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मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने गोरखपुर में पिपराइच चीनी मिल के पेराई सत्र के लोकार्पण के मौके पर क्या कहा जानिए

गोरखपुर:मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने गोरखपुर में पिपराइच चीनी मिल के पेराई सत्र के लोकार्पण के मौके पर जनसभा में प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि पहले की सरकारें गन्‍ना किसानों को पाई-पाई के लिए तरसाती थीं। उनकी सरकार ने किसानों के 76 हजार करोड़ का रिकार्ड भुगतान किया। इतना कुछ प्रदेशों का पूरा बजट होता है। पूर्ववर्ती सरकारों ने चीनी मिलें बेचकर कमाई की। पिपराइच चीनी मिल पहले जब चलती थी तो उत्‍पादन आठ हजार कुंतल प्रतिदिन था अब यह 50 हजार कुंतल रोज होगा।

 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारे चीनी मिलों को बंद कर बेचती थी। लेकिन प्रदेश की भाजपा नेतृत्व की सरकार बंद चीनी मिलों को चलाने और नई चीनी मिले लगाने का काम कर रही हैं।
2008 से चीनी मिलों को पुर्नजीवित करने के लिए आंदोलन शुरू हुआ, पिपराइच चीनी मिल के पुराने प्रांगण में चीनी मिल को बचाने के लिए आदोलन करते थे। तत्कालीन संवेदनहीन सरकारें जिन्हें किसानों, नौजवानों, व्यापारियों की चिंता नहीं थी, औने-पौने दाम पर चीनी मिलों को बेच दिया। यह मामला अब भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लेकिन प्रदेश में जब भाजपा की सरकार आई, हमने बंद चीनी मिलों को चलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि पुरानी पिपराइच चीनी मिल की पेराई क्षमता पहले 8 हजार कुंतल थी, अब यह चीनी मिल 50 हजार कुंतल पेराई क्षमता के साथ संचालित होगी। यह चीनी मिल 27 मेगावॉट बिजली भी बनाएगी। इससे 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व भी हासिल होगा। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में यहां सल्फरलेस शुगर प्लांट, आसवानी और 120 केएलपीडी क्षमता की डिस्टलरी एवं गन्ने के जूस से एथेनॉल बनाने का प्लांट भी लगेगा।

 

 

ढाई साल में किसानों को 76 हजार करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया
सीएम ने कहा कि किसानों के पाई-पाई गन्ना मूल्य का भुगतान करने के लिए सरकार प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में किसान 6-6 वर्ष तक गन्ना मूल्य भुगतान के लिए तरसते थे। लेकिन ढाई साल की सरकार में अब तक 76 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जब दुनिया में मंदी है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम कम है, इन स्थितियों में भी प्रदेश में 76 हजार करोड़ रुपये से गन्ना मूल्य भुगतान से लोग हतप्रभ हैं। 76 हजार करोड़ प्रदेश के अंदर कई राज्यों का वार्षिक बजट भी नहीं होता है जितना की हमने किसानों को दे दिया है।

 

 

मिल बेच कर 50 हजार किसानों की खुशियां छीनी, हमले लौटाई
पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि एक चीनी मिल बंद होने का मतलब 50 हजार किसानों की खुशहाली छीन लेना, 1000 नौजवानों को नौकरी, 8 हजार नौजवानों को रोजगार से वंचित करना है। पिछली सरकारों में यही कार्य होता था। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार आई तो फिर ने नौजवानों को नौकरी, रोजगार और किसानों की खुशहाली लौटाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेता लल्लन त्रिपाठी, मनमोहन सिंह, आनंद सिंह, संघर्ष मणि त्रिपाठी समेत स्थानीय कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल के लिए संघर्ष किया था। उन सब का मंच से सीएम ने आभार जताया।

 

 

केंद्र सरकार ने देश की राजनीति का एजेंडा बदला
सीएम योगी ने कहा कि देश में आज राजनीति का एजेंडा बदला है। जिस देश में लोग जाति, मत, मजहब के आधार पर लोग योजनाएं बनाते थे। समाज को बांटने का काम करते थे, लेकिन मई 2014 में ‘सबका साथ और सबका विकास’ के नारे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनी। शपथ के समय उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस देश के अंदर व्यक्ति, जाति, मत और मजहब को देख कर नहीं, क्षेत्र और भाषा के आधार पर नहीं, बल्कि गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं को ध्यान में रख कर विकास की योजनाएं बनाएंगी। सीएम ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई मृद्रा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, न्यूनतम मूल्य के आधार पर किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित की। उन्होंने किसानों को खाद और बीज के भटकना न पड़े 6 हजार रुपये सालाना की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से ही प्रदेश में सरकार बनते ही किसानों के ऋण माफी योजना ला कर लघु सीमांत किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ किया। पिछले महीने बागपत में रमाला चीनी मिली को चलाने का सौभाग्य मिला, आज पिपराइच में भी चीनी मिल का लोकार्पण कर रहे हैं।

 

आज एम्स सिटी के गोरखपुर की पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण बंद खाद कारखाना शुरू हो रहा है। एम्स सिटी आज इसकी पहचान है। प्राकृतिक विरासत के रूप में पूर्वजों ने रामगढझील हमें दी थी। पूर्ववर्ती सरकारों में उसमे सीवर गिरता था, आज पयर्टन

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