June 29, 2022

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राजनीति शास्त्र में ऐसे बनाएं कैरियर्स

इन दिनों भारतीय राजनीति के साथ वैश्विक स्तर की राजनीति में युवाओं का रूझान बढ़ा है। बड़ी-बड़ी राजनैतिक पार्टियां युवा वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। ऐसे में राजनीति विज्ञान का स्कोप भी बढ़ा है। तमाम राजनीतिक दल अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए नए तरीके और आइडियाज पर काम कर रहे हैं। थिंक टैंक और संगठन तक में आधुनिक तौर तरीकों से बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की बाजार में मांग पैदा हो रही है जो इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझते हों या राजनीतिक समझ को बेहतर करने में सक्षम हों। पॉलिटिकल साइंटिस्ट और थिंक टैंक जैसे नये पदनामों के साथ राजनीति विज्ञान ने आधुनिक दुनिया में बेहतर करियर बनाने के ढेरों नए अवसर पैदा किए हैं।

 

इन क्षेत्रों में हैं अवसर

लॉ- (Law)

आप ग्रेजुएशन के बाद लॉ में भी अपना करियर बना सकते हैं। पॉलिटिकल साइंस का बैकग्राउंड लॉ करने के लिए अच्छा माना जाता है।

 

सिविल सर्विस- (Civil services)

आप सिविल सर्विस के एग्जाम में बैठ सकते हैं। पॉलिटिकल साइंस सिविल सेवा और राज्य सिविल परीक्षाओं में एक ऑपशनल सब्जेक्ट के तौर पर काफी लोकप्रिय है। आपके पास लॉ का ऑप्शन भी है।

 

 

राजनीतिक विश्लेषक

अगर आप राजनीति विज्ञान में पीजी की डिग्री हासिल कर लेते हैं तो आप राजनीतिक विश्लेषक बन सकते हैं। दूतावासों और एनजीओ में भी बेहतर अवसर हो सकते हैं। उच्च शिक्षा हासिल करके चुनाव विश्लेषक भी बना जा सकता है। कई राजनीतिक अनुसन्धान एवं विश्लेषण संस्थान में प्रतिष्ठित पदों पर कार्य करने का अवसर मिल सकता है।

 

 

शैक्षणिक योग्यता

बारहवीं के बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक डिग्री ली जा सकती है और उसके बाद स्नातकोत्तर किया जा सकता है। पीएचडी का विकल्प भी इसमें खुला है। जो विद्यार्थी कला क्षेत्र में स्नातक करना चाहते हैं, वे राजनीति विज्ञान में ऑनर्स कर सकते हैं या पास कोर्स में एक विषय के रूप में इसे रख सकते हैं।

 

 

अध्ययन का विस्तृत क्षेत्र

राजनीति विज्ञान एक सामाजिक अध्ययन है जो सरकार और राजनीति के अध्ययन से संबंधित है। राजनीति विज्ञान में ये तमाम बातें शामिल हैं। इसमें राजनीतिक चिंतन, राजनीतिक सिद्धांत, राजनीतिक दर्शन, राजनीतिक विचारधारा, संस्थागत या संरचनागत ढांचा, तुलनात्मक राजनीति, लोक प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय कानून और संगठन वगैरह की जानकारी दी जाती है।

 

सोशल सर्विस

पॉलिटिकल साइंस एक ऐसा सब्जेक्ट है, जो समाज सेवा के लिए प्रेरित करता है। समाज सेवा के जरिए जन प्रतिनिधि बना जा सकता है और लोकतंत्र को मजबूत करने में एक सशक्त भूमिका अदा की जा सकती है। पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएट होने पर एक बेहतर वक्ता और जनप्रतिनिधि बनने में सुविधा होती है।

 

एजुकेशन सेक्टर

अगर आप बीएड कर लेते हैं तो सरकारी या प्राइवेट स्कूल में इस सब्जेक्ट के टीचर बन सकते हैं। वहीं एमए करने के बाद नेट और पीएचडी करके किसी भी कॉलेज में लेक्चरर या प्रोफेसर भी बन सकते हैं।

 

मास कम्यूनिकेशन या जर्नलिज़्म

मास कम्युनिकेशन और पत्रकारिता का कोर्स करके प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नौकरी की तलाश की जा सकती है। इसके अलावा आप बैंक, ज्यूडिशियरी, विदेश सेवा, ह्यूमन राइट्स, एमबीए, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक रिलेशन में भी जॉब सर्च कर सकते हैं।

 

यहां से कर सकते हैं कोर्स

राजनीति विज्ञान में भारत के सभी राज्यों के लगभग सभी विश्वविद्यालय कोर्सेज का संचालन करते हैं। इनमें से प्रमुख विश्वविद्यालय हैं-

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय
लखनऊ यूनिवर्सिटी, लखनऊ
पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
हैदराबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद
कलकत्ता विश्वविद्यालय, प.बंगाल
बनारस हिंदु विश्वविद्यालय, वाराणसी
लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली
हिन्दू कॉलेज, दिल्ली
मिरांडा हाउस, दिल्ली

 

महत्व

राजनीति विज्ञान का महत्व इस तथ्य से प्रकट होता है कि आज राजनीतिक प्रक्रिया का अध्ययन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की राजनीति को समझने के लिए आवश्यक है।

 

 

विवेकशील व्यक्तित्व बनाती है राजनीति शास्त्र

लखनऊ स्थित श्रीजयनारायण पीजी कॉलेज के राजनीति शास्त्र के फैकल्टी बृजेश चंद्र मिश्र बताते हैं कि राजनीति शास्त्र से एमए करने के बाद पीजीटी की परीक्षा भी दे सकते हैं। इसकी परीक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा आयोग से होती है। इसके अलावा आईएएस पीसीएस रैंक के कॉम्पिटीटिव एग्जाम के लिए भी राजनीति शास्त्र महत्वपूर्ण है। इसमें राष्ट्रीय आंदोलन, मॉडर्न इतिहास, सोशल फिलॉसफी, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, रूस, चीन, जर्मनी और दूसरे देशों के पॉलिटिकल सिस्टम के बारे में भी पता चलता है। इसके अलावा एक विवेकशील और संतुलित व्यक्तित्व बनाने के लिए भी पॉलिटिकल साइंस महत्वपूर्ण हैं।

 

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