September 19, 2021

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बस्ती:महंत सच्चिदानंद की शिष्या 50 हजार की ईनामिया कमला बाई लखनऊ से गिरफ्तार

बस्ती|एसटीएफ ने बस्ती में रेप के मामले में चार साल से फरार चल रही महंत सच्चिदानंद की शिष्या कमला बाई को काकोरी में आगरा एक्सप्रेस वे के पास गिरफ्तार कर लिया। चार दिन पहले ही इस मामले के मुख्य आरोपी सच्चिदानंद को गिरफ्तार किया गया था। कमला बाई पर साजिश रचने का आरोप लगा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस मामले में एक और आरोपी महिला की तलाश की जा रही है।

एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अमरोहा स्थित संत कुटीर आश्रम में रहने वाली एक युवती ने बस्ती में अपने साथ रेप किये जाने का आरोप मंहत सच्चिदानंद पर लगाया था। उसने कमला बाई व एक अन्य पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। इन पर 50 हजार रुपये का इनाम हुआ। एसटीएफ ने बताया कि बस्ती में चार दिन पहले सच्चिदानंद की गिरफ्तारी के बाद ही कमला बाई के बारे में काफी सुराग मिले थे। वह फरारी के दौरान दिल्ली स्थित संत कुटीर आश्रम भी रही।

 

एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी कमलाबाई उर्फ प्रियंका श्रीवास्तव निवासी आवास विकास कॉलोनी कटरा जिला बस्ती की कोतवाली में दर्ज गैंगरेप व रेप के दो मुकदमों में करीब तीन साल से तलाश थी। उस पर डीआईजी स्तर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लखनऊ में एसटीएफ की मदद से धरपकड़ में कोतवाल मनोज कुमार त्रिपाठी की अगुवाई में चौकी प्रभारी बड़ेवन जनार्दन प्रसाद व महिला आरक्षी प्रियंका यादव की अहम भूमिका रही।

संतकुटीर आश्रम डमरुआ बस्ती में छत्तीसगढ़ से लाई गई दो साध्वियों ने 19 दिसंबर 2018 को 376डी, 323, 506 आईपीसी के तहत सच्चिदानंद, कमलाबाई व अन्य के खिलाफ दर्ज किया था। इसके बाद 26 दिसंबर 2018 को एक और साध्वी की तहरीर पर आईपीसी की धारा 376, 342, 506, 34 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। कोतवाली पुलिस कमलाबाई उर्फ प्रियंका को बस्ती लाने के साथ ही कोर्ट में पेश करने की तैयारी में जुट गई है।

बिहार में छिपकर रह रही थी शातिर कमलाबाई

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि कमलाबाई उर्फ प्रियंका श्रीवास्तव बिहार के विभिन्न जिलों में स्थित आश्रमों में छिपकर रह रही थी। पहचान बदलने में माहिर कमलाबाई आश्रमकांड के मुख्य आरोपी सच्चिदानंद की खास शिष्या थी। छत्तीसगढ़ की पीड़िताओं ने भी इस पर कई संगीन आरोप लगाए थे। बाबा के सेवा-सत्कार के साथ ही तमाम तरह की जरूरतें भी यही पूरा करती थी। लेनदेन का हिसाब भी इसी के पास रहता था। इससे पहले 30 जून को 50 हजार के इनामिया बाबा सच्चिदानंद उर्फ दयानंद को मुरादाबाद से बुधवार की शाम एसटीएफ लखनऊ की मदद से कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था। पुलिस के अनुसार सच्चिदानन्द उर्फ दयानन्द उर्फ भगतानन्द उर्फ प्रशान्त कुमार उर्फ सन्त कुमार निवासी मीठापुर गया गुमटी परमा जिला गया बिहार के खिलाफ कोतवाली व लालगंज में सात मुकदमे पंजीकृत हैं। इनमें कोतवाली में दर्ज गैंगरेप व रेप के दो मुकदमों में कमलाबाई भी आरोपी थी और उस पर पचास हजार का इनाम रखा गया था।

सत्संग के बहाने करते थे शोषण

पुलिस के अनुसार कमलाबाई पर यह आरोप लगा था कि आश्रम में सत्संग व प्रवचन के नाम पर महिलाओं व किशोरियों को बुलाया जाता था। अनुष्ठान के जरिए विशेष कृपा दिलाने का झांसा देते रहे। अपने जाल में फंसाने के बाद महिलाओं को देश के विभिन्न राज्यों में स्थित आश्रम में भेजकर उनका शारीरिक शोषण किया जाता था। मामले की एक अन्य आरोपी प्रमिलाबाई की तलाश जारी है।

 

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