October 2, 2022

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बस्ती: जिले को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए एवं विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 की जाए समाप्त

बस्ती को सूखा ग्रस्त घोषित किया जाए एवं विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 की जाए समाप्त

-अन्याय के खिलाफ मुखर होगा लड़ना होगा- राम प्रसाद चौधरी

-भाजपा की सरकार में हर वर्ग परेशान- महेन्द्रनाथ यादव

बस्ती 06 सितंबर |सोमवार को समाजवादी पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने निवर्तमान जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव के नेतृत्व में जनहित के सवालों पर शास्त्री चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन किया। राज्यपाल को सम्बोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर को सौपते हुये सपा नेताओं ने बस्ती को सूखा ग्रस्त घोषित कर विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 को समाप्त किये जाने की मांग किया।

धरने को सम्बोधित करते हुये पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि अन्याय, अराजकता, उत्पीड़न, मंहगाई, बेरोजगारी के सवालों को लेकर संघर्ष तेज करना होगा। कहा कि समाजवादी पार्टी संघर्षो की कोख से जन्मी है। हमें अभी से 2024 की तैयारियों में जुट जाना होगा जिससे समस्याओं से निजात मिले।

निवर्तमान जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार में हर क्षेत्र के लोग परेशान और बेहाल है, मंहगाई, बेरोजगारी अपने चरम पर है। किसान, नौजवान, छात्र, व्यापारी परेशान है। सपा जनहित के सवालों को लेकर अपना चरणबद्ध आन्दोलन जारी रखेगी। कहा कि इस बार बारिश न होने से धान की फसल चौपट हो गई किन्तु अभी तक बस्ती को सूखा ग्रस्त घोषित नहीं किया गया। विकास प्राधिकरण के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। इन सवालों को लेकर आन्दोलन तेज करना होगा। धरने को विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’ सिद्धेश सिन्हा, जावेद पिण्डारी, समीर चौधरी, अजीत सिंह, अशोक सिंह, कक्कू शुक्ला, राम सिंह यादव, प्रवीण पाठक, सुरेन्द्र सिंह छोटे, अरविन्द सोनकर आदि ने सम्बोधित करते हुये जन समस्याओं को मुखरता से उठाते हुये संघर्ष करने पर जोर दिया।

राज्यपाल को भेजे 10 सूत्रीय ज्ञापन में बस्ती को सूखा ग्रस्त घोषित करने, बस्ती विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 को समाप्त किये जाने, मुण्डेरवा एवं रूधौली चीनी मिल के गन्ना किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किये जाने, वाल्टरगंज चीनी मिल के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के साथ ही कर्मचारियों का वेतन शीघ्र भुगतान कराये जाने, बस्ती विकास प्राधिकरण की मनमानी पर रोक लगाने, बढ रही मंहगाई, बेरोजगारी को कम किये जाने, बिजली कटौती पर रोक लगाते हुये सूखे की स्थिति को देखते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त बिजली आपूर्ति किये जाने, प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था को रोकने, महिलाओं पर हो रहे बढते अपराध को रोके जाने, व्यापारियों, मजदूरों एवं छात्रों पर हो रहे उत्पीड़न को रोके जाने आदि की मांग शामिल है।

धरने में मुख्य रूप से ज्ञानचन्द चौधरी, राजेन्द्र चौरसिया, विवेक कुमार शुक्ल ‘पिन्टू’ मो. जावेद, अखिलेश यादव, गुलाम गौस खां, हरिलाल यादव, गीता भारती, मिथलेश पाण्डेय, इन्द्रावती शुक्ल, रन बहादुर यादव, मो. सलीम, राजेन्द्र चौधरी, भोलू अंसारी, रजवन्त यादव, रहमान प्रधान, चन्द्रिका यादव, शैलेन्द्र दूबे, अमरेन्द्र पाण्डेय ‘ शिबलू’ रिन्टू यादव, युनूस आलम, भोला पाण्डेय, मो. शाहिद, युगुल किशोर चौधरी, अब्दुल मोईन, महंत यादव, मो. हुसेन, के साथ ही हजारों की संख्या में सपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल रहे।

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