January 20, 2021

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बस्ती: 67 लाख से अधिक की रकम उड़ाने वाले दो साइबर ठग गिरफ्तार

बस्ती|बस्ती परिक्षेत्र के साइबर क्राइम थाने की टीम ने फ्रॉड करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। दो शातिर गिरफ्तार किए गए हैं। गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों को ट्रेस करने में टीम जुटी है। साइबर क्राइम को रोकने व इससे संबंधित अपराधियों की धरपकड़ के लिए पूरी सतर्कता व सक्रियता से साइबर क्राइम थाना अहम भूमिका निभाए, इसके लिए लगातार इसकी मॉनीटरिंग की व्यवस्था बनाई गई है।

साइबर थाने की टीम ने बैंक खाते को हैक करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को बुधवार को हाईवे पर बड़ेवन ओवरब्रिज से गिरफ्तार किया गया। आरोपित बरेली के भोजीपुरा के सैदपुर चुन्नीलाल गांव के रहने वाले निजाकत अली खां और राशिद खां हैं। आरोपितों ने अर्बन को-आपरेटिव बैंक सिद्धार्थनगर के प्रबंधक और शेखनगर निवासी मोहम्मद आसिम खान के आइडीबीआइ बैंक की लखनऊ शाखा के खाते से 67 लाख 29 हजार 990 रुपये निकाल लिए थे। इसका मुकदमा थाना कोतवाली में दर्ज कराया गया था।

शातिर रकम ट्रांसफर करने के लिए जरूरतमंद व्यक्तियों को 10-15 हजार रुपये देकर फर्जी आइडी पर खाते खुलवाते थे। मोबाइल नंबर भी फर्जी आईडी पर लिया जाता था। गिरोह ने यूपी, बिहार व उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में खाते खोले हैं। गैंग का सरगना ही रकम ट्रांसफर होने के बाद एटीएम या अन्य माध्यम से पैसा निकाल लेता था। गिरफ्तार आरोपितों ने नोएडा के कोटक महिद्रा बैंक की सेक्टर 62 शाखा में खाता खुलवाया था। इनके पास दो फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं।


इस गैंग का सरगना राशिद नाम का एक शख्स है, जो फिलहाल टीम की गिरफ्त से बाहर है। पकड़ में आया इस गैंग का शातिर राशिद खां फ्राड कर निकाली गई रकम को ट्रांसफर कराने के लिए कमीशन लेकर खाता खुलवाता था। वहीं निजाकत अली खां वह शख्स है, जिसके खाते में फ्रॉड कर कुल 8.65 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। दोनों शातिरों ने नोएडा के कोटेक महिन्द्रा बैंक सेक्टर 62 में खाता खोलवाया था। इनके कब्जे से दो कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इनसे पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर साइबर टीम गैंग के सरगना समेत अन्य गुर्गों तक पहुंचने में जुटी है।

साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि दो फरवरी 2019 को मुकदमा दर्ज होने के बाद सितंबर 2019 में एडीजी साइबर क्राइम के आदेश पर मुकदमे की विवेचना मंडलीय साइबर थाने को सौंपी गई थी। छानबीन के दौरान पता चला कि बैंक से उड़ाई गई रकम 10 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। छानबीन के दौरान एक मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा, जिसकी मदद से गिरोह तक पहुंचने में कामयाबी मिली। गैंग का सरगना बरेली के धंतिया का राशिद है। वह फरार है। दूसरा सदस्य राशिद खां उड़ाई गई रकम ट्रांसफर कराने के लिए कमीशन लेकर खाता खुलवाता था। निजाकत अली खां के खाते में 8.65 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

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