July 7, 2022

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बरेली की प्रशाली गंगवार को मिली पीसीएस में 50वीं रैंक, बनीं डिप्टी एसपी

बरेली: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) ने 2017 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है। इसमें शहर के कई युवाओं ने भी दमखम दिखाया है। लिखित परीक्षा का परिणाम सात सितंबर 2019 को घोषित किया गया था। इसके बाद 15 सितंबर 2019 से एक अक्टूबर 2019 तक 2029 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। शहर की प्रशाली गंगवार को इसमें 50वीं रैंक मिली है और उनका चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ है।

 

 

सेटेलाइट के पास राजनगर में रहने वाली गंगवार ने पहले प्रयास में ही पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनके पिता मित्र मयंक गंगवार की मौत हो चुकी है और मां मृदुला गंगवार पीलीभीत में सहायक अध्यापक हैं। बचपन से ही मेधावी प्रशाली ने राधा माधव पब्लिक स्कूल से इंटर मीडिएट के बाद एनआईटी जालंधर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

 

 

सहायक जिला सेवायोजन अधिकारी के पद पर चयनित हुए देवरिया निवासी रवीश चंद्र बरेली में रहकर कोचिंग कर रहे थे। वह इन दिनों संभल में मार्केटिंग इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और यहां से रोजाना अप-डाउन करते हैं। रवीश चंद्र बरेली में तैनात अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार के ममेरे भाई हैं। तिलहर निवासी दुष्यंत प्रताप सिंह का सहायक आयुक्त श्रम के पद पर चयन हुआ है। दुष्यंत पूर्व में ऑडीटर पंचायत थे और वर्ष 2016 में नायब तहसीलदार के पद पर उनका चयन हुआ था। पिछले सप्ताह ही उन्होंने पीलीभीत में ज्वाइन किया था।

 

 

कर्मचारीनगर निवासी आरईएस में तैनात जेई आलोक सक्सेना के बेटे आशीष सक्सेना को पहले प्रयास में ही सफलता मिली है। वह नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए हैं। श्रेष्ठ आईएएस क्लासेज के डायरेक्टर डॉ. केबी त्रिपाठी ने बताया कि रवीश, दुष्यंत और आशीष उनके यहां से ही तैयारी कर रहे थे। सभी को उन्होंने बधाई दी है।

 

 

आशुतोष सिटी निवासी नम्रता सिंह का चयन भी सहायक श्रमायुक्त के पद पर हुआ है। नम्रता एक बार आईएएस प्री में चयनित हो चुकी हैं और वह अभी भी आईएएस के लिए प्रयासरत रहेंगी। नम्रता के पिता ज्ञानेंद्र सिंह गंगवार चित्रकूट में सहायक निदेशक मत्स्य और मां सुमन गंगवार गृहणी हैं।

 

 

नौकरी के साथ पढ़ाई करके पेश की नजीर
पीसीएस में चयनित होने वाले रवीश और दुष्यंत पहले से ही सरकारी नौकरी में हैं। इन लोगों ने यह नजीर पेश की है कि नौकरी के साथ भी पढ़ाई करके मुकाम हासिल किया जा सकता है।

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