June 25, 2022

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बस्ती- संतकबीरनगर:फर्जी शिक्षक का पता ही नहीं लगा पा रहा बेसिक शिक्षा विभाग

संतकबीरनगर:जिले के नाथनगर ब्लाक के रईमा प्राथमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षक के फर्जी होने की पुष्टि होने के बाद से ही उसकी तलाश में विभाग जुटा है, लेकिन अभी तक पता नहीं लगा पाया है।

 

कई नोटिस जारी हो चुकी है लेकिन एक भी रिसीव नहीं हुई है। वहीं विभाग उक्त शिक्षक के वास्तविक एड्रेस का भी पता नहीं लगा पा रहा है। अब बीएसए ने अंतिम नोटिस का प्रकाशन अखबार में कराया है। इसके बाद उक्त शिक्षक के बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।

 

 

बस्ती जनपद के परसरामपुर थाना के मुनियावां कला गांव निवासी रणजीत सिंह पुत्र राज सिंह ने 21 अगस्त को बीएसए को शिकायती पत्र सौंप अपने पैन नंबर पर संतकबीरनगर में दूसरे शिक्षक के वेतन लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनकी पहली नियुक्ति वर्ष 2005 में बस्ती जनपद के विक्रमजोत ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मलहनी पर सहायक अध्यापक के रूप में हुई थी।

 

 

उन्होंने बताया कि 30 दिसंबर 2010 को पदोन्नति के बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय केशवपुर में बतौर सहायक अध्यापक पोस्टिंग हो गई। उन्होंने बताया कि उनके पैन नंबर से वित्त एवं लेखा अधिकारी बेसिक बस्ती द्वारा आयकर की कटौती की जाती है। लेकिन पिछले दिनों जब वह 2018-19 का आईटीआर दाखिल करने गया तो पता चला कि उसके पैन नंबर पर बस्ती के अलावा संतकबीरनगर के भी एक अध्यापक का वेतन निकल रहा है। रणजीत सिंह की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए बीएसए ने उसकी जांच लेखाधिकारी अतुल पांडेय को सौंपी।

 
लेखाधिकारी पांडेय ने जांच शुरू की तो उक्त पैन नंबर से जिले में वेतन निकलने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि जनपद के नाथनगर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रईमा पर तैनात सहायक अध्यापक रणजीत सिंह का वेतन इसी पैन नंबर से निकल रहा है। उक्त शिक्षक को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर समस्त मूल अभिलेख के साथ तलब किया गया था। बीएसए ने भी नोटिस जारी किया था।

 

 

दोनों अधिकारियों की नोटिस अभी तक न तो वापस लौटी है और न ही कोई सूचना आई है। इस बीच उक्त फर्जी शिक्षक ने डाक से अपना इस्तीफा भेज दिया। इस्तीफा बीएसए कार्यालय में पहुंचा तो हड़कंप मच गया। बीएसए ने निलंबन और सेवा बर्खास्तगी की नोटिस जारी की लेकिन वह भी रिसीव नहीं हुआ और अंत में बीएसए ने अखबार में विज्ञान प्रकाशित कराया है। बीएसए ने कहा कि 17 सितंबर तक उक्त शिक्षक अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं करता है तो उसका चयन निरस्त करते हुए उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर वेतन की रिकवरी कराई जाएगी।

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