August 9, 2022

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सच के साथ

“मैं केवल मंत्री या सांसद-विधायक नहीं हूं…’, इस भाषण से भड़के थे किसान, जानें- कौन हैं अजय मिश्र टेनी?

लखीमपुर-खीरी|यूपी के लखीमपुर-खीरी (Lakhimpur Kheri news) में विरोध कर रहे किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ाने के मामले ने राजनीतिक बखेड़ा खड़ा कर दिया है। खीरी से सांसद और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी (Ajay Mishra Teni) के गांव बनबीरपुर में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का पहले से तय कार्यक्रम था। डिप्टी सीएम के रूट पर कुछ किसान काले झंडे लेकर खड़े थे, तभी एक काली जीप ने कुछ किसानों को टक्कर मार दी। हादसे में अभी तक 8 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इनमें चार प्रदर्शनकारी, तीन बीजेपी नेता और एक ड्राइवर शामिल हैं। इस बीच सांसद अजय मिश्र टेनी का करीब 20 दिन पुराना वीडियो वायरल हो रहा है।

 

‘सुधर जाओ नहीं तो सुधार देंगे, दो मिनट लगेगा केवल’
वीडियो में एक सभा को संबोधित करते हुए अजय मिश्र टेनी कहते हैं, ‘आप भी किसान हैं आप क्यों नहीं उतर गए आंदोलन में…अगर मैं उतर जाता तो उनको भागने का रास्ता नहीं मिलता। पीठ पीछे काम करने वाले 10-15 लोग यहां पर शोर मचाते हैं तो फिर तो पूरे देश में आंदोलन फैल जाना चाहिए था। क्यों नहीं फैला दस ग्यारह महीने हो गए? मैं ऐसे लोगों को कहना चाहता हूं सुधर जाओ…नहीं तो सामना करो आकर हम आपको सुधार देंगे दो मिनट लगेगा केवल…मैं केवल मंत्री नहीं हूं या केवल सांसद या विधायक नहीं हूं। जो लोग हैं विधायक या मंत्री बनने से पहले मेरे बारे में जानते होंगे कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं…’

 

सांसद ने क्यों कहा- मैं सिर्फ मंत्री या सांसद-विधायक नहीं हूं

कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से जिले में सांसद के विरोध की वजह उनका यही भाषण था। रविवार को भी उनके इसी भाषण को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सांसद अजय मिश्र टेनी ने अपने वीडियो में ‘मैं केवल मंत्री नहीं हूं या केवल सांसद या विधायक नहीं हूं…’ जैसी लाइन क्यों कही? आखिर कौन हैं अजय मिश्र टेनी और 2012 में उनके विधायक बनने से पहले उनका करियर कैसा रहा है?

 

2012 का विधानसभा चुनाव जीतने के साथ शुरू हुआ राजनीतिक करियर

 

अजय मिश्र टेनी पेशे से किसान और व्यवसायी हैं। वह 2012 के विधानसभा चुनाव में लखीमपुर-खीरी की निघासन सीट से चुने गए थे। 2014 में बीजेपी ने उन पर भरोसा जताया और खीरी लोकसभा सीट से टिकट दे दिया। उन्होंने करीब 1 लाख 10 हजार मतों के अंतर से बीएसपी के उम्मीदवार अरविंद गिरि को हराया। 2019 के चुनाव में भी उन्होंने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और समाजवादी पार्टी की पूर्वी वर्मा को रेकॉर्ड सवा दो लाख मतों से हराया। हाल ही में हुए मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली और उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई।

MLA बनने से पहले कुश्ती भी की…2004 में हत्या के केस से हुए आरोपमुक्त

2012 में विधायक बनने से पहले अजय मिश्र टेनी वकालत भी करते थे, मगर उनका मुख्य व्यवसाय खेती और अन्य व्यापार रहे। अजय मिश्र टेनी की छवि इलाके में एक दबंग और बाहुबली नेता की रही। उनकी इस छवि के पीछे बहुत बड़ी वजह यह भी है कि उनमें पहलवानी को लेकर हमेशा से जुनून रहा और शुरुआती दिनों में उन्होंने कुश्ती भी की थी। साल 2000 में उनके ऊपर हत्या का एक केस भी दर्ज हुआ था, मगर 2004 में स्थानीय अदालत ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया।

रविवार को भी उनके गांव में था दंगल का आयोजन, केशव मौर्या थे मुख्य अतिथि

रविवार को भी उनके गांव बनबीरपुर में एक दंगल प्रतियोगिता का आयोजन था। इस कार्यक्रम में लखीमपुर दौरे पर आए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। डिप्टी सीएम के आने की खबर सुनते ही आसपास की तहसीलों और जिलों के किसान तिकुनिया-बनबीरपुर मोड़ पर जमा हो गए। उनकी तैयारी डिप्टी सीएम के काफिले के सामने प्रदर्शन करने और काले झंडे दिखाने की थी। हालांकि उसी समय बीजेपी नेताओं की दो एसयूवी उधर से गुजरीं और प्रदर्शन कर रहे किसानों पर चढ़ गईं।

 

 

एक सप्ताह से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का विरोध कर रहे थे किसान

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान पिछले एक सप्ताह से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का भी विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन को लेकर गलत टिप्पणी की थी। इसी वजह से किसान उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए खीरी के पास के ही कस्बे तिकुनिया में हैलीपैड के पास इकट्ठे हुए थे। विरोध की आशंका को देखते हुए उप-मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से न आकर सड़क मार्ग से खीरी पहुंचे। उन्होंने दोपहर करीब 12 बजे विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।

इसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर में एक दंगल का उद्घाटन करने जाना था। रास्ते में तिकुनिया में ही लखीमपुर और आसपास के जिलों के किसान विरोध करने के लिए भारी संख्या इकट्ठा हो गए। इस वजह से उप-मुख्यमंत्री का रूट डायवर्ट कर दिया गया लेकिन केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र अपने काफिले के साथ तिकुनिया के मार्ग से ही गुजरे।

तिकुनिया विद्युत उपकेंद्र के पास इकट्ठे हुए किसानों और आशीष मिश्र के बीच झड़प हो गई। किसानों नेताओं का आरोप है कि इसी दौरान आशीष ने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। इस दौरान घायल हुए किसानों में से गुरविंदर सिंह निवासी नानपारा (बहराइच) के गांव मोहनिया, दलजीत सिंह नानपारा के ही गांव बंजारा टांडा और खीरी की पलिया तहसील के गांव चौगड़ा फार्म निवासी 25 वर्षीय लवप्रीत सिंह की मौत हो गई।

इसके बाद किसानों ने काफिले की दोनों गाड़ियों पर धावा बोल दिया और गाड़ी में मौजूद सभी लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष ने खेतों में घुसकर जान बचाई। वहीं आशीष के चालक हरिओम को किसानों ने घेर लिया और जमकर मारपीट की।

हंगामे की सूचना पाते ही उप-मुख्यमंत्री मौर्य बनवीरपुर गांव के बीच रास्ते ही लौटकर बेलरायां में गेस्ट हाउस पहुंच गए। शासन ने पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों को मौके पर भेज दिया। इसी बीच गाजीपुर (दिल्ली) की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसान नेता राकेश टिकैत ने लखीमपुर कूच की घोषणा कर दी। इसके बाद किसानों ने तिकुनियां के अग्रसेन इंटर कॉलेज में इकट्ठा होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो किसानों के शव के साथ देर शाम तक डटे रहे। किसानों ने केंद्रीय मंत्री के बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज गिरफ्तारी की मांग रख दी।

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