December 2, 2020

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बस्ती:छठ पूजा में व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य

बस्ती।लोक आस्था के महापर्व छठ के तीसरे दिन शुक्रवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सूर्योपासना की धूम रही है। शुक्रवार को दोपहर बाद छठ माता के गीत महिलाओं की टोली छठ घाटों की ओर निकल पड़ी। देखते ही देखते घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कुआनो के अमहट, कुदरहा के सेल्हरा घाट के अलावा सरयू (घाघरा) नदी के नौरहनी घाट समेत विभिन्न घाटों पर बनाई गई वेदिकाओं की पूजा कर श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर संतान की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शनिवार सुबह अरुणोदय पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर करेंगी माताएं व्रत का पारण करेंगी।


शुक्रवार तीसरे पहर से व्रतियों के घरवाले दोपहर सिर पर पूजा सामग्री एवं दउरा लेकर घाटों पर पहुंचने लगे। उनके पीछे छठ गीत गातीं व्रती महिलाएं चल रही थीं। कुछ लोग बैंडबाजे के साथ घाटों पर पहुंचे। देखते ही देखते वहां मेले सा माहौल हो गया। छठ बेदी पर धूप, दीप जलने लगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने दीपदान भी किया। आचार्य ओम प्रकाश शास्त्री के मुताबिक शनिवार 21 नवंबर को सुबह 06 बजकर 49 मिनट पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

लालगंज थानाक्षेत्र के मथौली गांव के तालाब पर शुक्रवार की शाम छठ पूजा के दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रतधारी महिलाओं की बड़ी संख्या रही।विगत दस वर्षों से लगातार यहां क्षेत्र के बनकटी, देईसांड़,टिकवाजोत, धुसनाखोर,सजहरा सहित विभिन्न गांव से व्रती महिलाएं डूबते व उगते सूर्य को अर्घ्य देने आती हैं। संतान के सुखमय जीवन की मंगल कामना के लिए यह व्रत रखा जाता है।


छठ के पावन महापर्व पर सीडीए एकेडमी के प्रबन्धक ई.अरविन्द पाल ने सभी माताओं एवं बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि छठ माता सभी लोगों को सुख,समृद्धि, धन,संतान के रूप आशीर्वाद देती है तथा छठ महापर्व पर भगवान सूर्य की उपासना से हर एक मनुष्य के जीवन मे सूर्योदय होता है। व्रतधारी महिलाओं सहित परिवार के भी लोग सूर्य की उपासना करते हैं और भगवान सूर्य जीवन के अंधकार को समाप्त करते है। लोगों का दृढ़ विश्वास है,इसीलिए हर साल वे इस महापर्व को धूमधाम से मनाते हैं। इस पर्व को मनाने से हमारे जीवन को आनंद और सुख की अनुभूति होती है।

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