November 30, 2020

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सच के साथ – समाचार

संपादकीय:अमीर करें और गरीब भरें

सच के साथ |हाल में आई अंतरराष्ट्रीय संस्था ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट से सामने आया कि दुनिया के सबसे अमीर एक फीसदी लोग जितना कार्बन उत्सर्जन करते हैं, वह दुनिया की आधी गरीब आबादी के उत्सर्जन से दोगुना है। इन नतीजों के आधार पर इस अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संस्था ने अमीरों पर कार्बन उत्सर्जन से संबंधित पाबंदियां लगाने की मांग की है। उसका सुझाव है कि विश्व में जलवायु परिवर्तन के मामले में सबकी भागीदारी तय की जाए। इसकी न्यायोचित व्यवस्था स्थापित करने के लिए सार्वजनिक ढांचों में निवेश बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में सुधार किया जाए। ऑक्सफैम ने 1990 से लेकर 2015 के बीच 25 सालों के आंकड़ों का अध्ययन किया। यह वही अवधि है जिसमें विश्व का कार्बन उत्सर्जन दोगुना हो गया। रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान विश्व के 10 फीसदी सबसे अमीर लोग ही कुल वैश्विक उत्सर्जन के आधे से भी अधिक (करीब 52 फीसदी) के लिए जिम्मेदार हैं। यहां तक कि विश्व के 15 फीसदी उत्सर्जन को रिसर्चरों ने केवल टॉप एक फीसदी अमीरों की गतिविधियों से जुड़ा पाया। वहीं दुनिया की आधी गरीब आबादी ने इसी अवधि में केवल 7 फीसदी उत्सर्जन किया, जबकि जलवायु परिवर्तन का सबसे बुरा असर दुनिया के गरीबों को ही झेलना पड़ा रहा है।

अमीरों और गरीबों के कार्बन उत्सर्जन में इतना बड़ा अंतर नजर आने का सबसे बड़ा कारण ट्रैफिक है। खासकर हवाई यात्रा से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव लाकर बहुत कुछ बदला जा सकता है। ऑक्सफैम ने स्टडी में पाया कि 2010 से 2018 के बीच एसयूवी गाड़ियां कार्बन उत्सर्जन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत रहीं। ऑक्सफैम का अनुमान है कि धरती के तापमान में बढ़ोत्तरी को 1.5 डिग्री तक सीमित रखने के वैश्विक लक्ष्य को पूरा करने के लिए सबसे अमीर 10 फीसदी आबादी को अपने उत्सर्जन को वर्तमान स्तर से 10 गुना नीचे लाना होगा। संस्था ने उचित ही कहा है कि अमीरों से अपनी इच्छा से व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाने की उम्मीद करना काफी नहीं होगा। इसकी कमान सरकारों को अपने हाथ में लेनी ही होगी। जलवायु से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मानना है कि नए और ऊंचे टैक्स लागू करने के लिए यह सबसे सही मौका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अतिरिक्त टैक्सों से होने वाली कमाई को दुनिया के सबसे गरीब लोगों की मदद में लगाया जा सकता है। यह न्याय की दिशा में कदम होगा।

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