अच्छी सोच

डॉक्टर पर्चे पर आखिर क्यों लिखते हैं Rx ?

अक्सर डॉक्टरों को दवाई का पर्चा लिखते वक्त आपने उसके सबसे ऊपर Rx लिखते हुए देखा होगा। जाहिर है आपके दिमाग में ये सवाल भी आया होगा कि ऐसा क्यों लिखा जाता है। अगर आपको नहीं पता कि दवाई के पैकेट और डाक्टर के पर्चे पर Rx क्यों लिखा जाता है तो चलिए हम आपको बता देते हैं।

 

लैटिन भाषा में Rx एक चिन्ह है जिसका अंग्रेजी में मतलब Take होता है। इस हिसाब से इसका मतलब हुआ ‘लेना’। इसका एक सीधा सा मतलब ये है कि डॉक्टर आपको वे दवाएं लेने के लिए कह रहा है।

 

ये तो एक सामान्य बात है जिन्होंने इसे थोड़ा सा भी जानने की कोशिश की है वे इसे आपको आसानी से बता देंगे। लेकिन अब हम आपको बताने जा रहे Rx के पीछे वो कहानी जिसे आपको कई डॉक्टर्स खुद भी नहीं बता पाएंगे।

 

बता दें चिकित्सा के क्षेत्र में यूनान यानि मिस्त्र का बहुत योगदान है। दअरअसल मिस्त्र के ही एक देवता हैं होरस जिनकी आंख Rx की तरह है। उनकी इस आंख को अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है और इसलिए एक वजह ये भी है कि डॉक्टर पर्चे पर Rx लिखते हैं लेकिन कई डाक्टरों को भी इस बारे में नहीं पता है।

 

2100 ई. पू. के आसपास की मेसोपोटामिया सभ्यता की खोज से इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि उस वक्त तक मिस्त्र में दवा के रुप में गोलियों का उपयोग होने लगा था जबकि पहला दवाखाना 8वीं शताब्दी में बगदाद में खोला गया था। अमेरिका में पहला दवाखाना 17 वीं शताब्दी में खोला गया था। 1821 में संयुक्त राज्य अमेरिका में ही दुनिया का पहला फार्मेसी कॉलेज खुला था।

 

दवाई के पर्ची पर डॉक्‍टर द्वारा लिखी गई लिखावट के लिए तो हर किसी का यही कहना होता है कि क्‍या लिखा है कुछ समझ नहीं आ रहा है या फिर कितनी खराब लिखावट है डॉक्‍टर की। डॉक्‍टर्स कई बार शॉर्टकट में भी पर्चे पर लिख देते है। दरअसल डॉक्‍टर की लिखावट में छुपे होते है कई राज।
आज हम आपको बताते है कि आखिर क्‍या लिखते है । इनमे से प्रमुख शब्द है…

Rx= उपचार
q= प्रत्येक
qD= प्रतिदिन
qOD= हर एक दिन छोड़कर
qH= हर घंटे
S= के बिना
C= के साथ
SOS= जरूरत पड़ने पर
AC= भोजन से पहले
PC= भोजन के बाद
BID= दिन में दो बार
TID= दिन में तीन बार
QID= दिन में चार बार
OD= दिन में एक बार
BT= सोते समय
BBF= नाश्ते से पहले
BD= रात को भोजन से पहले
Tw= हफ्ते में दो बार
QAM= हर सुबह
QP= हर रात
Q4H= हर चार घंटों में
HS= सोते समय

PRN= जरूरत के मुताबिक

प्रमुख डॉक्टरी संकेतो के भावार्थ निम्न है-

AC
अगर डॉक्‍टर ने पर्ची पर अंग्रेजी में AC लिखा है तो इसका मतलब है कि आपको दवा खाने से पहले लेनी है।
PC
पर्चे पर अगर आपको pc लिखा दिखाई दे रहा है तो उसका मतलब है कि आपको दवा खाने के बकाद लेनी है।
OD
इसका मतलब है कि आपको दवा दिन में एक बार ही लेनी है। अगर दवा एक से ज्‍यादा बार ली गई तो वो नुकसान कर सकती है।
BD/BDS
अगर डॉक्‍टर ने पर्चे पर bd/bds लिखा है तो इसका मतलब होती है कि दवा को दो ही बार लेना है। वहीं अगर TDS लिखा है तो इसका तमलब है कि दवा तीन बार लेनी है और अगर QTDS लिखा है ताक दवा को दिन में चार बार लेना होता है।
SOS
डॉक्‍टर जब नर्चे पर एसओएस लिखे तो इसका मतलब होता है कि दवा तका सेवन तब ही किया जाए जब किसी तरह की इमरजेंसी हो। जैसे ज्‍यादा दर्द हो रहा हो या दिक्‍कत ज्‍यादा महसूस हो रही हो।
Ad Lib
इसका मतलब होता है कि डॉक्‍टर ने जितनी मात्रा तया कर दी है दवा उतनी ही लो।
PO
इसका मतलब है कि दवा को किसी इंजेक्‍शन या अन्‍य तरीके से नहीं लेना है। उसको मुंह से ही लेना है।
GTT
इसका मतलब होता कि जो दवा है वो ड्रॉप्‍स हैं।

 

जानबूझकर गंदी लिखावट इसलिए लिखते हैं डॉक्टर, खुद बताया सच:-

डॉक्टरों की लिखावट को समझ पाना कभी-कभी इतना दूभर हो जाता है कि पर्ची पर आंखें गढ़ाने के बावजूद भी एक-दो अक्षर के अलावा कुछ समझ नहीं आता। इनकी लिखावट को जो समझ ले, उसे इस दुनिया के ज्ञानियों में शामिल किया जाए तो गलत नहीं होगा।

 

इनकी लिखावट को मेडिकल स्टोर वाले ही समझ पाते हैं, लेकिन कभी-कभी इनकी लिखावट इतनी खराब होती है कि मेडिकल वाले डॉक्टर द्वारा लिखे पहले अक्षर के मुताबित ही दवाईयां दे देते हैं, जिसके कारण बहुत बार गलत दवाई दे दी जाती है।

अब ये नीचे दिए गए फोटो को ही देखिए इसको भी बहराइच जिला उत्तर प्रदेश के किसी डॉक्टर ने ही लिखा है, अब इसमें कौन सी दवा इंजेक्शन लिखा है ये तो लिखने वाला ही बता सकता है, खैर जिस मरीज की ये दवा पर्ची है ईश्वर उसकी रक्षा करें उस मेडिकल स्टोर वाले से।

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आपके दिमाग में भी यह बात आती होगी कि आखिर इतने पढ़े-लिखे ये डॉक्टर इतनी गन्दी लिखावट में दवाई की पर्ची क्यों लिखते हैं?

इसके पीछे का जो कारण है वो मजाकिया नहीं, बल्कि थोडा संजीदा है। एक सर्वे रिपोर्ट में जब डॉक्टरों से उनकी इस गन्दी लिखावट का कारण पूछा गया तो उनका जवाब एक ही जैसा रहा।

 

डॉक्टरों का यही कहना रहा कि डॉक्टर बनने के लिए काफी सालों का परिश्रम लगता है। काफी कम समय में उन्हें कई परीक्षाएं देनी होती हैं। इसके चलते वह तेजी से लिखने लगते हैं। यही कारण है कि उनकी हैंड राइटिंग अजीब होती है। लेकिन मैं सहमत नहीं हुआ इसकी बातों से।

यहां आपको ये भी बताना जरूरी है कि हर साल डॉक्टर्स की गन्दी हैंडराइटिंग की वजह से लगभग 7 हजार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। डॉक्टर्स जो हैंड राइटिंग लिखते है वो मेडिकल स्टोर वाले को समझ में नहीं आती है। इस वजह से गलत दवाइयां मरीजों को दे दी जाती हैं।

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