अच्छी सोच

भारतीय संविधान के रोचक FACTS, जानिए आपको मिले हैं ये खास अधिकार;

26 जनवरी को हम देश का 70 वां गणतंत्र दिवस मना लिया (2019)। लेकिन हमारे देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें हमारे संविधान और कानून की जानकारी नहीं है। हम यहां संविधान के उन पहलुओं के बारे में आपको बताएंगे जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी का कहना है कि कानून की कम जानकारी के कारण कई बार लोग मुसीबत का सामना करना पड़ता है। इन नियमों को जानने के बाद आप खुद की और दूसरों की मदद कर सकते हैं।
शाम को नहीं हो सकती महिलाओं की गिरफ्तारी
कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तारी नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों ना हो। अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।

 

सिलेंडर फटने पर कर सकते हैं बीमा क्लेम
अधिवक्ता बसंत पटेल के अनुसार पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण से आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है। गैस कंपनी से 40 लाख रुपए तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है। अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है।
पीने का पानी और टॉयलेट मुफ्त
अधिवक्ता राकेश बागरी के अनुसार इंडियन सीरीज एक्ट 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी होटल में जाकर पानी मांगकर पी सकते हैं। होटल का वाश रूम भी उपयोग कर सकते है। हॉटेल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नही सकते। अगर हॉटेल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाश रूम उपयोग करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है। आपकी शिकायत से उस होटल का लायसेंस रद्द हो सकता है।

 

गर्भवती को नहीं निकाल सकते नौकरी से
वकील अंकिता अग्रवाल के अनुसार मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के अनुसार गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। मालिक को पहले तीन महीने का नोटिस देना होगा और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्च का कुछ हिस्सा देना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोजग़ार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है। इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना अदा करना पड़ सकता है।
पुलिस शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकती
आईपीसी के सेक्शन 166 ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नही कर सकता। अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम छह महीने से लेकर एक साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है।

जानिए IPC की इन धाराओं के बारे में
– धारा 307 = हत्या की कोशिश

– धारा 302 = हत्या

– धारा 376 = बलात्कार

– धारा 395 = डकैती

– धारा 377 = अप्राकृतिक कृत्य

– धारा 396 = डकैती के दौरान हत्या

– धारा 120 = षडयंत्र रचना

– धारा 365 = अपहरण

– धारा 201 = सबूत मिटाना

– धारा 34 = सामान आशय

– धारा 412 = छीनाझपटी

– धारा 378 = चोरी

– धारा 141 = विधिविरुद्ध जमाव

– धारा 191 = मिथ्यासाक्ष्य देना

– धारा 300 = हत्या करना

– धारा 309 = आत्महत्या की कोशिश

– धारा 310 = ठगी करना

– धारा 312 = गर्भपात करना

– धारा 351 = हमला करना

– धारा 354 = स्त्री लज्जाभंग

– धारा 362 = अपहरण

– धारा 415 = छल करना

– धारा 445 = गृह भेदंन

– धारा 494 = पति/पत्नी के जीवनकाल में पुन:विवाह

– धारा 499 = मानहानि

– धारा 511 = आजीवन कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न के लिए दंड

 

 

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