February 26, 2021

Such Ke Sath

सच के साथ – समाचार

यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट, अखिलेश यादव का तंज- विदाई बजट रुला गया

  • पूर्व सीएम ने ट्वीट कर किया तंज
  • कहा- खाली रह गए सबके हाथ

लखनऊ |उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने 22 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया. यूपी सरकार ने करीब 5 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का बजट पेश किया. अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में योगी सरकार ने बजट को लोकलुभावन बनाने के लिए कई ऐलान किए हैं.

यूपी की योगी सरकार के बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज किया है. अखिलेश यादव ने ट्वीट कर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से पेश बजट पर तंज किया है. पूर्व सीएम अखिलेश ने कहा है कि पेपरलेस बजट में किसान, मजदूर, युवा, नारी और कारोबारी किसी के भी हाथ कुछ नहीं आया. सबके हाथ खाली रह गए.

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का यह विदाई बजट सबको रुला गया. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यह ट्वीट ‘नहीं चाहिए भाजपा’ हैशटैग के साथ किया है. गौरतलब है कि यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में ये बजट, योगी सरकार के इस कार्यकाल का अंतिम बजट माना जा रहा है.

बता दें कि योगी सरकार ने इसबार 5 लाख 50 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का पेपरलेस बजट पेश किया. यह यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बजट की तारीफ करते हुए ट्वीट कर कहा था कि वैश्विक महामारी कोरोना की त्रासदी के बीच यह बजट आशा, ऊर्जा और यूपी की नई संभावनाओं को नई उड़ान देता है.

समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने देश में महंगाई को लेकर BJP पर तंज कसते हुए रविवार को कहा कि जो 70 साल में नहीं हुआ, वह भाजपा ने एक साल में कर दिखाया. अखिलेश ने कहा, ”भाजपा सरकार में पेट्रोल-डीजल के दाम इतने बढ़ गए हैं कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के निकट सीमावर्ती इलाकों के लोग नेपाल जाकर तेल भरवाने को मजबूर हैं. महंगाई कम करने के नाम पर वोट लेने के बाद क्यों महंगाई की आग में जला रही है भाजपा? जो महंगाई 70 सालों में भी नहीं आई, उसे भाजपा सरकार ने साल भर में कर डाला.”

अखिलेश यादव ने आगे कहा, ”विकास के नाम पर विनाश का तांडव मचाने वालों ने जनता को महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की आग में झोंक दिया है. अब जनता भाजपा को हमेशा के लिए छुट्टी देने के लिए तैयार बैठी है.” अखिलेश ने इल्जाम लगाया कि कानपुर में शौचालय निर्माण के लिए अपनी बुजुर्ग मां को गोद में लिए सरकारी महकमों के चक्कर लगा रहा बेटा ”स्वच्छ भारत” के नाम पर भाजपा सरकार में चल रहे महाभ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत है.

अर्थहीन बजट में किसान, रोजगार व महिला सुरक्षा नदारद : रामगोविंद

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने योगी सरकार के बजट को अर्थहीन और निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि महंगाई व मुद्रास्फीति जोड़कर देखें तो यह पिछले वर्ष के मुकाबले छोटा बजट है। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने का कोई उल्लेख नहीं है। बजट में किसानों की बिजली दरों में कमी, गन्ना मूल्य में वृद्धि, डीजल और रसोई गैस के मूल्य में कटौती का एलान नहीं है।

चौधरी ने मीडियाकर्मियों से कहा कि पिछले वर्ष 5.12 लाख करोड़ का बजट था, जबकि इस बार यह 5.50 लाख करोड़ का है। 2020-21 के सितंबर व अक्तूबर में मुद्रा स्फीति 7.6 फीसदी थी। इस लिहाज से बजट राशि 7.3 फीसदी अधिक होने का दावा ठीक नहीं है। सरकार ने बजट को समग्र विकास के लिए समर्पित तो बताया पर इसका अर्थ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले चार बजट में कोई विकास नहीं दिखाई दिया। यह बजट भी धरातल पर दिखाई नहीं देगा। इसीलिए पेपरलेस पेश किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि राज्यपाल का अभिभाषण क्यों पेपर लेस नहीं था। बजट में रोजगार, नौकरीपेशा व किसानों के लिए कुछ नहीं है। यह जनहित की उपेक्षा करने वाला बजट है। जो सरकार दो साल से दुग्ध समितियों को भुगतान नहीं कर सकी, तीन साल से गन्ना मूल्य बढ़ाने के साथ ही भुगतान नहीं कर सकी, उससे बजट में क्या उम्मीद की जा सकती है। सरकार ने पब्लिक के हाथ में झुनझुना पकड़ा दिया है।

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अपर्णा यादव ने श्रीराम मंदिर को दिया दान, अखिलेश यादव बोले- लोगों ने आपदा में भी अवसर ढूंढ लिया

लखनऊ| समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की बहू अपर्णा बिष्ट यादव (Aparna Bisht Yadav) ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर (Shriram Temple) के निर्माण के लिए 11 लाख 11 हजार रुपये का चंदा दिया है. दान के बाद अपर्णा ने कहा कि मैंने ये स्वेच्छा से किया है. मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी नहीं ले सकती.

 

‘अतीत कभी भी भविष्य के बराबर नहीं होता’

 

अपर्णा बिष्ट यादव (Aparna Bisht Yadav) ने कहा कि अतीत कभी भी भविष्य के बराबर नहीं होता है. उन्होंने कहा,’नेताजी के समय क्या हुआ, इस पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहती. बीता समय कभी भी भविष्य की बराबरी नहीं कर सकता. हम वर्तमान और भविष्य हैं. मैंने अपनी इच्छा से दान दिया है. मैं अपने परिवार द्वारा लिए फैसलों की जिम्मेदारी नहीं ले सकती. मेरा मानना है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को रामभक्त होना चाहिए.’

हमारे पूर्वजों ने राम जन्मभूमि की लड़ाई लड़ी’

 

अपर्णा (Aparna Bisht Yadav) ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने राम जन्मभूमि के लिए लड़ाई लड़ी. यह भी कहा कि भगवान राम हमारे देश का चरित्र निर्धारित करते हैं. हर भारतीय को जिम्मेदारी है कि वह खुद से आगे आकर जितना संभव हो, मंदिर के लिए उतना दान दे. बता दें कि अवध प्रांत के प्रचारक कौशल और कार्यवाह प्रशांत भाटिया शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के आवास पर पहुंचे थे. अपर्णा यादव ने प्रांत प्रचारक कौशल को राम मंदिर (Shriram Temple) निर्माण के लिए 11 लाख 11 हजार रुपये दान दिए।

अवसर ढूंढने वालों ने आपदा में मौका ढूंढ लिया’

इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राम मंदिर (Shriram Temple) के लिए चंदा जुटाने वालों को चंदाजीवी कहा था. अपर्णा बिष्ट यादव (Aparna Bisht Yadav) के श्रीराम मंदिर को दान दिए जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि अवसर ढूंढने वालों ने आपदा में मौका ढूंढ लिया है. बता दें कि अपर्णा बिष्ट यादव अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव की पत्नी हैं. प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं. मुलायम सिंह यादव ने यूपी का मुख्यमंत्री रहने के दौरान 1990 में अयोध्या पहुंचे कारसेवकों पर गोली चलवाई थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे.

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