October 2, 2022

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बस्ती में पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक संपन्न:8 मंडल और 28 जिलों के कास पर चर्चा, जिलो से आए बोर्ड सदस्‍यों ने रखी बात, दिए सुझाव

पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई संपन्न

-बैठक में बस्ती मंडल के साथ-साथ पूर्वांचल के 8 मंडल एवं 28 जिलों के समग्र विकास के संबंध में की गई चर्चा

बस्ती 29 जून। पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त सभागार में उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बस्ती मंडल के साथ-साथ पूर्वांचल के 8 मंडल एवं 28 जिलों के समग्र विकास के संबंध में चर्चा की गई। बोर्ड में नामित अलग-अलग जिलों के सदस्यों ने वहां की समस्याओं को रखा। उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिकारीगण सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से लागू करें, आम जनता को योजनाओं का लाभ दिलाएं तथा उनके समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। उन्होने भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन देने तथा नैतिक स्तर ऊॅचा उठाने के लिए अधिकारियों का आह्रवान किया।

उन्होेने बताया कि पूर्वांचल विकास बोर्ड में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा पूर्वांचल में स्थित विश्वविद्यालयों के वाइसचांसलर सदस्य है। बोर्ड का उद्देश्य पूर्वांचल के समग्र विकास से संबंधित सुझाव देना है, बोर्ड के अध्यक्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं है। बैठको में प्राप्त सुझावों से शीघ्र ही उन्हें अवगत कराया जायेंगा। बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए, उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप विभागीय अधिकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे। उन्होंने बस्ती मंडल में बैठक आयोजित करने के लिए सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्रा ने कहा कि पूर्वांचल के विकास के लिए सभी को मिलजुल कर कार्य करना होगा क्योकि पूर्वांचल के लोग पूरे भारत मे अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे है। उन्होने विशेष रूप से भूमि डाटा का डिजिटाईजेशन कराने, पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। सांसद जय प्रकाश निषाद ने कहा कि आम आदमी के समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों को मौके पर जाना होगा। ग्राम स्तरीय कर्मचारी गरीब आदमी का शोषण करते है, जिसके कारण उनकी समस्याओं का निदान नही हो पाता है।

एमएलसी (प्रयागराज) के.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि विद्युत विभाग में 5 से 15 प्रतिशत लाईनलास अनुमन्य है परन्तु यह बस्ती में 42 प्रतिशत से अधिक है, जिसका वित्तीय भार आमजनता को उठाना होता है। शहरों में फैले तारों के जाल से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। उन्होने शहरों में बरसात के दौरान जल भराव का स्थायी हल निकालने का भी सुझाव दिया। बोर्ड के सदस्य राज कुमार शाही (देवरिया) ने कहा कि बोर्ड की पिछली बैठको में जो प्रकरण सदस्यों द्वारा रखे गये उस पर कृत कार्यवाही से उन्हें अवगत कराया जाय। उन्होने आयुष विभाग को मजबूत बनाने का भी सुझाव दिया। सदस्य बौद्ध अरविन्द्र सिंह पटेल (बस्ती) तथा संतकबीर नगर में बौद्ध स्थलों के पर्यटन विकास का सुझाव दिया। उन्होने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में तैनात डाक्टरों की उपस्थिति उनके कार्यस्थल पर सुनिश्चित करायी जाय। जितेन्द्र पाण्डेय (गाजीपुर) ने गाजीपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना तथा कताई एवं चीनी मिल संचालित किए जाने पर जोर दिया।

परदेशी रविदास (महराजगंज) ने सुझाव दिया कि भूमि विवाद से पीड़ित पक्ष को स्पष्ट बताया जाय की उनका प्रकरण दीवानी न्यायालय से संबंधित है अथवा तहसील से। उन्होने कहा कि थानों में अबैध खनन से संबंधित पकड़ी गयी गाडिया खड़ी रहती है, जबकि उन्हे जुर्माना लगाकर छोड़ देना चाहिए। सदस्य वियज शंकर यादव (गोरखपुर) ने सुझाव दिया कि मेहदावल-गोरखपुर मार्ग बड़याठाठर पुल का एप्रोच रोड शीघ्र बनवाया जाय ताकि उस क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा हो। मुख्य अभियन्ता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि मार्च 2023 में यह पुल पूर्ण हो जायेंगा।

सदस्य ओम प्रकाश गोयल (सोनभ्रद्र) ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण का असर नवजात बच्चों पर भी देखा जा रहा है और वो दिव्यांग पैदा हो रहे है। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। सदस्य अशोक चौधरी (प्रयागराज) ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा स्कूलों के छात्रावास जर्जर हालत में संचालित हो रहे है, इसकी जॉच कराकर ठीक कराने की आवश्यकता है। उन्होने छोटी नदियों पर चेकडैम बनाकर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, छुट्टा पशुओं को गोशाला में रखने, खुले में छोड़ने वाले पशुपालको के विरूद्ध एफ.आई.आर. कराने, किसानों को वृक्षारोपण के लिए निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।

बोर्ड के सदस्य विजयविक्रम सिंह (अमेठी) ने एक ट्रिलिएन की अर्थ व्यवस्था बनाने के लिए पूर्वांचल को साधन सम्पन्न बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होने कहा कि गोरखपुर, कुशीनगर, आजमगढ एअरपोर्ट की सुविधा हो गयी है। पूर्वांचल एक्सप्रेेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, बनारस, प्रयागराज 6लेन मार्ग हो जाने से आवागमन की सुविधा बढी है, इससे किसानों को उनके उत्पाद का अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों का पर्यटन की दृष्टि से सौंदर्यीकरण कराने से देशी-विदेशी पर्यटको को आकर्षित किया जा सकता है। उन्होने आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का सुझाव दिया।

बैठक में मा. विशेष सचिव नियोजन आर.एन.एस. यादव, निदेशक क्षे. नियो. प्रभाग विजय कुमार अग्रवाल, अपर आयुक्त प्रशासन गोरेलाल शुक्ल, संयुक्त विकास आयुक्त पद्मकान्त शुक्ल, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. चन्द्रप्रकाश कश्यप, महेश शुक्ल, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी, वरिष्ठ शोध अधिकारी राजेश सिंह लोधी एवं तेजई प्रसाद तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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