July 7, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

साथ में अपना भी भला हो जाता है-क्या बुरा है:

अंग्रेजों ने गुलाम देश में रेल बिछा दी। इसलिए कि माल के आने-जाने में आसानी हो जाए। दूरदराज तक पहुंचना सुगम हो जाए। ज्यादा भला उनका हुआ, ब्रिटेन में बैठी उनकी कंपनियों का हुआ। लेकिन हम भारतवासियों का भी कुछ भला हो गया है। अच्छा है, क्या बुरा है?



इधर मुंबई की बेस्ट बसों में सीसीटीवी कैमरे के साथ फ्लैट स्कीन टीवी भी लग गए हैं। किस कंपनी के हैं, ध्यान से देखा नहीं है। शायद सैमसंग के हैं। लेकिन बस में टीवी के दो स्क्रीन देखने पर अच्छा लगा। दस मिनट का सफर पांच मिनट में कट गया। मंदी के दौर में कंपनी के फ्लैट टीवी स्क्रीन बिक गए। कई करोड़ की कमाई हो गई होगी। अपना क्या जाता है, जो गया बेस्ट और महाराष्ट्र सरकार के बजट से। सुरक्षा के साथ-साथ मनोरंजन का इंतजाम भी! खांसी को फांसी, सर्दी को तड़ीपार। एक रुपए में दो, दो रुपए में पांच। क्या बुरा है? कंपनी को फायदा हुआ तो अपन को भी तो कुछ मिल गया।




दिल्ली में फ्लाईओवर बन गए, सड़कें चौड़ी और चकाचक हो गईं। रेल सेवाएं बढ़ रही हैं। बिजली की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। ये सच है कि सारा कुछ प्रति किलोमीटर लागत घटाने के लिए हो रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त हो रहा है। मुंबई किसी दिन शांघाई बन जाएगा। विदेशी निवेशकों को भारत आने पर होम-सिकनेस नहीं महसूस होगी। ज्यादा फायदा उनका होगा। लेकिन अपुन को भी बहुत कुछ मिल जाएगा। अच्छा है। क्या बुरा है।




अपने गांव में चंद घंटों को बिजली आती है। काश, उद्योग-धंधे लग जाते। जमीन जाए तो चली जाए। सबको नहीं तो कुछ को तो रोज़गार मिलेगा। बाकी बहुत सारे उनको रोज़गार मिलने से बारोज़गार हो जाएंगे। हो सकता है कि उद्योग के लिए आ रही बिजली सबको मिलने लगे। क्या बुरा है। अच्छा है। रही-सही ज़मीन को रखकर क्या करेंगे? उसके न रहने से क्या फर्क पड़ेगा? कुछ होता-हवाता तो है नहीं। बहिला गाय या भैंस की तरह उसे पालते जाने का क्या फायदा। अब छोटी खेती-किसानी का ज़माना लद चुका है। हरिऔध ने कहा था कि उत्तम खेती, मध्यम बान, निपट चाकरी भीख निदान। लेकिन आज तो नौकरी-चाकरी में ही भलाई है। आखिर, औद्योगिकीकरण के अलावा कोई चारा भी तो नहीं है। मालिक बनने का हुनर है नहीं तो नौकरी ही सही। इसी में अपना भला है। क्या बुरा है?

3 thoughts on “साथ में अपना भी भला हो जाता है-क्या बुरा है:

  1. I am just writing to make you understand what a perfect experience my wife’s girl obtained using your webblog. She noticed so many pieces, which included what it is like to possess an excellent helping spirit to let other people with no trouble learn specific specialized things. You truly surpassed readers’ expected results. Thank you for providing these priceless, trusted, informative as well as fun tips about this topic to Lizeth.

  2. I’m just commenting to let you be aware of of the exceptional discovery my cousin’s child enjoyed going through your blog. She discovered a wide variety of details, most notably how it is like to have a very effective coaching heart to get many more effortlessly fully understand certain extremely tough matters. You actually did more than my desires. I appreciate you for displaying such helpful, healthy, educational and also cool guidance on that topic to Evelyn.

  3. I happen to be writing to make you understand what a useful experience our princess went through visiting yuor web blog. She realized too many things, with the inclusion of what it is like to possess an incredible teaching style to make the rest without problems understand various very confusing topics. You undoubtedly surpassed visitors’ expected results. Thanks for supplying those warm and friendly, trustworthy, revealing not to mention unique tips on your topic to Tanya.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may have missed

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.