Uncategorized

दुनिया में दो चीज़ें सबसे लचीली होती है पहली हवा दूसरा पानी

दुनिया में दो चीज़ें सबसे लचीली होती है पहली हवा दूसरा पानी ये कभी भी कहीं भी किधर भी कैसे भी मुड़ सकते है | ये जिस में मिल जाते हैं वैसे ही हो जाते हैं | हवा फूलों के साथ मिलेगी तो फूलों की महक चारों और फैला देगी | सडी गली चीज़ों में मिलेगी तो उनकी दुर्गन्ध दूर दूर तक फैलाएगी |

पानी रंग हींन होता है परन्तु जिसमे मिल जाता है वैसे ही रंग का हो जाता है | मनुष्य का स्वभाव भी ऐसा ही होता है जिसमे मिल जाता है वैसा ही बन जाता है | इसलिए हवा बनकर बहो लोगों की साँसे बनो फूल रूपी इंसानो के साथ मिलकर चारों और खुशबू बिखेरो वातावरण को सुगन्धित बनाओ | हवा पतंगों को आसमान की उचाइयों तक ले जाने में मदद करती हैं यदि आप भी चाहे तो लोगों को ऊपर उठने में , आसमान की उचाई छूने में उनकी मदद कर सकते हैं.

पानी लोगों को स्वच्छ और निर्मल बनाता है | गंदगी को दूर कर शुद्ध और साफ़ सुथरा बना देता है | पानी का आचरण सीखो लोगों की गंदगी दूर कर उनके दिलों से मेल निकलकर उन्हें साफ़ सुथरा बनाओ | पानी अपने रस्ते खुद बनाता है पानी को आज तक चट्टानें भी नहीं रोक सकी यह पानी की स्वाभाविक नरमाई है |

suchkesath.wordpress.com

यदि आप में नरमाई है विनम्रता है तो विपरीत परिस्थितितयों में भी दुनिया की कोई ताकत आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती | अपने आप को हवा की तरह बनाओ बिना इसके कोई भी जीवन जीने की कल्पना नहीं कर सकता | हर व्यक्ति को इसकी आवश्यकता है , ज़रुरत है | अपने आप को इस कदर बनाओ की आप हर व्यक्ति की ज़रुरत बन सको | हर किसी के जीवन को बचने में सक्षम हो सको | हर किसी के काम आ सको |

Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.