February 27, 2021

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सिद्धार्थनगर: 24 वर्षीय माया चौधरी ने रोजगार के क्षेत्र में कामयाबी की गढ़ी नई इबारत

सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लॉक की चौखड़ा ग्राम पंचायत के मझउवा गांव की निवासिनी 24 वर्षीय माया चौधरी ने रोजगार के क्षेत्र में कामयाबी की नई इबारत गढ़ी है। लॉकडाउन के दौरान दिल्ली से पढ़ाई छोड़कर गांव लौटीं और नर्सरी, कंपोस्ट पिट और मछली पालन कर खुद के साथ 13 महिलाओं को भी रोजगार दिलाया।

हौसले अगर बुलंद हों तो रास्ते आसान हो जाते हैं और मंजिल तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती है। इस राह को तय करने की बीड़ा भनवापुर ब्लॉक के ग्राम मझउवा निवासी माया चौधरी ने उठाया। परास्नातक की पढ़ाई करने दिल्ली गई माया को लॉकडाउन पर घर लौटना पड़ा। यहां परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का फैसला लिया। पिता रामबहादुर चौधरी और बड़े भाई प्रदीप चौधरी ने प्रोत्साहन दिया तो माया ने एकता स्वयं सहायता समूह का गठन किया। इसमें 13 महिलाओं को सदस्य बनाया। समूह की मदद से सबसे पहले नर्सरी की स्थापना की, जिसमें 22 प्रजाति के पौधे हैं। इनमें फलदार पौधे अधिक हैं। इसके अलावा कंपोस्ट पिट, मछली पालन, मशरूम उत्पादन और कड़कनाथ मुर्गा पालन का भी कार्य शुरू किया। शुरूआती दौर में तो आर्थिक लाभ तो नहीं मिला लेकिन माया और महिलाओं की लगन से समूह बेहतरी की ओर अग्रसर है।

सीडीओ से मिला प्रोत्साहन

बीते दिनों माया चौधरी के प्रयासों की हकीकत जानने के लिए सीडीओ पुलकित गर्ग ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समूह के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में उठाए गए कदम की सराहना की। सीडीओ ने समूह की ओर से मशरूम की खेती के लिए स्पान मशीन, मुर्गी और बकरी पालन के लिए शेड का निर्माण मनरेगा से कराए जाने का निर्देश दिया।

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर खुद के साथ ही अन्य महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित की हूं। अब तक की सफलता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शेषमणि सिंह और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के अलावा कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिकों की भूमिका अहम है।- माया चौधरी

क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक

कृषि वैज्ञानिक डा. एलसी वर्मा, डा. डीपी सिंह, डा. प्रदीप कुमार व डा. एसएन सिंह का कहना है कि माया में अपार इच्छा शक्ति है। आसपास की महिलाएं उनसे काफी प्रेरित हैं। दुर्गावती, सुमन चौधरी, कैलाशी देवी, शकुंतला, मीरा, प्रभावती, अनीता, पटेश्वरी आदि महिलाएं भी इस व्यवसाय से प्रभावित होकर जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री कर चुके हैं सम्मानित

प्रगतिशील किसान के रूप में कम समय में पहचान बनाने वाली माया को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने व इसको बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित ने 20 दिसंबर 2020 को आचार्य नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज (अयोध्या) में किसान एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के दौरान सम्मानित किया था।

माया चौधरी ने कहा कि स्नातक की पढ़ाई के बाद रोजगार की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। दिल्ली गई तो लाकडाउन की वजह से वापस आना पड़ा। पिता राम बहादुर चौधरी, खंड विकास अधिकारी धनन्जय सिंह व अन्य स्टाफ, कृषि वैज्ञानिकों से सहयोग मिला तो गांव पर ही काम शुरू किया। इस व्यवसाय को बड़े पैमाने पर लेकर जाना और अन्य महिलाओं को इस दिशा में प्रेरित करना लक्ष्य है।

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