पर हर सीजन में बर्थ की डिमांड ज्यादा होती है।

 

 

-जरूरत पर या पीक टाइम पर बहुत से यात्री दलालों के जरिए टिकट लेने में टिकट के दाम का 3 से 4 गुना तक खर्च कर देते हैं।

 

-ऐसे में यह पैसा अब रेलवे के पास ही आ रहा है। यह कंसेप्ट विमानन कंपनियों में काफी पहले से चल रहा है।

 

 

-जिन रूट पर डिमांड ज्यादा होती है और सीटें कम होती हैं, उन रूट पर डायनैमिक फेयर ज्यादा होता है।

 

-तत्काल टिकटों का भी 50 फीसदी कोटा इसके अंतर्गत लाया गया है। इन पर तत्काल किराए से करीब तीन गुना तक चार्ज किया जा रहा है।

 

 

-हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे ने दलालों पर लगाम लगाने के लिए कई उपाय किए हैं।

 

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कैसे बढ़ता जाता है टिकट का दाम -डायनैमिक फेयर के कंसेप्ट के मुताबिक सुविधा और प्रीमियम जैसी ट्रेनों में हर 20 फीसदी टिकट बुकिंग के बाद किराया बढ़ा दिया जाता है।

 

-जैसे जैसे सीटें कम होती जाती हैं, टिकटों के दाम बढ़ते जाते हैं।

-उदाहरण के तौर पर दिल्ली से गोरखपुर या गोरखपुर से दिल्ली के लिए नॉर्मल एसी 3 का किराया करीब 1100 रुपए है। लेकिन इसके लिए अगले 7 से 10 दिनों के डायनैमिक फेयर 4200 रुपए तक है।

 

-डायनैमिक फेयर की शुरूआत करीब 3000 रुपए से होती है और हर 20 फीसदी बुकिंग पर बढ़ते-बढ़ते अंतिम 20 फीसदी के लिए 4200 रुपए तक हो जाती है।

 

-दूसरे बिजी रूट्स पर भी यही हाल है। प्लेन के बराबर हो जाता है ट्रेन का किराया

 

-यात्रियों की परेशानी यह है कि उन्हें प्लेन के बराबर किराया खर्च कर मजबूरी में ट्रेन में यात्रा करनी पड़ रही है।

 

-दिल्ली मुंबई रूट पर प्लेन का किराया 4000 रुपए के करीब है, वहीं डायनैमिक फेयर के साथ एसी 3 का किराया इससे ज्यादा हो जाता है।

 

 

कंफर्म और आरएसी दोनों टिकटों पर डायनैमिक प्राइस -ऐसा नहीं है कि पूरी सीट के लिए ही रेलवे डायनैमिक फेयर लेती है।

 

-कंफर्म के अलावा आरएसी सीट पर भी कंफर्म सीट के बराबर ही डायनैमिक फेयर देना होता है। क्या है रेल मंत्रालय की योजना रविवार को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने बयान दिया है कि 2020 तक वेटिंग लिस्ट का प्रावधान खत्म करने की योजना है। 2020 तक सबको जरूरत पर कंफर्म सीट मिलेगी। वहींरेल बजट पेश करने के दौरान रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भी कहा था कि रेलवे ऐसे उपायों पर काम कर रही है कि 2020 तक सबको बिना किसी परेशानी के ट्रेन में कंफर्म सीट मिल जाए।

 

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