June 18, 2021

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सच के साथ – समाचार

बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लाल डॉ. आलोक मिश्रा ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत का नाम विश्व में रोशन किया है। 4डी ब्रेन एनालसिस तकनीकी को विकसित करने के लिए उन्हें बीते एक जून को कामनवेल्थ इनोवेशन अवार्ड 2021 सम्मानित किया गया है। उनकी इस तकनीकी से किसी भी बच्चे के डीएनए का एनालसिस कर यह पता लगाया जा सकता है कि वह आगे चलकर किसी क्षेत्र में अपना नाम रोशन करने की क्षमता रखता है।

मूलरूप से संतकबीरनगर के बिसरापार गांव के रहने वाले डॉ. आलोक मिश्रा इस समय दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इंटर यूनिवर्सिटी बोर्ड यानी भारतीय विश्वविद्यालय संघ में ज्वाइंट सेक्रेटरी हैं। उनके पिता दीनानाथ मिश्रा उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग में अधिकारी रहे हैं, जबकि माता तारा मिश्रा जिले के श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज में प्रवक्ता रही हैं। ब्रेन विहैवियर रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सीईओ रहे डॉ. आलोक मिश्रा एम्स दिल्ली से पोस्ट डॉक्टरल फेलो भी रहे हैं।

वह बताते हैं कि, उनके पिता कहा करते थे कि काम ऐसा करो कि जिससे समाज को दिशा मिले। उनकी इसी सोच ने जीवन को दिशा दी और लोगों के मनोविज्ञान को समझने की कोशिश शुरू की। कहते हैं कि किसी के जीवन की कहानी को अक्सर हम सुनी-सुनाई बातों के रूप में ही सुन-समझ पाते हैं। लेकिन किसी की सफलता का विज्ञान क्या है? यह जानने की कोशिश न तो हमने की, अगर की भी तो हमारे पास उस तरह की तकनीक नहीं थी, जिसके बल पर हम कह सकें कि हम जो कह रहे हैं वह वैज्ञानिक मापदंडों को पूर्ण करता है। लेकिन 4डी ब्रेन मैपिंग की इस विकसित तकनीक से यह समझना बेहद आसान हो गया है।

 

कलाम, विराट समेत पांच विश्वविख्यात हस्तियों की ब्रेन मैपिंग कर चुके हैं
डॉ. आलोक ने अपने-अपने क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले पांच विश्वविख्यात लोगों की ब्रेन मैपिंग कर चुके हैं। इनमें सबसे पहला नाम है भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का। दूसरा नाम है बौद्ध गुरु एवं नोबल पुरस्कार से सम्मानित दलाई लामा, तीसरे हैं दक्षिण भारत के मेगा स्टार एवं राजनीतिज्ञ कमल हसन, चौथे हैं क्रिकेट के विराट पुरुष विराट कोहली और पांचवां नाम है भारत की प्रथम महिला आईपीएस किरण बेदी का। इन हस्तियों की सफलता की कहानी को उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से साबित किया।

बराक ओबामा की मैपिंग कर बताया था बनेंगे राष्ट्रपति
डॉ. आलोक कहते हैं कि लोगों की सफलता और क्षेत्र में किए कार्यों का डीएनए एनालसिस करने की दिशा में वह करीब बीस साल से काम कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उनकी ब्रेन मैपिंग की जानकारी अमेरिका तक पहुंची तो वहां के लोगों ने उन्हें बुलाया। तब बराक ओबामा राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे थे, उनसे मुलाकात के बाद कुछ ही देर में बताया था कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति बनने वाले हैं। इस पर लोगों ने उनसे सवाल भी पूछे, लेकिन जब नतीजे आए तो सभी को उनकी बात और शोध की विश्वसनीयता पर यकीन होने लगा। इससे प्रभावित होकर जनवरी 2010 में ओबामा ने उन्हें अपने शपथ ग्रहण में आमंत्रित किया था।

 

अपनी क्षमता को पहचानें और लगन से करें प्रयास: डॉ. आलोक

अब वैज्ञानिक तरीके से पता लगा सकते हैं बच्चे की अभिरुचि
4डी ब्रेन एनालिसिस के जनक हैं एम्स के पूर्व स्कॉलर डॉ. आलोक

कोई शख्स अपने जीवन में सफल क्यों है और कैसे हुआ। इसका राज क्या है। अक्सर इन तमाम सवालों का जवाब तलाश कर हम अपने बच्चों को वैसा करने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन 4डी ब्रेन एनालसिस से यह पता लगाना आसान हो गया है कि बच्चा आगे चलकर क्या बनेगा और उसे कैसे सही दिशा देनी है।

 

डॉ. आलोक कहते हैं कि किसी को भी यह सोचकर प्रयास करने से पीछे नहीं हटना चाहिए कि उनके पास संसाधन की कमी है या धन का अभाव है। 4डी ब्रेन एनालसिस से बच्चे के मन को पढ़ कर उसके सफल होने की दिशा तय की जा सकती है। डॉ. आलोक 4डी ब्रेन एनालिसिस के जनक हैं और एम्स के पूर्व स्कॉलर रह चुके हैं। डॉ. आलोक मिश्रा ने माइंड बॉडी मेडिसिन, क्लिनिकल साइकोलॉजी में डॉक्टरेट भी किया है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में वर्ष 2013 से लेकर दो साल तक कानून और बंगलूरू विश्वविद्यालय से लॉ एवं क्रिमनोलॉजी की पढ़ाई करने वाले डॉ. मिश्रा को कजन इंटरनेशनल आउटरिज अवार्ड से अमेरिकन साइकोसोमेटिक सोसाइटी ने मार्च 2010 में सम्मानित किया है। यह सम्मान पाने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। 4डी ब्रेन एनालसिस (ब्रेनोस्कोप) प्रक्रिया को विकसित करने के लिए इंडियन अकादमी ऑफ हेल्थ साइकोलॉजी ने इनोवेटिस साइंटिस्ट अवार्ड से नवंबर 2017 में उन्हें सम्मानित किया है।

132 आईएएस-आईपीएस व चार डॉक्टरों पर किया अध्ययन
4डी ब्रेन एनालसिस तकनीकी को विकसित करने के लिए डॉ. आलोक ने देश के 132 आईएएस व आईपीएस के अलावा चार हजार से अधिक डॉक्टरों पर अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से यह पता लगाया कि किसी बच्चे में सफल होने की संभावना क्या उसके डीएनए में होती है। इससे पता चला कि यदि बच्चे की क्षमता और उसकी रुचि को समझ लिया जाए तो निश्चित तौर पर वह अपने क्षेत्र में सफलता के नए आयाम गढ़ सकता है।

क्या है 4डी ब्रेन एनालिसिस

ब्रेन मैंपिग– ब्रेन मैंपिंग में दिमाग की वेब्स को परीक्षित किया जाता है। जिससे यह पता चलता है कि दिमाग का क्रिया-कलाप कैसा है। दिमाग के किस भाग में सक्रियता ज्यादा है। इससे दिमाग की कार्य स्थिति को समझने का प्रयास किया जाता है।

डीएनए मैपिंग– इसके माध्यम से जन्मजात आईक्यू, अवसाद का कोई जीन है तो उसकी पहचान होती है। इससे तमाम मानसिक विकारों की पहचान समय पूर्व की जा सकती है और उसे बढ़ने से रोका जा सकता है।

बॉयोलॉजिकल मैपिंग– इसमें व्यक्ति के जन्मजात गुणों का आकलन किया जाता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि आपकी रुचि किस दिशा में बेहतर है। वह क्या बेहतर कर सकता है।

मनोवैज्ञानिक परीक्षण– इससे व्यवहार कुशलता, रुचि एवं व्यक्तित्व विकास की स्थिति को समझ सकते हैं।

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