बैंकिंग

नेट बैंकिंग क्या है आवेदन का तरीका, फायदे व नुकसान;

इस समय ऑनलाइन बैंकिंग एक बहुत बडी सुविधा के रूप में आई है. ऑनलाइन बैंकिंग के द्वारा हम घर बैठे इन्टरनेट की सहायता से अपना अकाउंट मैनेज, फण्ड ट्रांजक्शन, ऑनलाइन शौपिंग आदि बहुत आसानी से कर सकते हैं. यह सुविधा भारत के बड़े बैंकों में जैसे ‘भारतीय स्टेट बैंक’ में भी इसकी सुविधा ज़ारी कर दी गयी है. अतः स्टेट बैंक के ग्राहक अपने अकाउंट को ऑनलाइन करा सकते हैं. ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा पाने के लिए निम्न प्रक्रिया को पूरी करने की आवश्यकता होती है.

पिछले एक दशक से भारत में नेट बैंकिंग लाखों लोगों के लिए मौद्रिक लेन देन का स्वीकृत आदर्श बन गया है. आज कल हर क्षेत्र का डिजिटलीकरण हो रहा है इसमें बैंकिंग सेक्टर भी अछूता नहीं है. बैंक भी अब डिजिटलीकृत होते हुए अपने ग्राहकों को नेट बैंकिंग की सुविधाएँ और सेवाएं दे रहा है. इसमें कुछ सेवाओं में शामिल है इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन बिलों का भुगतान, निधि अंतरण, खाते का विवरण इत्यादि को देखना. ये सभी सुविधा का आनंद आप घर बैठे बिना बैंक में दौड़े नेट बैंकिंग के माध्यम से ले सकते है. निश्चित तौर पर इन्टरनेट बैंकिंग उपलब्धता ने हमारे जीवन को बैकिंग की सेवा के लिए आसान बना दिया है.

नेट बैंकिंग शुरू करने का तरीका (Apply for Net banking)

ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से खाता खोलना और इसको संचालित करना बहुत ही सुगम है.

नेट बैंकिंग को शुरू करने के लिए आपका अकाउंट जिस भी शाखा में खुला हुआ है, उस बैंक के शाखा में आपको सबसे पहले जाना पड़ेगा.
फिर वहा जा कर आपको रजिस्ट्रेशन के लिए एक आवेदन फॉर्म को भरना पड़ेगा, इस फॉर्म को भरके जमा करने के बाद बैंक के द्वारा आपको बैंक की वेबसाइट पर लॉग इन करने के लिए एक आई डी और पासवर्ड दिया जायेगा. इसका उपयोग जब आप बैंक की वेवसाइट पर लॉग इन करेंगे तब करना होगा.
ऑनलाइन खाते का उपयोग करने के लिए आपको जो पासवर्ड प्राप्त होता है, उसको सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए अच्छी तरह से संभाल कर रखना चाहिए.
लॉग इन करने के बाद जो भी आपको निर्देश मिले, उसे अच्छी तरह से पढ़ते हुए भरे. अगर आपको नेट बैंकिंग शुरू करने में किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो, तो आप बैंक के ग्राहक सेवा नम्बर पर फ़ोन कर अपनी समस्या को बता कर समाधान मांग सकते है.
खाते को इंटरनेट बेकिंग से लिंक कराने के लिए जरुरी दस्तावेज (Internet banking registration required document)

इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ने के लिए आपका अकाउंट नम्बर, सीआईएफ नम्बर, शाखा संख्या या नम्बर, एटीएम कार्ड का नम्बर, अगर हो, तो रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर ये सभी दस्तावेज़ आवश्यक है.
एसबीआई इन्टरनेट बैंकिंग शुरू करने की प्रक्रिया (SBI internet banking activation process)

एसबीआई इन्टरनेट बैंकिंग शुरू करने के लिए निम्न प्रक्रिया है :

सबसे पहले आप स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के ऑफिसियल वेबसाइट से इसके लिए आवश्यक आवेदन पत्र डाउनलोड करें. इस आवेदन पत्र को सही तरह से भर कर उसे स्टेट बैंक ब्रांच में जमा करें, जहाँ पर आपका खाता हो. ऑनलाइन आवेदन पत्र पाने के लिए दिए गये वेबसाइट पर विजिट करें : https://www.onlinesbi.com/sbijava/registrationforms_html
यदि आप ऑफलाइन की मदद से इन्टरनेट बैंकिंग की सुविधा चाहते हों तो, सबसे पहले अपने बैंक के ब्रांच में जा कर आवेदन पत्र उठायें.
इसे अच्छे से भर कर ब्रांच में जमा करें.
आवेदन पत्र जमा करने के सप्ताह- दो सप्ताह के अन्दर आपके पंजीकृत पते पर एक एन्वालोप की मदद से बैंक द्वारा एक पासवर्ड भेजा जाएगा.
अब एक स्टेट बैंक ऑनलाइन पोर्टल के लिए एक नयी यूजर आईडी बनाने की ज़रुरत होती है. इसके लिए आप https://www.onlinesbi.com/ पर विजिट करें.
उपरोक्त वेबसाइट पर दिए गये लॉग इन बटन पर क्लिक करें.
इस बटन पर क्लिक करते हुए ही एक नया पॉप अप विंडो खुल जाएगा जहाँ पर अंग्रेगी में एक सन्देश लिखा होगा. वो संदेश इस प्रकार होगा : ‘Please Ensure the following before logging in’.
इसे अच्छे से पढ़ लेने के बाद ‘continue to login’ पर क्लिक करें.
उपरोक्त विकल्प पर क्लिक करते ही एक और नया विंडो खुलेगा, जहाँ पर आपको वो यूजर नेम और पासवर्ड डालने होंगे, जो बैंक द्वारा आपको दिया गया था.
उसे डालने के बाद ‘लॉग इन’ बटन पर क्लिक करें. एक बार लॉग इन हो जाने के बाद आप अपना यूजर आईडी और पासवर्ड अपनी सहूलियत के मुताबिक बदल सकते हैं.
इस तरह आपके अकाउंट में ऑनलाइन इन्टरनेट बैंकिंग सेवा शुरू हो जायेगी.

नेट बैंकिंग के फ़ायदे (Net banking advantages)

इंटरनेट बैंकिग के बहुत सारे फ़ायदे है

इससे ग्राहक आसानी से अपना खाता देख सकते है, ऑनलाइन भुगतान कर सकते है.
ऑनलाइन खाते का उपयोग आसानी से किया जा सकता है, इसके लिए अब आपको किसी भी तरह की बिल भुगतान की रसीद को संभाल के रखने की जरुरत नहीं है, क्योकि जब भी आप ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करते है, तो आप आसानी से अपने किये हुए ट्रांसएक्शन को देख सकते है. यह सुविधा आपको ऑनलाइन चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी.
आप कभी भी कही से भी अपने बैंक का काम कर सकते है, इसके लिए बस आपको इंटरनेट के कनेक्शन की आवश्यकता पड़ेगी.

 

इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग का ये भी फ़ायदा है, कि जब बैंक बंद हो या किसी भी तरह की छुट्टी हो, तो भी आपको अपने पैसे के लेन देन के लिए बैंक के खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. आप अपने कार्य को तेजी के साथ आसानी से कर सकते है.
नेट बैंकिग का ये भी फ़ायदा है कि जब भी आप पैसे की निकासी करते है, तो आपके मोबाइल पर तुरंत इसकी सुचना आ जाती है, जिस वजह से आप अपने खाते की निगरानी आसानी से कर सकते है.
इसका फ़ायदा ये भी है कि जब भी आपको ऐसा लगे कि पैसों की गलत निकासी हो रही है या किसी भी तरह की धोखाधड़ी हो रही है तो इसकी सुचना आपको तुरंत मिल जाएगी और आप होने वाले खतरे से पहले ही सावधान हो जायेंगे. साथ ही आपको बैंक के माध्यम से हमेशा जरुरी सूचनाये मिलती रहेंगी, जिसमे शामिल है ऋण, निवेश विकल्प और भी इसी तरह की सुचना, जिसके बारे में जान कर आप अपने जरुरत के हिसाब से बिना समय को गवाए निवेश या ऋण प्राप्त कर सकेंगे.
नेट बैंकिग के उपयोग से ग्राहकों को तो फ़ायदे होते ही है, बैंक को भी इसका काफ़ी लाभ मिलता है. उन्हें ग्राहकों के भीड़ से निपटने के लिए अधिक कर्मचारियों की जरुरत नहीं पड़ती है, जोकि बैंक के लिए वित्तीय रूप से लाभप्रद होता है.
बैंक के जो पैसे यहाँ बचते है, उससे ग्राहकों को फ़ायदा भी हो सकता है, जैसे कि बैंक जमाकर्ताओ के ब्याज की दर के बढ़ने से, लोन की दर को कम कर देने से आदि.
नेट बैंकिग को प्रोत्साहित करने के लिए ज्यादातर बैंक कोई राशी नहीं लेते है. साथ ही अगर आपने फिक्स्ड डिपॉजिट्स को जल्द ही तोड़ दिया, तो इसके लिए भी कम दंड राशी का भुगतान करना पड़ता है.
नेट बैंकिंग के नुकसान (Net banking disadvantages)

इन्टरनेट बैंकिंग के जहाँ फ़ायदे है, वही इसके कुछ नुकसान भी है. किसी भी चीज के दो पक्ष होते है फ़ायदे और नुकसान का पक्ष. इंटरनेट बैंकिंग भी इससे अछूता नहीं है. नेट बैंकिग के नुकसान को हम निम्न रूप में वर्णित कर रहे है –

जो भी व्यक्ति पहली बार नेट बैंकिंग का उपयोग करने जाता है उसके लिए ये थोडा समझने में मुश्किल होता है. हालाँकि कुछ बैंको की वेबसाइट ऑनलाइन बैंकिग की शुरुआत करने के लिए डेमों प्रदान करती है, लेकिन सभी बैंक इस तरह की सुविधा नहीं देते, इसलिए जो नए व्यक्ति है शुरूआती दौर में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
अगर आपके पास इंटरनेट का कनेक्शन नहीं है, तो आपके लिए ऑनलाइन या नेट बैंकिंग जैसी सुविधा का कोई ज्यादा उपयोग नहीं हो पायेगा.
इंटरनेट के माध्यम से अगर हम पैसों का लेन देन करते है अर्थात किसी भी तरह का ट्रांजेक्सन करते है, तो हो सकता है कि किसी अनधिकृत व्यक्ति के द्वारा आपके अकाउंट को हैक कर लिया जाये. ये समस्या नेट बैंकिग के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है. जिस वजह से उपभोक्ता को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पासवर्ड को सुरक्षित अगर आपने नहीं रखा, तो ये भी नेट बैंकिग माध्यम में आपको नुकसान पहुचा सकते है. अगर किसी भी व्यक्ति को आपके द्वारा इस्तेमाल किये गए पासवर्ड का पता चल जाता है, तो वो व्यक्ति आपके पासवर्ड का इस्तेमाल करके इसका दुरूपयोग कर आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है.
जब आपको नेट बैंकिंग की जरुरत हो, तो हो सकता है उस वक्त सर्वर डाउन हो तब आप उस वक्त नेट बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं कर सकते है. साथ ही कभी कभी ऐसी भी समस्या आती है कि जब आप पैसों का लेन देन कर रहे हो और बीच में ही इंटरनेट कनेक्शन की गति धीमी हो जाये या सर्वर डाउन हो जाये तो भी ये आपको नुकसान पंहुचा सकता है.

https://suchkesath.wordpress.com

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इन्टरनेट बैंकिंग शुरू करने पर सावधानियां (Internet banking activation precaution)

ऑनलाइन बैंकिंग करते हुए कुछ विशेष बातें ध्यान में रखनी बेहद ज़रूरी है.

आप अपने ऑनलाइन बैंकिंग की डिटेल किसी को भी न दें. जिस डिवाइस से आप इन्टरनेट बैंकिंग कर रहे हैं मसलन कंप्यूटर, लैपटॉप अथवा मोबाइल उसमे लाइसेंस प्राप्त एंटीवायरस रखें, जो आपके सभी डिटेल को सुरक्षित रखेगा.
जिस समय इन्टरनेट बैंकिंग की आवश्यकता नहीं हो, उस समय या तो लॉगआउट कर लें अथवा इन्टरनेट ऑफ कर दें.
इन्टरनेट बैंकिंग के लॉग इन के लिए पब्लिक कंप्यूटर का इस्तेमाल न करना ही बेहतर होता है. साथ ही एक नियमित समय पर पासवर्ड बदलते रहें.
सरकार द्वारा कैश लेस की नीति को ध्यान में रखते हुए सभी बैंक अपने ग्राहकोंके सेविंग अकाउंट को इंटरनेट के माध्यम से लिंक करने की सलाह दे रहे है. सरकार इस योजना के माध्यम से चाहती है कि भारत में भी रुपे कार्ड के महत्व की जानकारी उपयोग का ज्यादा हो और इसे व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल किया जाये. साथ ही डिजिटल लेन देन के माध्यम से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाया जा सकता है. इंटरनेट बैंकिंग के आने से वितीय लेन देन में पारदर्शिता आ जाएगी. सरकार की योजना के अनुसार 31 मार्च 2017 तक सभी बैकों को अपने ग्राहकों को इंटरनेट सुविधा का लाभ उठाने के लिए सारे अकाउंट को इससे लिंक कराने या जोड़ने का निर्देश दिया गया था, इस तरह की योजना का विस्तार करके सरकार डिजिटल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिग इ पर्स, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड इत्यादि को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है.

और आज परिणाम हम सभी के सामने है।

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