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बस्ती: सीएम योगी आदित्य नाथ ने गुरुवार को मुंडेरवा में नवनिर्मित चीनी मिल और बिजली उत्पादन संयंत्र का किया शुभारंभ

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बस्ती: पूर्वांचल की प्रमुख मुंडेरवा चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरुआत गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती में कर दी। इस दौरान गन्ना मंत्री सुरेश राणा सहित चीनी निगम के उच्च अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने 116 करोड़ की 49 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंद हुई चीनी मिल को आज हमने चालू कर दिया। पहले यह चीनी मिल 8 हजार कुंतल की पेराई करती थी। अब नई चीनी मिल में 50 हजार कुंतल गन्ने के पेराई होगी। इस मिल को चलाने के लिए 27 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा, वहीं जो बिजली बचेगी उससे 30 करोड़ की मिल को आमदनी होगी। पहले चीनी मिलें बंद होती थीं, हमारी सरकार ने चीनी मिलों को चालू किया। इसके साथ ही सीएम ने कहा कि जो चीनी मिलें गन्ने का भुगतान करेंगे, हम उन्हें प्रोत्साहित करेंगे। वहीं जहां गन्ने का भुगतान नहीं होगा, उन मिलो की कुर्की की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं व महिलाओं के विकास के लिए संकल्पित है। सरकार विकास आपके द्वार की अवधावरणा को आत्मसात कर कार्य कर रही है। चीनी मिल व पावन प्लांट का शुभारंभ यहां के विकास का द्वार खोलने में सहायक साबित होगा। इससे किसानों के जीवनमें समृद्धि आएगी।

 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 20 वर्ष पहले मुंडेरवा चीनी मिल बंद हुई थी। इसके बाद तो यहां पर किसानों को आंदोलन करना पड़ा था। तीन किसानों ने किसानों के हितों के लिए बलि दी। उन्होंने कहा कि सपा और बसपा को कभी इस बात की फुर्सत नहीं थी कि किसानों की बात सुन सकें। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने प्रदेश की मिलों को बंद किया। अकेले पूर्वांचल की बारह चीनी मिले बंद हुई थीं। उन दलों ने जनता को वोट बैंक माना। जाति के नाम पर समाज को ताेड़ा। भाजपा जनता को जनार्दन मानती है। जनता के कल्याण के लिए कार्य भी कर रही है।

 

 

उन्होंने कहा कि लोग कहते थे कि मुंडेरवा चीनी मिल तथा खाद कारखाना कभी नहीं चलेगा। चुनाव में हम लोगों ने नारा दिया- मोदी है तो मुमकिन है। यह सिर्फ नारा नहीं हकीकत था। पूर्वांचल उद्योग में शून्य था लेकिन अब चीनी मिल, खाद कारखाना लग रहा है। सीएम ने कहा कि यहां का नौजवान रोजगार के लिए पलायन नहीं करेगा, जब यहां पर उद्योग लग जाएंगे। उन्होंने कहा बस्ती तो मेरे लिए घर जैसा है।

 

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अगले सत्र में सिद्धार्थनगर मेडिकल कालेज भी होगा शुरू

उन्‍होंने कहा कि मिल चलने से किसान समृद्ध होंगे, युवाओं को राेजगार भी मिलेगा। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को सिलसिलेवार गिनाते हुए कहा कि तीन साल के कार्य काल में प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 15 मेडिकल कालेज बनवाए जबकि आजादी के बाद मात्र 12 मेडिकल कालेज ही बन पाए थे। बस्ती मेडिकाल कालेज में आपीडी और प्रवेश शुरू हो चुका है। अगले सत्र में सिद्धार्थनगर मेडिकल कालेज भी शुरू हो जाएगा। सरकार ने गोरखपुर में एम्स की स्थापना की, खाद कारखाना भी शुरू होने के लिए तैयार है।

 

 

इसके पूर्व परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन कर 400 करोड़ की लागत व 5000 टीसीडी क्षमता वाली नई मिल का शुभारंभ किया। पूजन के बाद मिला का निरीक्षण किया, किसानों से मिले और उनकी समस्याओं से अवगत हुए। मिल के शुरू होने से किसानों के चेहरे पर चमक दिखी।

 

 

मिल शुरू होने से क्षेत्र के करीब चार हजार गन्ना किसानों को सीधे लाभ पहुंचेगा। किसान अपना उत्पाद मिल को बेच सकते हैं। क्षमता के अनुरूप पेराई होने पर लगभग सवा छह लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन होगा। मिल चलने से करीब दस हजार लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इससे बस्ती क्षेत्र की बेराेजगारी भी काफी हद तक कम होगी। मिल 27 मेगावाट क्षमता का बिजली संयत्र भी लगाया गया है। विद्युत उत्पाद व वितरण से लगभग 30 करोड़ का राजस्व भी प्राप्त होगा।

 

 

खत्म हुआ देश का कलंक

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सरकार ने कश्मीर से धारा 370 को खत्म कर देश के माथे पर लगे कलंक को मिटाने का कार्य किया है। अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाकर उच्चतम न्यायालय ने देश की न्याय प्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण दिया है। जनता जनार्दन ने भी इस फैसले को खुले दिल से स्वीकार देश की सहिष्णु संस्कृति का परिचय दिया है। सरकार देश को एकजुट करने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार के मजबबूत निर्णय से विश्व स्तर पर देश की साख मजबूत हुई है।

 

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पराली न जलाने का दिलाया संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेत में पराली जलाने से पर्यावरण और मिट्टी की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है। यह हमारे भविष्यके लिए घातक है। उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर पराली न जलाने का संकल्प लेनेकी बात कही तो भीड़ ने हाथ उठाकर ऐसा न करने का संकल्प जताया।

 

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