July 7, 2022

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भौतिकी का नोबेल: बाहरी ग्रहों को खोजा और ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाया

भौतिकी का नोबेल पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों ने सौरमंडल से बाहर ग्रहों की खोज समेत अंतरिक्ष के विकास प्रक्रिया की व्याख्या कर ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाया। अमेरिका की प्रसंटिन यूनिवर्सिटी में अल्बर्ट आइंस्टीन के रूप में विख्यात जेम्स पीबल्स ने इसको समझने का प्रयास किया कि बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड का कैसे विकास हुआ, इसमें पृथ्वी की क्या स्थिति है।

 

पीबल्स ने बताया कि हमारे चारों ओर दिखने वाले पदार्थ जैसे पर्वत, मैदान, समुद्र आदि चीजें डार्क ऊर्जा, डार्क मैटर का 5% हिस्सा हैं। अभी तक बिग-बैंग की गुत्थी सुलझाने में उलझे रहे अधुनिक भौतिक विज्ञान के समक्ष अब इस पांच फीसदी के रहस्य को सुलझाना है।


बिग-बैंग के तहत माना जाता था कि 14 अरब साल पहले पूरा अंतरिक्ष गर्म, सघन गोला था जिसमें विस्फोट से सभी तारों और ग्रहों समेत पूरे अंतरिक्ष का विकास हुआ। मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज ने 1995 में बताया था कि आकाश गंगा में भी कुछ ग्रह हैं जो सूर्य जैसे अन्य तारों का चक्कर लगा रहे हैं।

 

 

9.18 लाख डॉलर इनाम

9.18 लाख डॉलर इनाम कनाडाई मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स, स्विट्जरलैंड के मिशेल मेयर और डिडिएर क्वेलोज को 90 लाख क्रोना (स्वीडन की मुद्रा) नकद यानी 9,18,000 अमेरिकी डॉलर, एक स्वर्ण पदक और एक डिप्लोमा दिया जाएगा। स्टॉकहोम में 10 दिसंबर को डायनामाइट के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि (1896 में निधन) पर एक कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित किया जाएगा।

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