क्राइम्स

गोरखपुर:झट चालान कर टॉरगेट पूरा कर वाहवाही लूटने वाले आरटीओ के जिम्मेदारों ने स्लीपर एसी बसों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर खामोशी ओढ़ ली

गोरखपुर:पैडलेगंज से नौसढ़ होते हुए सहजनवा के आधा दर्जन पेट्रोल पंप अस्थाई बस अड्डे बन गए हैं, पर आरटीओ के अफसर यह कहते हुए कार्रवाई नहीं कर रहे कि ‘चालान के समय गवाही की जरूरत रहती है। वो नहीं मिल रही।’

 

 

स्लीपर एसी बसों के संचालक दिवाली और छठ के बाद दिल्ली, जयपुर और कोटा आदि शहरों की वापसी कर रहे लोगों से तीन गुना किराया लूट रहे हैं। बकायदा ऑनलाइन पोर्टल पर मनमाने दाम में टिकटों की बुकिंग हो रही है। आरटीओ से लेकर ट्रैफिक पुलिस के सामने ये पेट्रोल पंपों से सवारी भर रहे हैं, पर जिम्मेदार कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। दिल्ली का किराया आम दिनों में 800 से 1000 रुपये रहता है, जो त्योहारों को देखते हुए 2500 रुपये तक पहुंच गया है। कोटा का किराया तो 5000 से 5500 रुपये तक पहुंच गया है। राजस्थान के एक विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अरूण पांडेय का कहना है कि सहूलियत के नाम संचालकों द्वारा मनमानी की जा रही है। किराये को लेकर अंकुश लगाया जा सकता है।

 
यात्रियों से खूलेआम लूट के बाद भी खामोशी ओढ़ने वाले आरटीओ के जिम्मेदार दलील दे रहे हैं कि चालान करते वक्त जरूरी होता है कि यात्री गवाही दें। उन्हें गवाही देनी होती है कि वह पार्टी बुकिंग में यात्रा नहीं कर रहे हैं। पर, वह गवाही देने से बचते हैं, जिसका लाभ बस संचालक उठाते हैं। दरअसल, आरटीओ के जिम्मेदार भले ही कार्रवाई नहीं करने को लेकर बहाने बनाएं पर हकीकत यह है कि वह कार्रवाई ही नहीं करना चाहते हैं।

 

 

सवाल यह है कि ऑनलाइन पोर्टल से ही जब साफ हो जाता है कि अलग-अलग स्थानों पर रहने वाले यात्रियों ने अलग-अलग स्थानों से टिकटों की बुकिंग की है। यात्रियों के पतों में भी भिन्नता होती है। आरटीओ के अधिकारी कार्रवाई करना चाहते तो आधार नंबर से लेकर अन्य परिचय पत्र के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। सवाल उठता है कि आखिर वह कौन सी वजह है कि सब कुछ आंख के सामने होने के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। दिल्ली जाने वाले बस के ड्राइवर रणजीत सिंह ने बताया कि आरटीओ के अधिकारी कार्रवाई करें तो भी हमें दिक्कत नहीं है। किसी भी दिक्कत पर हम मालिक को बता देते हैं। बाकी वह मैनेज कर लेता है।

 

 

रोज चल रहीं 50 बसें, 30 लाख से अधिक कमाई
पैडलेगंज से सहजनवा के आधा दर्जन पेट्रोल पंपों से 50 से अधिक लग्जरी एसी बसें संचालित हो रही हैं। दिल्ली, जयपुर और कोटा की तरफ जाने वाले स्लीपर बसें एक ट्रिप में 50 से 80 हजार रुपये की कमाई कर लेती हैं। रोडवेज के समानांतर बस सेवा संचालित करने के बाद भी डग्गामार बसें यूपी, राजस्थान से लेकर दिल्ली में फर्राटा भर रही हैं।

 

 

बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की कोई और वजह नहीं है। कुछ अधिकारी त्योहारों में छुट्टी पर गए हैं। स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की गवाही के साथ ही उनके परिचय पत्र के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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