June 27, 2022

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सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा नींबू; जानिए क्यों हुआ ऐसा

Lemon Rate Increased 8 अप्रैल: गर्मियों में बढ़ते तापमान के बीच नींबू की डिमांड भी काफी बढ़ गई है. जिस कारण नींबू कई जगहों पर 300 रूपए प्रति किलो के पार हो गया है. हाल ये है कि कई जगहों पर 10 रुपए में सिर्फ एक नींबू ही मिल रहा है. दिल्ली के मार्केट में सब्जी विक्रेताओं की मानें तो बीते कुछ दिनों में नींबू के दामों में काफी इजाफा हुआ है. नोएडा में नींबू अलग अलग दामों में बिक रहा है, इसमें 240 रुपए से लेकर 280 रुपये प्रति किलो तक शामिल है. कुछ दुकानदारों का कहना है कि मंडियों में ही नींबू के दामों में काफी इजाफा हुआ है, बीते हफ्ते जो नींबू 200 रुपए प्रति किलो बिक रहा था वो अब 250 प्रति किलो के पार चला गया है.

 

दिल्ली की आईएनए मार्केट में नींबू के दाम 350 रुपए प्रति किलो तो वहीं नोएडा के बाजार में 80 रुपए के ढाई सौ ग्राम बिक रहा है. गाजीपुर स्थित सब्जी मंडी में दुकानदारों को 230 रुपये किलो दिया जा रहा है, इसके बाद ग्राहकों को बाजार में 280 रुपए प्रति किलो मिल रहा है. हालांकि नींबू भी दो तरह के बाजार में बिक रहे हैं, पहला हरा नींबू जिसके दाम 280 और दूसरा पीला नींबू जो कि 360 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.

 

एनसीआर क्षेत्र में सब्जी विक्रेता किशोर ने बताया कि, “आज ही 1250 रुपए के 5 किलो नींबू खरीद कर लाया हूं, इसके बाद अब यही नींबू बाजार में महंगा बिकेगा, क्योंकि हमें भी अपनी गाड़ी, पेट्रोल का खर्चा निकालना होगा. बीते एक हफ्ते में इन दामों में भारी इजाफा है और अन्य मंडियों में दुकानदारों के मुताबिक, आगामी कुछ दिनों तक नींबू के दामों में इसी तरह इजाफा होगा.”

कम फसल के अलावा महंगा ट्रांसपोर्ट वजह
बताया जा रहा है कि इस बार फसल कम होने के साथ ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आने वाले नींबू की महंगाई के लिए डीजल के भाव भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से माल भाड़े में भी 15% की बढ़ोतरी हो गई है। इससे नींबू की कीमत पर दोगुना असर हुआ है।

जानकारी के अनुसार, अक्सर गर्मियों में नींबू के दाम बढ़ जाते हैं, लेकिन बेमौसम बारिश से भी ये महंगा हो जाता है. वहीं मौसम में बदलाव के कारण भी नींबू के दामों में उछाल आया है. गर्मी में नींबू की पैदावार बढ़ने के साथ ही डिमांड भी बढ़ जाती है. व्यापारियों के अनुसार आमतौर पर गर्मी के मौसम में सब्जियों के भावों में उछाल आता है, लेकिन इस बार नींबू के भाव बढ़ने के दूसरे कई कारण हैं.

 

इसमें सबसे बड़ा कारण डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है. ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने के कारण और मंडियों में आवक घटने के कारण नींबू के भावों में बढ़ोतरी हो रही है.

 

नींबू विटामिन सी का बड़ा स्रोत होता है. नींबू शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ ही पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखता है. विटमिन सी से भरपूर नींबू का रस पीने से हृदय रोग होने का खतरा और दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम हो जाती है.

 

सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा नींबू
नींबू के दाम बढऩे से अब घरों के अलावा होटल व ढाबों से भी नींबू गायब हो गया है। स्थिति ये है कि घर, होटल व ढाबों पर भी सलाद से नींबू (जायका) कम हो गया है। होटल व ढाबा संचालक भी सलाद में नींबू का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं। वहीं गन्ने के रस, शिंकजी व सब्जियों में भी नींबू का उपयोग कम मात्रा में कर रहे हैं। इन दिनों नींबू सेब, अंगूर व अनार से भी महंगा बिक रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में नींबू की कीमत

शहर भाव (रुपए/किलोग्राम)
दिल्ली 350- 400 रुपए
भोपाल 300- 400 रुपए
जयपुर 350- 400 रुपए
लखनऊ 250 रुपए
मुंबई 300- 350 रुपए
रायपुर 200- 250 रुपए

4 कारण, जिन्होंने बढ़ाई नींबू की कीमत

  1. बेमौसम बारिश से खराब हुई फसल: मद्रास, महाराष्ट्र और गुजरात समेत देशभर के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से नींबू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। जरूरत के मुकाबले उत्पादन कम हुआ है, इसलिए कीमतें रिकॉर्ड तोड़ बढ़ी हैं।
  2. नवरात्र और रमजान में खपत ज्यादा: इस समय नवरात्र चल रहे हैं और रमजान का महीना है। व्रत और रोजे के दौरान भी नींबू का इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस समय उत्पादन कम है और डिमांड ज्यादा है।
  3. फ्यूल की कीमतों में वृद्धि: पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के साथ ही माल भाड़ा भी बढ़ गया है। इसका असर नींबू सहित सभी फल-सब्जियों की कीमतों में देखने का मिल रहा है।
  4. सीधे फैक्ट्रियों में डिलीवरी: सॉफ्ट ड्रिंक के साथ ही कई दवाइयों और फूड प्रोडक्ट में नींबू इस्तेमाल किया जाता है। खेतों से नींबू सीधा फैक्ट्रियों में पहुंच रहा है। इस वजह से भी आम जरूरत के मुताबिक नींबू बाजार तक नहीं पहुंच रहा है।

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