September 27, 2022

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बस्ती:लगातार हो रही बरसात से शहर से लेकर देहात तक के लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त

लगातार हो रही बरसात ने शहर से लेकर देहात तक के लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक तरफ जहां बरसात ने ग्रामीण क्षेत्र में कई मकानों को ध्वस्त करने में कोई कोर कसर नहीं बाकी किया, वहीं दूसरी तरफ नगरीय क्षेत्र के गली-मोहल्ले जलमग्न हो चुके हैं। तेज बरसात से जहां किसानों की फसलें डूबने की स्थिति में पहुंच चुकी हैं, वहीं वह अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए कोई तरकीब नहीं खोज पा रहे हैं।

 

लगातार हो रही बरसात से बस्ती-महुली मार्ग के किनारे बसी आबादी जहां जलभराव की विभीषिका झेलने को मजबूर हो रही है, वहीं देईसाड़ बाजार में भीषण जलजमाव के कारण आवागमन बाधित हो चुका है। गांवों का तो और भी बुरा हाल हो चुका है। बानपुर से देईसाड़, खोरिया से देईसाड़, टिकवाजोत से डिहिया, बनकटी से खैराटी, बनकटी ब्लाक मुख्यालय से कनेहटी, पक्कवा बाजार से इटहर, पंखोबारी से बरडाड़ मार्ग जर्जर होने से तालाब में तब्दील हो चुके हैं। नतीजा यह हो रहा है कि दो दिनों से लोग जलभराव के बीच आवागमन करने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं नगर पंचायत बनकटी के गांधीनगर वार्ड में नालियों का पानी उफान मार रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था न बना पाना जिम्मेदारों की लापरवाही साफ बयान कर रही है।

 

विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र में अलग-अलग गांवों में शुक्रवार को तीन मकान धराशायी हो गए। गनीमत रहा कि कोई हताहत नहीं हुआ। पहली घटना क्षेत्र के बभरौली की है जहां तालाब के किनारे स्थित तकरीबन सौ साल पुराना पीपल का पेड़ एक रिहायशी छप्पर पर गिर गया। सुबाष तिवारी के छप्पर की सीमेंटेड दीवार क्षतिग्रस्त हो गई वहीं उसमें रखा सारा सामान दब गया। गनीमत था कि पूरा परिवार बाहर खेत में गया था। दूसरी घटना क्षेत्र के अतरौरा झाम की है जहां बारिश के चलते ओमप्रकाश सिंह का सीमेंट शेड बना रिहायशी घर गिर गया। यहां घरेलू उपयोग की चीजें मकान के मलबे में ही जमींदोज हो गईं। वहीं तीसरी घटना क्षेत्र के बस्थनवा में हुई जिसमें अजय कुमार के घर के अंदर बना खप्पड़ का बरामदा धराशायी हो गया। गनीमत रहा कि सभी लोग पक्के हिस्से में मौजूद थे।

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