August 4, 2021

Such Ke Sath

सच के साथ – समाचार

मध्य प्रदेश में 14 फीसदी ही रहेगा नियुक्ति में OBC आरक्षण, हाई कोर्ट का फैसला

MP OBC Reservation : जबलपुर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट (SC) ने इंदिरा साहनी मामले मे दिए गए फैसले में साफ किया था कि ओबीसी, एसटी और एससी वर्ग को 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता. लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण बढ़ाये जाने से आरक्षण का दायरा 63 प्रतिशत पहुंच गया है.

 

जबलपुर. मध्यप्रदेश में ओबीसी (OBC) वर्ग को बढ़ा हुआ यानि 27 फीसदी आरक्षण (Reservation) देने पर हाईकोर्ट ने रोक बरकरार रखी है. जबलपुर हाईकोर्ट ने साफ किया है कि फिलहाल ओबीसी वर्ग को पहले की तरह 14 फीसदी आरक्षण ही दिया जा सकेगा. इस केस की अगली सुनवाई अब 10 अगस्त को होगी.

 

आज मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश में कोराना की तीसरी लहर को देखते हुए डॉक्टर्स की नियुक्ति करना जरूरी है. इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वो मैरिट लिस्ट तो 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के हिसाब से बना सकती है लेकिन डॉक्टर्स की नियुक्ति में 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण ही दिया जा सकेगा. हाईकोर्ट ने मामले पर याचिकाकर्ताओं सहित राज्य सरकार से लिखित में अपनी बहस के बिंदु पेश करने के आदेश दिए हैं और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख तय कर दी है.

 

कोर्ट में आज हुई सुनवाई

आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आर्थिक-सामाजिक स्थिति और उनकी बड़ी आबादी को देखते हुए ओबीसी आरक्षण बढ़ाना ज़रूरी है. इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि मध्यप्रदेश सरकार ओबीसी वर्ग को आबादी के हिसाब से आरक्षण तो देना चाहती है लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में आबादी के हिसाब से दिए गए मराठा आरक्षण को अवैध करार दे दिया है.

 

 

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी जजमेंट के मुताबिक किसी भी स्थिति में आरक्षण 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता. वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि विशेष परिस्थितियों में आरक्षण 50 फीसदी की सीमा से ज्यादा बढ़ाया जा सकता है और ओबीसी वर्ग की बड़ी आबादी को प्रदेश में विशेष परिस्थितियां ही माना जाना चाहिए…. बहरहाल हाईकोर्ट ने मामले पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय करते हुए ओबीसी वर्ग को 27 की बजाय 14 फीसदी ही आरक्षण देने का आदेश जारी रखा है.

कमलनाथ सरकार ने बढ़ाया था आरक्षण

बीती कमलनाथ सरकार ने ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया था जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. बढ़े हुए आरक्षण के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं में कहा गया है कि राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी करके आरक्षण प्रावधानों का उल्लंघन किया है. याचिकाओं में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी मामले मे दिए गए फैसले में साफ किया था कि ओबीसी, एसटी और एससी वर्ग को 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता. लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण बढ़ाये जाने से आरक्षण का दायरा 63 प्रतिशत पहुंच गया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.