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दिल्ली की हवा में जहर के बाद अब पानी भी सबसे खराब, मंत्री ने खुद किया खुलासा

नई दिल्ली:बीआईएस (BIS) यानी भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) ने पीने के पानी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. BIS ने दिल्ली (Delhi) सहित 20 राज्यों के कई शहरों के पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद शनिवार को एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में दिल्ली का पानी सबसे प्रदूषित पाया गया है. रिपोर्ट में साफ पानी के मामले में मुंबई पहले नंबर, हैदराबाद दूसरे नंबर और भुवनेश्वर तीसरे नंबर पर रहा. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने शनिवार को रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, ‘हमने सभी राज्यों को पत्र लिख कर पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कहा है. हम किसी भी राज्य सरकार को दोष नहीं दे रहे हैं. पानी को लेकर हमारे पास लगातार शिकायतें आ रही थी.’

 

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सबसे साफ पानी मुंबई का
बता दें कि दिल्ली और देश के 20 राज्यों की राजधानियों में पाइप के द्वारा सप्लाई होने वाले पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए भारतीय मानक ब्यूरो ने इन शहरों के विभिन्न इलाकों से पानी के नमूने जांच के लिए भेजे थे. केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने शनिवार को जांच रिपोर्ट जारी की है.

 

 

पासवान ने कहा, ‘पानी की शिकायतें देशभर से आ रही हैं, जो चिंता का विषय है. पिछले छह महीने से मंत्रालय की तरफ से कोशिश की जा रही है कि पानी की जांच का प्रयास किया जाए. दिल्ली में भी पानी में शिकायत में बाद कुछ सैम्पल की जांच की गई जो सही नहीं पाई गई है. दिल्ली सरकार ये न समझे कि इसके पीछे की मंशा राजनीतिक है. राज्यों की राजधानियों से पानी के सैम्पल की जांच कराई गई है.’ पासवान ने कहा, ‘गंदा पानी और प्रदूषण पर कुछ नहीं किया गया तो हम विश्व में पिछड़ जाएंगे. सभी राज्य सरकार को मैंने चिठ्टी भी लिखी है और कहा है कि हम किसी भी मदद के लिए तैयार हैं. देश की स्मार्ट सिटी और जिला लेवल पर भी हम जांच जल्द कराएंगे. मेरी कोशिश है कि 15 अगस्त 2020 तक जिला लेवल पर भी जांच हो.’

 

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने शनिवार को जांच रिपोर्ट जारी किया है.

 

BIS की जांच में मुंबई का पानी सबसे साफ पाया गया है. मुंबई के बाद हैदराबाद, भुवनेश्वर, रांची, रायपुर, अमरावती और शिमला का पानी साफ पाया गया है. बीआईएस ने प्रथम चरण में पीने योग्य पानी के नमूने दिल्ली के अलग-अलग जगहों से लिए और दूसरे चरण में 20 राज्यों की राजधानियों से नमूने लेकर भारतीय मानक 10500:2012 के अनुसार जांच करवाने को भेजा. जांच विभिन्न प्रकार के ओरगेनो लेंटिक, रसायनिक, टॉक्सिक प्रदार्थ, जीवाणुतत्व-पेरामीटर पर प्रथम चरण में करवाई गई. इन जांचों की सभी रिपोर्ट आ चुकी हैं. अधिकांश नमूने भारतीय मानक 10500:2012 के अंतर्गत तय किए गए एक या उससे अधिक पेरामीटर के हिसाब से फेल पाए गए हैं.

 

 

दिल्ली में सभी सैंपल बीआईएस के अनुरूप नहीं पाए गए
दिल्ली में सभी 11 नमूने भारतीय मानक के अनुरूप नहीं पाए गए. नमूने कई पेरामीटर में फेल पाए गए. मुंबई से लिए गए सभी 10 नमूने भारतीय मानक के अनुरूप पाए गए. हैदराबाद, भुवनेश्वर, रांची, रायपुर, अमरावती और शिमला, इन शहरों से लिए गए एक या उस से अधिक नमूने भारतीय मानक के अनुरूप नहीं पाए गए. 13 राज्यों की राजधानियों, चंडीगढ़, लखनऊ, थिरुवनन्तपुरम, पटना, भोपाल, गुवाहाटी, बेंगलोर, गांधीनगर, जम्मू, जयपुर, देहरादून, चेन्नई और कोलकाता से लिया गया एक भी नमूना भारतीय मानक के अनुरूप नहीं पाया गया.

 

तृतीय चरण में उत्तर पूर्वी राज्यों की राजधानियों और आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा चिन्हित स्मार्ट सिटी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं. इनकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. इन रिपोर्टों के 15 जनवरी 2020 तक आने की संभावना है. चतुर्थ चरण में सभी जिलों के मुख्यालयों से पीने योग्य पानी के नमूने लेकर उनकी जांच करवाने की योजना है जो 15 अगस्त 2020 तक संपन्न होने की संभावना है.

 

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