December 5, 2020

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हैवानियत:कानपुर में 7 साल की मासूम की रेप के बाद गला दबाकर हत्या की, निसंतान दंपती ने बच्ची का पेट फाड़कर खाया लिवर

कानपुर |कानपुर में दिवाली की रात हुई छह साल की बच्ची की हत्या मामले में पुलिस ने दिल को दहला देने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दंपती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्ची की हत्या काले जादू व तंत्र-मंत्र के चक्कर में हुई थी। दंपती की कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने भतीजे से बच्ची की हत्या कराई।

भतीजे ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पहले मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद लिवर निकालकर चाचा-चाची को दे दिया। चाचा-चाची ने लिवर का कुछ हिस्सा खाया और बाकी कुत्ते को खिला दिया था। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए दंपती ने भतीजे को 500 रुपए और उसके दोस्त को 1000 रुपए दिए थे।

पड़ोस की दुकान पर सामान लेने गई थी बच्ची, फिर नहीं लौटी
SP ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि घाटमपुर थाना क्षेत्र के भदरस गांव के एक शख्स की 7 साल की बेटी दिवाली पर शनिवार शाम पड़ोस की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजन रात में उसकी तलाश करते रहे, पुलिस को भी सूचना दी। सुबह काली मंदिर के पास कुछ लोगों को बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। शरीर पर कपड़े नहीं थे। पास में ही खून से सनी उसकी चप्पलें पड़ी थीं।

मौका-ए-वारदात पर पड़ताल में तंत्र-मंत्र के कारण वारदात को अंजाम देने अंदेशा जताया। ऐसा इसलिए, क्योंकि घटना दिवाली की रात की थी। इस दिन अघोरी साधना वाले अनुष्ठान करते हैं, दूसरा यह कि शव काली मंदिर के सामने मिला था। शरीर के कई अंदरूनी अंग भी गायब थे।

जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को मिली जानकारी
पड़ताल के दौरान पुलिस ने जानकारी के आधार पर पुलिस ने गांव के ही अंकुल और बीरन को हिरासत में ले लिया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ की। पहले तो दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन आखिरकार वे टूट गए और सच्चाई बयान कर दी। अंकुल ने बताया कि चाचा परशुराम ने हमें बताया था कि उसने एक किताब में पढ़ा है कि अगर किसी बच्ची का कलेजा (लिवर) वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर खाए तो संतान की प्राप्ति होगी।

इस तरह सामने आई हकीकत

जांच में जुटी पुलिस ने संदेह के आधार गांव के परशुराम को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। उसकी बातें सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। इसके बाद पुलिस ने परशुराम समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शव का पोस्टमार्टम कराने पर पता चला कि उसमें से दिल, फेफड़ा, किडनी, स्पलीन (तिल्ली), छोटी और बड़ी आंत गायब मिली। दुष्कर्म की जांच के लिए भी स्लाइड बनाई गई है।

इसके लिए परशुराम ने अंकुल को कुछ पैसे दिए। घटना को अंजाम देने के पहले अंकुल ने पहले अपने दोस्त बीरन के साथ शराब पी और फिर पड़ोस में ही रहने वाली बच्ची को पटाखा दिलाने के बहाने घर से लेकर आया। फिर जंगल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। बाद में पेट फाड़कर अंदर से सारे अंग निकाल लिए और परशुराम को ले जाकर दे दिए। अंकुल के मुताबिक, चाचा परशुराम ने चाची के साथ मिलकर बच्ची का कलेजा खाया और बाकी अंग कुत्ते को खिला दिए। फिर पॉलिथीन में बांधकर फेंक दिए। चाचा ने इस काम के लिए मुझे 500 और दोस्त बीरन कुरील को 1000 रुपए देकर तैयार किया था।

संतान की चाह में कलेजा लाने को भतीजे को किया था तैयार

SP ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि उसी गांव में रहने वाले परशुराम की शादी 1999 में हुई थी। लेकिन उसे कोई भी संतान नहीं थी। संतान की चाहत में उसने अपने भतीजे अंकुल को बच्ची का कलेजा लाने के लिए तैयार किया। घटना की पूरी जानकारी परशुराम व उसकी पत्नी सुनैना को भी थी। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। अभी दोनों से गहनता से पूछताछ की जा रही है और वहीं, अंकुल और वीरन कुरील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

इस तरह दिया घटना को अंजाम

एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची की हत्या निसंतान परशुराम ने कराई थी। उसने किसी किताब में बच्ची का लिवर और कलेजा खाने से संतान प्राप्ति की बात पढ़ी थी। गिरफ्तार युवकों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि बच्ची का अपहरण करने के बाद दोनों ने शराब पी। बच्ची को अगवा करने के बाद जंगल में ले जाकर पहले उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद चाकू से पेट काटकर अंग निकाले और चाचा परशुराम को दिये। उसने पत्नी सुनैना संग मिलकर बच्ची का कलेजा और लिवर कच्चा खा लिया। इसके बाद बचे हुए कुछ अंग कुत्तों को खिला दिए तो कुछ अंगों को पॉलीथिन में भरकर फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। पुलिस ने अंकुल व वीरन को गिरफ्तार करके हत्या, शव छिपाने, दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया है।

CM ने घटना का लिया था संज्ञान

घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया था। उन्होंने अफसरों को घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। जिसके चलते कानपुर की पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सोमवार देर रात घटना का खुलासा कर दिया है।वहीं, इस मामले में प्रदेश सरकार ने मृतक बच्ची के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजा देने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

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