September 29, 2022

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बस्ती : आरटीओ आफिस में दलालों का बोलबाला, कर्मचारी और दलालों की मिलीभगत से आम आदमी परेशान

आरटीओ आफिस में दलालों का बोलबाला, कर्मचारी और दलालों की मिलीभगत से आम आदमी परेशान

बस्ती 07 सितंबर। ड्रांइविंग लाइसेंस बनवाने के लिये नये नियमों के अनुसार अब आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के दौरान कुछ सवालों के जवाब देने होते हैं, जिसके आधार पर आवेदक को लाइसेंस के लिये पात्र मान लिया जाता है। आरटीओ आफिस से जुड़ा एक साल्वर गैंग आवेदक के घर और दफ्तरों तक पहुंचकर या एक निश्चित स्थान पर बैठकर उन सवालों के सही जवाब बताकर उनका काम आसान कर रहा है। इसके एवज में डेढ़ से दो हजार रूपये लिये जा रहे हैं। इस प्रकार सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार सेवा ट्रस्ट के प्रदेश मीडिया प्रभारी महेन्द्र श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर साल्वर गैंग पर लगाम कसने की मांग किया है। उन्होने कहा दलालों की अफसरों की मिलीभगत के चलते आरटीओ आफिस के भ्रष्टाचार पर नियंत्रण नही हो पा रहा है। यह भी कहा डबल डेकर बसें अवैध रूप से फर्राटा भर रही हैं। दो सौ से अधिक डबल डेकर बसें रोजाना चल रही हैं। अवैध रूप से चल रही इन बसों से महकमे के अफसर माहवार मोटी रकम वसूल रहे हैं। यही कारण है उनमे किसी का चालान नही होता जबकि पुलिस ऑटो चालकों के पीछे पड़ी रहती है, रोजाना उनके चालान हो रहे हैं।

विभागीय सूत्रों की माने तो इप बस संचालकों को एक कोडवर्ड दिया जाता है जिसके आधार पर वे निडर होकर फर्राटे भर रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता ने यह भी कहा कि ट्रैक्टर ट्राली बेरोकटोक सड़कों पर चल रही हैं। अत्यधिक मार्ग दुर्घटनायें इन्ही से होती हैं। कृषि कार्य के लिये टैक्स में छूट का लाभ उठाकर इनसे कामर्शियल कार्य किये जा रहे हैं। महेन्द्र श्रीवास्तव ने उपरोक्त मामले से अवगत कराते हुये जिलाधिकारी से ठोस कार्यवाही की मांग किया है।

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