June 27, 2022

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संतकबीरनगर: 8 साल के मासूम कृष्णा हत्याकांड का हुआ खुलासा;पुलिस ने कहा- फिरौती के लिए नहीं, बल्कि सबक सिखाने के लिए की गई थी मासूम की हत्या

संतकबीरनगर 16 अप्रैल |संतकबीरनगर में घर के बाहर से गायब हुए मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जिसका शव कई टुकड़ो में बरामद हुआ था। पुलिस ने 24 घंटे में शुक्रवार को इस घटना का खुलासा किया है। खुलासे में पुलिस ने बताया है कि मासूम की हत्या फिरौती के लिए नहीं बल्कि अपमान का बदला और सबक सिखाने के लिए की गई थी। 15 लाख की फिरौती की मांग सिर्फ पीड़ित परिजन को गुमराह करने के लिए की गई थी। जिससे उनका शक किसी और की तरफ मोड़ा जा सके। इसमें दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

जनपद के मेंहदावल थाना क्षेत्र के करमैनी गांव स्थित मासूम कृष्णा हत्याकांड का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस टीम ने घटना में शामिल मुख्य हत्यारोपित व उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ ने शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में पूरे घटना का अनावरण किया। आईजी की तरफ से पूरे घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 50 हजार रूपए का पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया। गुरुवार को कृष्णा का शव गेहूं के खेत से बरामद हुआ था।

एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि 14 अप्रैल को थाना मेंहदावल क्षेत्र के करमैनी गांव वालों ने सूचना दी कि गांव से लगभग 800 मीटर दूर एक खेत में कंकाल पड़ा है। थाना मेंहदावल पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसको कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराई। ग्राम करमैनी के ही चंद्रभान ने शव की पहचान अपने आठ वर्षीय पुत्र कृष्णा के रूप में की। उसकी तहरीर के आधार पर पूर्व में दिनांक 06 अप्रैल को थाना मेंहदावल पर गुमशुदगी का अभियोग पंजीकृत किया गया था। प्रभारी निरीक्षक थाना मेंहदावल जयवर्धन सिंह व प्रभारी एसओजी धर्मेन्द्र कुमार सिंह की संयुक्त टीम को घटना का पर्दाफाश करने के लिए निर्देश दिया गया था। गठित टीम ने घटना में संलिप्त दयानन्द पुत्र जगदीश निवासी सेमराडांड़ी थाना फरेन्दा जनपद महराजगंज को करमैनी से गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद घटना में शामिल मुख्य अभियुक्त उपेन्द्र साहनी पुत्र रंगनाथ साहनी निवासी करमैनी को बेलौली बन्धे पर हुई मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। उसके पास से एक कट्टा 12 बोर व एक मिस कारतूस 12 बोर बरामद किया गया। जिससे आरोपित अभियुक्त ने पुलिस टीम पर फायरिंग किया था। साथ ही घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल बरामद किया गया।

मृतक मासूम कृष्णा
मृतक मासूम कृष्णा:फाइल फोटो

पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा :

एसपी ने बताया कि पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपित अभियुक्त दयानन्द ने बताया कि करमैनी गांव का उपेन्द्र साहनी उसका मित्र है। दोनों डीजे बजाने का काम करते हैं। उपेन्द्र साहनी के अनुसार गांव के चन्द्रभान ने उसको बेइज्जत करने के लिए गांव में तरह-तरह की अफवाह फैला कर बहुत अपमानित किया। इसके बाद दोनों पूरी योजना तैयार कर करमैनी बन्धे पर आए। यहां दयानंद रुक गया और उपेन्द्र साहनी गांव में गया। कुछ देर बाद 08-09 वर्ष के एक बच्चे के साथ आया। उसका नाम कृष्णा साहनी बताया और कहा कि इसी को ठिकाने लगाना है। इस पर बच्चा रोने लगा। उसको उठाकर पास स्थित सागौन के बगीचे के पास गेहूं के खेत में ले गए। वहां उपेन्द्र साहनी ने बच्चे का मुंह औऱ नाक दबाकर उसे मार डाला। उसके बाद गेहूं के खेत में ही बच्चे के शव को छोड़कर उपेन्द्र के घर गए। ज्यादा रात होने पर फिर वहां आकर शव को थोड़ा गड्डा खोदकर खेत में ही दबा दिया। इसके बाद वहां से अपने घर चले गए।

भ्रमित करने के लिए किया फोन :

एसपी ने बताया कि दयानंद के अनुसार घटना को डायवर्ट करने के लिए उपेन्द्र के बताए गए मोबाइल नंबर पर फोन करके करमैनी के किसी लंगड़े द्वारा घटना करने की बात बताई। पुलिस टीम दयानंद को लेकर करमैनी बेलौली बन्धे पर पहुंची थी कि अभियुक्त उपेन्द्र साहनी ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। लेकिन उसका फायर मिस हो गया। जिसके बाद उसकी घेराबन्दी कर उसे पकड़ लिया गया। उपेन्द्र साहनी ने पूछताछ में बताया कि पड़ोसी कृष्णा के पिता चन्द्रभान ने गांव में मेरे घर के बारे में अफवाह फैलाकर काफी अपमानित किया था। इससे आहत होकर योजनाबद्ध तरीके से सबक सिखाने की नीयत से अपने मित्र दयानन्द के साथ मिलकर उनके पुत्र कृष्णा साहनी की हत्या करने के बाद सागौन के बगीचे के बगल में गेहूं के खेत में शव छुपा दिया। घटना को डायवर्ट करने के लिए चन्द्रभान के मोबाइल पर अपने मित्र दयानन्द से फोन कराकर अपने गांव के कौशलेन्द्र पाण्डेय उर्फ लंगड़ा द्वारा घटना करने की बात बताई। जिससे मुझ पर किसी को शक न हो औऱ बच जाए।

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

6 अप्रैल को हुई मासूम कृष्णा की अपहरण के सूचना के बाद पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मासूम कृष्णा की पिता चंद्रभान के द्वारा पुलिस को फोन से मांगी गई फिरौती के बारे में बताया था। लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया था और उस नंबर की तत्काल छानबीन नही की गई। जिसका नतीजा उसके बेटे की सौ लाश मिली। मासूम के पिता ने पुलिस पर लापरवाही करने का आरोप लगाया था। इस मामले में अगर पुलिस पहले ही तत्परता दिखाई होती तो जो शायद मासूम कृष्णा की जान बच सकती थी।

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