June 24, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

लेक्चर के दौरान मोबाइल में बिजी थे छात्र, प्रिंसिपल ने मंगवाया हथौड़ा और तोड़ डाले 16 फोन

बेंगलुरुः आज के समय में लोग मोबाइल और स्मार्टफोन के इस कद्र आदि हुए पड़े हैं कि एक-एक सेकंड में वो इसे चैक करते हैं कि कोई फोन या मैसेज तो नहीं आया है। कुछ लोगों की दिनचर्या तो मोबाइल के बिना पूरी भी नहीं होती और यह उनके रूटीन का एक हिस्सा बन गए हैं। इतना ही नहीं कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जिनकी नजरें अपने मोबाइल पर ही टिकी रहती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला एक कॉलेज में ,जहां छात्र पूरी तरह से मोबाइल में डूबे हुए थे और यह बात कॉलेज के प्रिंसिपल को नागववार गुजरी। प्रिंसिपल ने छात्रों के मोबाइल जब्त किए और उन्हें हथौड़े से तोड़ डाला। प्रिंसिपल का हथौड़े से मोबाइल तोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। मामला कर्नाटक के एमईएस चेतन्य पीयू कॉलेज का है।

 

 

प्रिंसिपल क्लासरूम में लेक्चर के दौरान छात्रों द्वारा मोबाइल इस्तेमाल से परेशान थे और उनके पास इसकी काफी शिकायतें भी आईं। उन्होंने छात्रों को चेतावनी दी थी कि अगर क्लास में लेक्चर के दौरान कोई भी स्टूडेंट मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया तो उसका फोन उसी समय जब्त करके तोड़ दिया जाएगा। कुछ छात्रों ने इस निर्देश को अनसुना करते हुए बेखौफ क्लास में लेक्चर के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल किया। यह देखकर प्रिंसिपल को इतना गुस्सा आ गया कि उन्होंने तुरंत हथौड़ा मंगवाया और जो छात्र मोबाइल में बिजी थे, उनसे फोन लेकर उसे तोड़ डाला।

 

images(156)

 

वहीं कॉलेज के अधिकारियों ने इस वायरल वीडियो पर कहा कि छात्रों को काफी बार चेतावनी दी गई थी लेकिन वे मान नहीं रहे थे, इतना ही नहीं कुछ छात्र तो मोबाइल का इस्तेमाल एक-दूसरे से चैंटिंग के लिए करते हैं, इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। क्लास रूम में 16 छात्रों के मोबाइल जब्त किए गए और हॉल में सभी बच्चों के सामने उन फोन को तोड़ दिया गया। वहीं कर्नाटक के कई शिक्षण संस्थानों ने प्रिंसिपल के इस कदम का समर्थन किया और कहा कि कॉलेजों में बच्चे अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशानिर्देश को हल्के में लेते हैं और अक्सर रुल्स तोड़ते हैं। कॉलेजों में ही नहीं बच्चे अब तो स्कूलों में भी चोरी से मोबाइल लाने लग गए हैं, परिजन भी इस ओर ध्यान नहीं देते, ऐसे में इस तरह के दंड सही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.